अगर आपके पास अभी भी है 2000 रुपये का नोट, जरूर जान लें आ गया ये बड़ा अपडेट
सबसे खास बात ये है कि अब तक आरबीआई के पास दो हजार रुपये के 98 प्रतिशत नोट वापस आ गए हैं, जबकि सिर्फ 5, 669 करोड़ रुपये की वैल्यू के नोट ही अब सर्कुलेशन में बचा रह गया है.

अगर आपके पास अभी भी 2000 रुपये का नोट है, तो आने वाले समय में उसका इस्तेमाल करना लगातार मुश्किल होता जाएगा. नवंबर 2016 में सरकार ने नोटबंदी का ऐलान किया था, जिसके तहत रातों-रात 500 रुपये और 1000 रुपये के नोट चलन से बाहर हो गए थे. इसके बाद देशभर में नकदी की भारी कमी देखने को मिली थी. इसी संकट से निपटने और अर्थव्यवस्था में कैश सर्कुलेशन बढ़ाने के लिए सरकार 2000 रुपये का हाई वैल्यू नोट लेकर आई थी, ताकि लोग पुराने नोट आसानी से बदल सकें.
98 प्रतिशत नोट लौटे RBI के पास
2018-19 तक आते-आते देश में नकदी संकट खत्म हो गया, जिसके बाद भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 2000 रुपये के नोटों की छपाई बंद कर दी. इसके बाद मई 2023 में RBI ने क्लीन नोट पॉलिसी के तहत 2000 रुपये के नोट वापस लेने का ऐलान किया.
सबसे अहम बात यह है कि अब तक 2000 रुपये के करीब 98 प्रतिशत नोट RBI के पास लौट चुके हैं. फिलहाल केवल 5,669 करोड़ रुपये मूल्य के नोट ही बाजार में सर्कुलेशन में बचे हुए हैं. सुप्रीम कोर्ट के एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड बी. श्रवण्थ शंकर का कहना है कि साल 2026 तक 2000 रुपये के नोट कानूनी रूप से वैध मुद्रा बने रहेंगे, लेकिन व्यवहारिक रूप से उनका उपयोग काफी हद तक कम हो चुका है.
क्या आपके पास अभी भी 2000 रुपये का नोट है?
अगर आपके पास अभी भी 2000 रुपये का नोट है, तो वह कानूनी रूप से वैध है. हालांकि, 7 अक्टूबर 2023 के बाद से किसी भी सामान्य बैंक में 2000 रुपये के नोट का एक्सचेंज बंद कर दिया गया है. यानी अब आप बैंक जाकर इन नोटों को बदल नहीं सकते.
अब क्या है विकल्प?
हालांकि अभी भी एक रास्ता खुला है. आप RBI के 19 नामित (Designated) कार्यालयों में जाकर ₹2000 के नोट जमा कर सकते हैं. ये कार्यालय बेंगलुरु, अहमदाबाद, भोपाल, भुवनेश्वर, चंडीगढ़, चेन्नई, गुवाहाटी, हैदराबाद, जयपुर, जम्मू, कानपुर, कोलकाता, लखनऊ, मुंबई, नागपुर, नई दिल्ली, पटना, तिरुवनंतपुरम और बेलापुर में स्थित हैं.
2000 रुपये का नोट भले ही अब भी वैध हो, लेकिन उसका चलन लगभग खत्म हो चुका है. ऐसे में जिनके पास अभी भी ये नोट हैं, उनके लिए RBI कार्यालयों के जरिए इन्हें जमा कराना ही व्यावहारिक विकल्प बचा है.
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