Metro News: अब वर्ल्ड बैंक के भरोसे दौड़ेगी गुरुग्राम मेट्रो, दोगुना हुआ बजट, जानें कितने हजार करोड़ होंगे खर्च
Haryana Cabinet: सीएम नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई हरियाणा कैबिनेट की मीटिंग में गुरुग्राम मेट्रो को लेकर महत्वपूर्ण फैसला लिया गया है. अब वर्ल्ड बैंक के भरोसे गुरुग्राम मेट्रो को चलाया जाएगा.

Gurugram Metro Update: सोमवार को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई हरियाणा कैबिनेट की मीटिंग में गुरुग्राम मेट्रो को लेकर अब एक बड़ा बदलाव करने का फैसला लिया गया है. जहां, गुरुग्राम मेट्रो के 'मिलेनियम सिटी सेंटर से साइबर सिटी' कॉरिडोर के लिए 10 266.54 करोड़ की संशोधित परियोजना लागत को हरियाणा सरकार ने मंजूरी दे दी है.
आखिर क्या है पूरा मामला?
सोमवार को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई हरियाणा कैबिनेट में 'मिलेनियम सिटी सेंटर से साइबर सिटी' कॉरिडोर के लिए 10 266.54 करोड़ की संशोधित परियोजना लागत को मंजूरी देने का बड़ा फैसला लिया गया है. जहां, यह राशि मूल रूप से स्वीकृत 5,452.72 करोड़ की लागत से सबसे ज्यादा दोगुनी बताई जा रही है. इतना ही नहीं, हरियाणा कैबिनेट ने रैपिड मेट्रो और गुरुग्राम रेलवे स्टेशन स्पुर के साथ विश्व बैंक के माध्यम से सॉफ्ट लोन के प्रस्ताव को भी हरी झंडी दिखाया है.
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लागत बढ़ने की क्या है असली वजह?
दरअसल, एक आधिकारिक प्रवक्ता के मुताबिक, 28.50 किमी लंबे इस कॉरिडोर जो (27 स्टेशनों वाली होगी) की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) को पहली बार अगस्त 2020 में ही मंजूरी दी गई थी. लेकिन, साल 2019 से 2023 के बीच हुई मूल्य वृद्धि, संशोधित जीएसटी (GST) दरें, अतिरिक्त बुनियादी ढांचे की जरूरतें, एलाइनमेंट योजना में बदलाव, डिपो सुविधाएं, रोलिंग स्टॉक और गुरुग्राम रेलवे स्टेशन के लिए नया मेट्रो स्पुर शामिल होने की वजह से लागत में यह भारी बढ़ोतरी देखने को मिली है.
अब विश्व बैंक से मिलेगा सॉफ्ट लोन
तो वहीं, दूसरी तरफ इस मूल बजट में 2,688.57 करोड़ का सॉफ्ट लोन शामिल था, जिसमें से 1,075.428 करोड़ विश्व बैंक और 1,613.14 करोड़ यूरोपीय निवेश बैंक (EIB) से लिया जाना था. लेकिन, EIB से मंजूरी मिलने में लगातार हो रही देरी की वजह से अब यह फैसला लिया गया है कि परियोजना समयसीमा पर कोई असर न पड़े, इसलिए EIB वाले हिस्से का भी अब विश्व बैंक ही करेगा.
परियोजना के सुचारू काम के लिए हरियाणा के नगर और ग्राम नियोजन विभाग के प्रशासनिक सचिव को नोडल अधिकारी नामित किया गया है. जहां, अब यह मेट्रो कॉरिडोर गुरुग्राम के सबसे व्यस्त शहरी हिस्सों को न सिर्फ जोड़ेगा बल्कि यात्रियों के सफर को पहले के मुताबिक और भी ज्यादा आसान बनाएगा.
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बुनियादी ढांचे में किए जाएंगे नए बदलाव
इसके अलावा हरियाणा कैबिनेट ने रैपिड मेट्रो के साथ सेक्टर-33 में 22.86 हेक्टेयर सरकारी भूमि पर डिपो और संबंधित सुविधाओं के विकास को भी हरी झंडी दिखाया है. इतना ही नहीं, मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने और यात्रियों के सफर को आराम दायक बनाने के लिए सेक्टर-5 स्टेशन से गुरुग्राम रेलवे स्टेशन तक 1.80 किमी लंबे प्रस्तावित मेट्रो स्पुर को भी आखिरी में मंजूरी दे दी गई है, जिससे बुनियादी ढांचे में अब पूरी तरह से बदलाव देखने को मिलेगा.
Source: IOCL

























