तंबाकू और पान मसाला पर सरकार का नया प्लान! केंद्र ला सकती है एनसीसीडी सेस
भारत सरकार अगले साल तंबाकू और पान मसाला पर एक नए राष्ट्रीय आपदा आकस्मिक शुल्क (एनसीसीडी) या केंद्रीय सेस की घोषणा करने की योजना बना सकती है. जानें इससे कीमतों में क्या होगा बदलाव.

Tobacco Tax India: भारत सरकार अगले साल तंबाकू और पान मसाला पर एक नए राष्ट्रीय आपदा आकस्मिक शुल्क (एनसीसीडी) या केंद्रीय सेस की घोषणा करने की योजना बना सकती है. टीवी 9 भारतवर्ष में छपे एक रिपोर्ट के अनुसार केंद्र सरकार इस बात को सुनिश्चित करना चाहती है कि, इन उत्पादों पर ओवरऑल इनडायरेक्ट टैक्स में कोई बदलाव ना हो.
जिसका मतलब है कि, अगले साल से तंबाकू और पान मसाला खानों वालों की जेब पर बोझ बढ़ने वाला है. सरकार इस नए शुल्क को मौजूदा सेस के तहत जीएसटी स्ट्रक्चर के बाहर रखने की योजना बना रही है. जिससे केंद्र सरकार को इस कदम के लिए जीएसटी काउंसिल की मंजूरी की आवश्यकता नहीं होगी. सरकार इस नए सेस को सीधे संसद से पारित करने का विचार कर रही हैं.
सरकार क्यों ले रही हैं फैसला?
मनी कंट्रोल से बातचीत के दौरान एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि, केंद्र सरकार की ओर से तंबाकू और पान मसाला जैसे सिन गुड प्रोडक्ट्स पर टैक्स का बोझ कम नहीं किया जाएगा. नए जीएसटी ढांचे में इन पर अधिकतम टैक्स सीमा 40 प्रतिशत रखी जाएगी. हालांकि, बाकी हिस्सा एक नए सेस या केंद्रीय शुल्क (जैसे एनसीसीडी) के जरिए बनाए रखा जाएगा, ताकि कुल टैक्स भार पहले जैसा बना रहे. इस वक्त तंबाकू पर कुल इनडायरेक्ट टैक्स करीब 53 फीसदी है, वहीं पान मसाला पर 88 प्रतिशत टैक्स सरकार के द्वारा ली जा रही है.
लेकिन नए जीएसटी रिफॉर्म के लागू होने के बाद, और जीएसटी लोन का भुगतान पूरा होने पर, यह दर घटकर 40 प्रतिशत तक होने की संभावना जताई जा रही है. अधिकारी ने आगे जानकारी देते हुए कहा कि, सरकार आगामी बजट में इस कमी को पूरा करने के लिए नए फैसले ले सकती है. नए सेस के रुप में इन सिन प्रोड्कट्स पर दवाब बढ़ा सकती है. ताकि, सरकार के टैक्स रेवेन्यू में भी कोई बदलाव ना आए.
एनसीसीडी और नया टैक्स प्लान
एनसीसीडी वित्त अधिनियम 2001 के तहत लगाया जाने वाला एक केंद्रीय टैक्स है. इसे केंद्र सरकार कुछ खास उत्पादों पर लागू करती है, जिससे आपदा राहत और आपातकालीन जरूरतों के लिए पैसे जुटाने का काम किया जाता है. सरकार रेवेन्यू लॉस से बचने के लिए नए सेस का ऐलान कर सकती है.
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Source: IOCL






















