एक्सप्लोरर

Corpus For Kids Education: बच्चों की उच्च शिक्षा और उनके सुनहरे भविष्य के लिये अभी से तैयार करें Education Fund

How To Make Fund for Kids Education: महंगी हो रही शिक्षा के मद्देनजर बच्चों के higher education के लिये education corpus तैयार करना बेहद जरुरी है. अभी से इसकी तैयारी शुरू कर दें.

How To Make Corpus For Kids Education: शिक्षा भी महंगाई से अछूती नहीं है. इस वर्ष भी कई मेडिकल कॉलेजों ने अपनी फीस में अच्छा खासा इजाफा किया है. आज की तारीख में बच्चों के higher education के लिये education corpus तैयार करना बेहद जरुरी है. क्योंकि परिवार में  शादी के बाद किसी मद में सबसे ज्यादा खर्च होता है तो वो बच्चों के उच्च शिक्षा पर. भारत में शिक्षा का खर्च दिनों दिन बढ़ता जा रहा है, जो कि किसी भी अभिभावक के लिये सबसे चिंता का सबब है. 

Ashoka, Jindal या फिर Manipal जैसे प्राइवेट यूनिवर्सिटी Under Graduate कोर्स के लिये सलाना 5 से 11 लाख रुपये तक की फीस लेते हैं. इसलिये बच्चों की शिक्षा के लिये फाइनैंशियल प्लानिंग अभी से शुरू किया जाना बेहद जरुरी है. जिससे बच्चों के बड़े होने पर जब खर्च का समय आये तो अभिभावक पर अचानक वित्तीय बोझ ना पड़े. 

ये भी पढ़ें : Costly Cooking Oil: महंगे खाने के तेल से राहत के लिये करना होगा मार्च 2022 तक इंतजार, जानें क्यों

शिक्षा भी महंगाई से अछूती नहीं

शिक्षा लगातार महंगी होती जा रही है. एक अनुमान के मुताबिक हर वर्ष शिक्षा करीब 10 से 12 फीसदी की दर से महंगी होती जा रही है. हर शिक्षण संस्थान प्रत्येक वर्ष अपनी फीस बढ़ाते जा रहे हैं. घर के बाकी खर्चों पर महंगाई के बोझ के मुकाबले शिक्षा के क्षेत्र में महंगाई दोगुनी गति से बढ़ रही है. उदाहरण के लिये आईआईएम बैंगलुरू के दो वर्ष के एमबीए कोर्स के लिये एक दशक पहले 13 लाख खर्च करने पड़ते थे. लेकिन उसी कोर्स के लिये अब 23 लाख रुपये से ज्यादा खर्च करने पड़ते हैं. 

भविष्य में भी शिक्षा और महंगी ही होगी. उदाहरण के लिये 4 साल की इंजीनियरिंग कोर्स के लिये अभी 12 लाख रुपये चुकाने पड़ते हैं लेकिन दस साल बाद इसी कोर्स के लिये 25 से 30 लाख रुपये के बीच चुकाने पड़ सकते हैं. पांच साल के निजी मेडिकल कॉलेजों में MBBS course के लिये अभी 50 लाख से लेकर 1 करोड़ रुपये तक की फीस देनी होती है. जरा सोचिये 10 साल बाद निजी मेडिकल कॉलेजों की फीस क्या होगी.  अगर अभी से फाइनैंशियल प्लानिंग नहीं किया गया तो एक मध्यम वर्ग परिवार के लिये अपने बच्चों को उच्च शिक्षा दिलाना असंभव सा हो जाएगा. 

ये भी पढ़ेंMutual Funds: इन 5 फंड्स ने 6 महीने में दिया शानदार रिटर्न, नए साल में आप भी शुरू कर सकते हैं SIP, यहां पढ़ें पूरी लिस्ट

अभी से करे प्लानिंग 

Education cost हर वर्ष 10 फीसदी के दर से महंगी हो रही है. जो अभिभावक अपने बच्चों को मेडिकल, इंजीनियरिंग या एमबीए करते देखना चाहते हैं उन्हें अभी से बेहतर जगहों पर निवेश शुरू कर देनी चाहिये. ताकि जब बच्चे बड़े हो जायें उनका दाखिला लेने का समय आये तो पर्याप्त फंड मौजूद रहे. सबसे पहले आपको फंड का लक्ष्य तय करना चाहिये. उस दिशा में सेविंग शुरू कर देनी चाहिये. इसके लिये Systematic Investment Planning (SIP) के जरिये निवेश करना चाहिये. इनकम बढ़ने के साथ SIP की रकम की समीक्षा करनी चाहिये और उसे समय समय पर बढ़ाते भी रहना चाहिये. 

म्यूचुअल फंड में SIP के जरिये निवेश करें 

किसी भी निवेशक को भविष्य के फाइनैंशियल लक्ष्य को पूरा करने के लिये SIP के तहत हर महीने म्यूचुअल फंड में निवेश करना चाहिये. आप अपने फाइनैंशियल एडवाइजर से बाजार में मौजूद बेहतर म्यूचुअल फंड्स की जानकारी हासिल कर सकते हैं जो शानदार रिटर्न दे रहे हैं. अच्छे म्यूचुअल फंड हाउसेज के  Small Cap, Mid Cap और Large Cap में निवेश करना चाहिये. 

