एक्सप्लोरर

Niti Aayog On MPI: 9 साल में बहुआयामी गरीबी के कम होने के नीति आयोग के दावे पर अर्थशास्त्रियों ने उठाये सवाल, पूछा - 'कहां से ला रहे डेटा'

Multidimensional Poverty: अर्थशास्त्रियों का कहना है कि देश में 2011 के जनगणना हुआ नहीं, NSSO का डेटा नहीं आया, नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे सस्पेंड हो गया तो इस डेटा का क्या सोर्स है.

Multidimensional Poverty Index: नीति आयोग ने साल 2005-06 के बाद से देश में बहुआयामी गरीबी (Multidimensional Poverty) का डेटा जारी किया है. इस डेटा में नीति आयोग ने बताया कि  मोदी सरकार (Modi Government) के नौ साल के कार्यकाल के दौरान देश में 24.82 करोड़ लोग बहुआयामी गरीबी (Multidimensional Poverty) से बाहर आ गए हैं. डेटा के मुताबिक 2013-14 में 29.17 फीसदी (अनुमानित) लोग अत्यंत गरीब थे जिनकी संख्या घटकर 2022-23 में 11.28 फीसदी (अनुमानित) रह गई है. पर अर्थव्यवस्था के जानकार नीति आयोग के बहुआयामी गरीबी में कमी वाले डेटा पर सवाल खड़े कर रहे हैं. 

नीति आयोग के डेटा पर उठ रहे सवाल 

योजना आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष डॉ एन सी सक्सेना ने एबीपी लाइव से बात करते हुए कहा, 'बहुआयामी गरीबी (Multidimensional Poverty) का आइडिया तो अच्छा है पर सवाल उठता है कि हम डेटा कहां से ला रहे हैं.' उन्होंने कहा कि, डेटा जुटाने के तीन प्रकार के सोर्स हैं जिसमें जनगणना (Census), नेशनल सैंपल सर्वे ऑफिस (NSSO)और नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे शामिल है. पर ये तीनों ही आज की तारीख में बंद है. 2021 में जनगणना हुआ नहीं, एनएसएसओ का डेटा 2011-12 के बाद जारी ही नहीं किया गया और नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे को ही सस्पेंड कर दिया गया. ऐसे में तो डेटा तो है ही नहीं. एन सी सक्सेना ने कहा, ' सर्वे में खुद लिखा है कि डेटा हमारे पास नहीं है ऐसे में गरीबी के कम होने की दर जो पहले थी उसे ही हमने मान लिया है. ऐसे में प्रश्न उठता है कि पुराने दर से जो गरीबी गिर रही थी उसमें कमी आई है या बढ़ गई है इसकी कोई सही जानकारी नहीं है ऐसे में नीति आयेग के बहुआयामी गरीबी का डेटा बोगस है.' 

देश में खपत का नहीं है कोई डेटा 

एन सी सक्सेना ने बताया कि कुपोषण बहुआयामी गरीबी का बड़ा हिस्सा है.  नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे के मुताबिक देश में 35 फीसदी बच्चे कुपोषित हैं. जबकि जिलों से डेटा आता है वो केवल 8 फीसदी कुपोषित दिखाते हैं. ऐसे में  जिलों के डेटा का कोई आधार नहीं है. उदाहरण के लिए उन्होंने बताया कि 2011 में जनगणना किया गया जब ये पता लगा कि उत्तर प्रदेश में केवल 25 फीसदी घरों में टायलेट्स हैं जबकि यूपी सरकार तब कह रही थी कि 90 फीसदी घरों में टायलेट्स है. 2011 में जनगणना का डेटा जारी किया गया तब यूपी सरकार की बड़ी फजीहत हुई थी. ऐसे में जिलों के डेटा का कोई आधार नहीं है. एन सी सक्सेना ने कहा कि पहले खपत आधारित डेटा के आधार पर देश में गरीबी का पता लगाया जाता था. पर 2011-12 के बाद से खपत का भी कई डेटा नहीं है और जो डेटा आता है तो उसे दबा लिया जाता है. 2016-17 में आंकड़ा जारी हुआ तो उसमें पाया गया कि गरीबी बहुत बढ़ गई लेकिन उन्होंने वापस ले लिया गया.  

MPI गरीबी मापने का विकल्प नहीं 

जाने माने अर्थशास्त्री जीन ड्रेज (Jean Drèze) ने भी दि टेलीग्रॉफ से बात करते हुए बहुआयामी गरीबी इंडेक्स के इस्तेमाल पर सवाल खड़ा किया है. उन्होंने कहा कि बहुआयामी गरीबी इंडेक्स में शॉर्ट टर्म पर्चेजिंग पावर (Short Term Purchasing Power) को शामिल नहीं किया जाता है. ऐसे में ये जरुरी है कि रियल वेज (Real Wage) समेत दूसरी जानकारियों के साथ एमपीआई डेटा को समझने का प्रयास करें. उन्होंने कहा कि गरीबी अनुमानों को मापने के लिए एमपीआई डेटा लंबे समय से अटके उपभोक्ता व्यय सर्वेक्षणों का पूरक हो सकता है, लेकिन उनका ये विकल्प नहीं है. 

