त्योहारों पर अंधाधुंध खरीदारी, आमदनी पर EMI के बोझ से कैसे बचें?
कंज्यूमर ड्यूरेबल लोन लेते समय सिर्फ कम ईएमआई या जीरो कॉस्ट ऑफर न देखें. प्रोसेसिंग फीस, ब्याज, GST, जुर्माना और कुल भुगतान की जांच पूरी अच्छी तरीके से करें और अपनी आय के मुकाबले कुल EMI का बोझ समझें.

क्या आप भी इस त्योहार कुछ ऐसा लेना चाहते हैं जो लोन पर हो, तो लेते समय सिर्फ कम इमआई या जिरो-कोस्ट ऑफर को ही ना देखें. प्रोसेसिंग फीस, ब्याज, GST, जुर्माना और कुल भुगतान की जांच पुरी अच्छी तरीके से करें और अपनी आय के मुकाबले कुल ही EMI का बोझ उठायें.
टीवी, फ्रिज, मोबाइल और अन्य महंगे सामान खरीदने के लिए क्नजयुमर डयुरेबल लोन और इमआई का इस्तेमाल बढ़ रहा है. खासतौर पर पहली बार कर्ज लेने वाले लोगों के लिए ये लोन आसानी से उपलब्ध हो जाते हैं. CRIF हाई मार्क की सितंबर 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2026-27 के पहले के तीन महीने में नए-टू-क्रेडिट ग्राहकों के कुल लोन ओरिजिनेशन में क्नजयुमर डयुरेबल लोन की हिस्सेदारी 45.5 प्रतिशत मानी जा रही है.
कम EMI का मतलब हमेशा सस्ता लोन नहीं
कम मासिक किश्त देखकर लोन लेना आसान लग सकता है, लेकिन लंबी अवधि चुनने पर कुल ब्याज और दूसरे शुल्क बढ़ सकते हैं. वहीं, पहली बार कर्ज लेने वाले ग्राहक की एक EMI भी मिस होने पर उसके क्रेडिट स्कोर पर असर पड़ सकता है.
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Zero-cost EMI को भी ध्यान से समझें
कई कंपनियां जिरो-कोस्ट EMI का विकल्प देती हैं. इसमें ब्याज की रकम अक्सर निर्माता, दुकानदार या प्लेटफॉर्म की ओर से दी जाती है. हालांकि, ग्राहक को प्रोसेसिंग फीस, अन्य शुल्क या कैश डिस्काउंट छोड़ने के रूप में लागत उठानी पड़ सकती है. इसलिए केवल जीरो-कोस्ट देखकर फैसला नहीं करना चाहिए.
लोन लेने से पहले इन खर्चो की करें जांच
ग्राहक को ब्याज दर के साथ प्रोसेसिंग फीस,सुविधा शुल्क, GST, लेट पेमेंट फीस, बाउंस चार्जिस और प्रिपेमेंट चार्जिस भी देखना चाहिए. KFS में दिए गए कुल भुगतान और एनुउल प्रसंटेज रेट कि तुलना करना मददगार साबित हो सकता है.
कुल EMI आय के कितने हिस्से तक?
सूचनाओं के अनुसार सभी मौजूदा और नई EMI को मिलाकर मासिक टेक होम इन्कम के 40 प्रतिशत से ऊपर नहीं जाना चाहिए. इस सीमा को अधिकतम स्तर माना जाना चाहिए ना कि लक्ष्य. अगर EMI भरने के बाद घर के जरूरी खर्च और इमरजेंसी जरूरतों के लिए पर्याप्त पैसा नहीं बचता, तो खरीदारी टालना या बाद में करना वित्तीय दबाव कम कर दिया जा सकता है.
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