Term Plan लेना ना भूलें

कई जानकार अभिभावक को Term Insurance Plan भी लेने की सलाह देते हैं. अगर अभिभावक की मृत्यु हो जाये तो बच्चों की शिक्षा का लक्ष्य इससे प्रभावित ना हो. साथ ही ज्यादा महंगे चार्ज के चलते Child Product Plans को नजरअंदाज करने की भी सलाह दे रहे हैं.  

 

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

Currency News: इस देश में 53 हजार रुपए बन जाते हैं 1 करोड़, 10 हजार रुपए लीटर बिकता है पेट्रोल, जानें बाकी चीजों के दाम
इस देश में 53 हजार रुपए बन जाते हैं 1 करोड़, 10 हजार रुपए लीटर बिकता है पेट्रोल, जानें बाकी चीजों के दाम
Ethanol: पेट्रोल में एथेनॉल मिलाकर किसानों को मिले 1.60 लाख करोड़, विदेशी मुद्रा खर्च में हुई ऐतिहासिक बचत
पेट्रोल में एथेनॉल मिलाकर किसानों को मिले 1.60 लाख करोड़, विदेशी मुद्रा खर्च में हुई ऐतिहासिक बचत
क्रिकेट मैच के दौरान कंडोम और डेटिंग Apps के ads पर लगे रोक, CTI ने ICC चेयरमैन जय शाह को लिखा पत्र
क्रिकेट मैच के दौरान कंडोम और डेटिंग Apps के ads पर लगे रोक, CTI ने ICC चेयरमैन जय शाह को लिखा पत्र
क्या SBI में है आपका खाता? रिवॉर्ड पाइंट्स को लेकर आई बड़ी खबर, अभी समझ लें क्या करना है
क्या SBI में है आपका खाता? रिवॉर्ड पाइंट्स को लेकर आई बड़ी खबर, अभी समझ लें क्या करना है

वीडियोज

Aamir Khan की शादी में Kiran Rao क्यों नहीं दिखीं?
Vaibhav Sooryavanshi: डेब्यू कैप पाते ही रो पड़े वैभव सूर्यवंशी! 15 साल की उम्र में रच दिया इतिहास!.
Diljit Dosanjh की Sutluj रिलीज के 2 दिन बाद ही ZEE5 से क्यों हटाई गई?
Hyundai Creta Electric अब ₹10.99 लाख में! BAAS क्या है? सस्ती EV का पूरा सच | Creta EV Explained
Shilpa Shinde की धमाकेदार एंट्री, Lock Upp 2 में बढ़ेगा ड्रामा

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
ग्लोबल पासपोर्ट रैंकिंग में 74 से 125 पर पहुंचा भारत, खरगे का मोदी सरकार पर हमला, जानें पाकिस्तान का क्या हाल
ग्लोबल पासपोर्ट रैंकिंग में 74 से 125 पर पहुंचा भारत, खरगे का मोदी सरकार पर हमला, जानें पाकिस्तान का क्या हाल
महाराष्ट्र मौसम अपडेट, 7 July: मुंबई में उठीं 13 फीट ऊंची लहरें, फ्लाइट प्रभावित, कल कैसा रहेगा मौसम?
महाराष्ट्र मौसम अपडेट, 7 July: मुंबई में उठीं 13 फीट ऊंची लहरें, फ्लाइट प्रभावित, कल कैसा रहेगा मौसम?
BCCI ने इंग्लैंड के खिलाफ ODI सीरीज के किया टीम इंडिया में बदलाव, 2 साल बाद खूंखार ऑलराउंडर की वापसी
BCCI ने इंग्लैंड के खिलाफ ODI सीरीज के किया टीम इंडिया में बदलाव, 2 साल बाद खूंखार ऑलराउंडर की वापसी
Satluj: बैन के बाद प्रोजेक्टर लगाकर 'सतलुज' देख रहे लोग, दिलजीत दोसांझ बोले- अब ये फिल्म नहीं रुकेगी
बैन के बाद प्रोजेक्टर लगाकर 'सतलुज' देख रहे लोग, दिलजीत दोसांझ बोले- अब ये फिल्म नहीं रुकेगी
'मुझे विधानसभा सीट के नाम पर झुनझुना पकड़ा दिया', जीतन राम मांझी का छलका दर्द, चिराग पर क्यों भड़के?
'मुझे विधानसभा सीट के नाम पर झुनझुना पकड़ा दिया', जीतन राम मांझी का छलका दर्द, चिराग पर क्यों भड़के?
इस देश में 90% मुसलमान फिर भी राष्ट्रीय ग्रंथ जैसा महाभारत-रामायण, जानें हिन्दुओं का कैसा दबदबा
इस देश में 90% मुसलमान फिर भी राष्ट्रीय ग्रंथ जैसा महाभारत-रामायण, जानें हिन्दुओं का कैसा दबदबा
Explained: वक्फ बोर्ड में पहली बार दो हिंदू सदस्य नियुक्त, कहीं वाह-वाह... तो कहीं विरोध! इसके नतीजे अच्छे या बुरे?
वक्फ बोर्ड में पहली बार दो हिंदू सदस्य नियुक्त, कहीं वाह-वाह, कहीं विरोध! नतीजे अच्छे या बुरे?
ममता बनर्जी के जिन सांसदों ने दिया था इस्तीफा, बंगाल में राज्यसभा की उन 3 सीटों पर चुनाव का ऐलान
ममता बनर्जी के जिन सांसदों ने दिया था इस्तीफा, बंगाल में राज्यसभा की उन 3 सीटों पर चुनाव का ऐलान
Embed widget