ये भी पढ़ें 

Multidimensional Poverty: मोदी सरकार के 9 साल के कार्यकाल में 24.82 करोड़ लोग बहुआयामी गरीबी से आए बाहर, नीति आयोग ने दी जानकारी

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

'शाहरुख खान की जीभ काटकर लाएगा उसे एक लाख का इनाम', हिंदू महासभा की सदस्य का विवादित बयान
'शाहरुख खान की जीभ काटकर लाएगा उसे एक लाख का इनाम', हिंदू महासभा की सदस्य का विवादित बयान
ईरान में भारी बवाल, सड़कों पर लग रहे खामेनेई मुर्दाबाद के लग रहे नारे, जानें क्या है पूरा मामला
ईरान में भारी बवाल, सड़कों पर लग रहे खामेनेई मुर्दाबाद के लग रहे नारे, जानें क्या है पूरा मामला
2026 की 6 सबसे बड़ी फिल्मों की हीरोइन होंगी दीपिका पादुकोण, बॉक्स ऑफिस पर बनेंगे धुरंधर रिकॉर्ड
2026 की 6 सबसे बड़ी फिल्मों की हीरोइन होंगी दीपिका, बॉक्स ऑफिस पर बनेंगे धुरंधर रिकॉर्ड
मिचेल स्टार्क भी शर्मा जाए..., इस बॉलर के आगे सारे स्विंग गेंदबाज फेल, आकाश चोपड़ा ने शेयर किया वीडियो
मिचेल स्टार्क भी शर्मा जाए..., इस बॉलर के आगे सारे स्विंग गेंदबाज फेल, आकाश चोपड़ा ने शेयर किया वीडियो

वीडियोज

New Upcoming Show 2026:🔥TV पर नया धमाका! नए साल में Entertainment का मीटर बढ़ाने आ रहे है ये नए शोज
2025 की सबसे बड़ी Controversies, जिन्होंने हिला दिया पूरा Bollywood, Ranveer Allahbadia के Controversy से Deepika की Demand तक
Ikkis Review: वीर Arun Khetarpal की कहानी, Jaideep Ahlawat का दमदार अभिनय और Dharamendra Ji आखिरी Film
नया साल 2026: ये 5 Financial Resolutions बदल देंगे आपकी पूरी जिंदगी | Paisa Live
Tobacco Stocks में हड़कंप, ITC 8% टूटा, Godfrey Phillips 16% Crash | Paisa Live

फोटो गैलरी

Petrol Price Today
₹ 94.72 / litre
New Delhi
Diesel Price Today
₹ 87.62 / litre
New Delhi

Source: IOCL

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
'शाहरुख खान की जीभ काटकर लाएगा उसे एक लाख का इनाम', हिंदू महासभा की सदस्य का विवादित बयान
'शाहरुख खान की जीभ काटकर लाएगा उसे एक लाख का इनाम', हिंदू महासभा की सदस्य का विवादित बयान
ईरान में भारी बवाल, सड़कों पर लग रहे खामेनेई मुर्दाबाद के लग रहे नारे, जानें क्या है पूरा मामला
ईरान में भारी बवाल, सड़कों पर लग रहे खामेनेई मुर्दाबाद के लग रहे नारे, जानें क्या है पूरा मामला
2026 की 6 सबसे बड़ी फिल्मों की हीरोइन होंगी दीपिका पादुकोण, बॉक्स ऑफिस पर बनेंगे धुरंधर रिकॉर्ड
2026 की 6 सबसे बड़ी फिल्मों की हीरोइन होंगी दीपिका, बॉक्स ऑफिस पर बनेंगे धुरंधर रिकॉर्ड
मिचेल स्टार्क भी शर्मा जाए..., इस बॉलर के आगे सारे स्विंग गेंदबाज फेल, आकाश चोपड़ा ने शेयर किया वीडियो
मिचेल स्टार्क भी शर्मा जाए..., इस बॉलर के आगे सारे स्विंग गेंदबाज फेल, आकाश चोपड़ा ने शेयर किया वीडियो
नए साल पर गंदी हरकत से बाज नहीं आया पाकिस्तान, ड्रोन से भारत में भेजा गोला-बारूद, अलर्ट पर एजेंसियां
नए साल पर गंदी हरकत से बाज नहीं आया पाकिस्तान, ड्रोन से भारत में भेजा गोला-बारूद, अलर्ट पर एजेंसियां
Myanmar Debt: म्यांमार पर भारत का कितना पैसा उधार, क्या वापस लिया जाता है यह कर्ज?
म्यांमार पर भारत का कितना पैसा उधार, क्या वापस लिया जाता है यह कर्ज?
कमर के साइज से भी पता चलता है डायबिटीज का खतरा, दिक्कत बढ़ने से पहले कैसे करें बचाव?
कमर के साइज से भी पता चलता है डायबिटीज का खतरा, दिक्कत बढ़ने से पहले कैसे करें बचाव?
नए साल में छूनी भी नहीं पड़ेगी सैलरी, 2026 में काम आएंगे इनवेस्टमेंट के ये बेस्ट तरीके
नए साल में छूनी भी नहीं पड़ेगी सैलरी, 2026 में काम आएंगे इनवेस्टमेंट के ये बेस्ट तरीके
Embed widget