एक्सप्लोरर

Xप्लेन: क्या मतलब! 23.40 लाख करोड़ डायरेक्ट टैक्स बढ़ा, फिर भारत की GDP क्यों गिर गई?

Direct Tax Collection: पहले चार महीनों में 23% की बढ़ोतरी और 26.97 लाख करोड़ रुपए का टारगेट बताता है कि यह मोमेंटम बना रहेगा. पर्सनल इनकम टैक्स अब कॉरपोरेट टैक्स से बड़ा कंट्रीब्यूटर बन गया है.

संसद के मानसून सत्र के दौरान वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने राज्यसभा को बताया कि भारत की अर्थव्यवस्था दुनिया में छठे नंबर पर आ गई है. यानी हम पहले चौथे स्थान पर थे और अब छठे पर आ गए. हैरानी की बात यह है कि इसी दौरान डायरेक्ट टैक्स (सीधे कर) की वसूली में जबरदस्त इजाफा हुआ है. वित्त वर्ष 2026-27 के पहले चार महीनों में ही नेट डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन 23% बढ़कर 8.11 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा हो गया है. तो एक तरफ अर्थव्यवस्था की रैंकिंग नीचे जा रही है और दूसरी तरफ टैक्स कलेक्शन रिकॉर्ड तोड़ रहा है. आखिर इस विरोधाभास के मायने क्या हैं और यह खुशी की बात है या चिंता की...

अर्थव्यवस्था छठे स्थान पर कैसे आ गई?

इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (IMF) की अप्रैल 2026 की 'वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक' रिपोर्ट के मुताबिक, 2025-26 में भारत की नॉमिनल GDP 3.92 ट्रिलियन डॉलर (373.80 लाख करोड़ रुपए) रही. इसी के आधार पर भारत छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है. लेकिन हम चौथे से छठे कैसे पहुंचे? इसकी दो बड़ी वजहें हैं:

  • रुपये की कमजोरी: IMF हर देश की GDP को डॉलर में बदलकर रैंकिंग बनाता है. पिछले एक साल में रुपया डॉलर के मुकाबले करीब 9% कमजोर हुआ है. जब रुपया कमजोर होता है, तो भारत की GDP डॉलर में छोटी दिखती है. भले ही हमने रुपयों में उतना ही उत्पादन किया हो. GDP की रियल ग्रोथ 6.5% है, लेकिन डॉलर में GDP घट गई. जापान (4.38 ट्रिलियन डॉलर) और ब्रिटेन (4.26 ट्रिलियन डॉलर) करीब-करीब भारत (4.15 ट्रिलियन) के आसपास हैं, थोड़ी सी करेंसी की हलचल रैंकिंग बदल देती है.
  • GDP के बेस ईयर में बदलाव: फरवरी 2026 में भारत ने GDP का बेस ईयर 2011-14 से बदलकर 2022-23 कर दिया. यह एक स्टैटिस्टिकल सुधार है, यानी पुराने बेस ईयर में महंगाई की वजह से नॉमिनल GDP बड़ी दिखती थी. नए बेस ईयर में 2025-26 की GDP पहले की तुलना में कम आई, जिससे ब्रिटेन हमसे आगे निकल गया.

डायरेक्ट टैक्ट कलेक्शन का क्या हाल है?

वित्त वर्ष 2025-26 में नेट डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन 5.12% बढ़कर 23.40 लाख करोड़ रहा. हालांकि, यह सरकार के रिवाइज्ड अनुमान 24.21 लाख करोड़ रुपए से कम रहा. इसकी वजह थी फरवरी 2025 के बजट में इनकम टैक्स में कटौती. लेकिन नए वित्त वर्ष 2026-27 में रुझान बदला है:

  • 10 अगस्त 2026 तक नेट डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन 23.09% बढ़कर 8.11 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा हो गया.
  • ग्रॉस डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन 19.75% बढ़कर 9.55 लाख करोड़ रुपए के करीब पहुंच गया.
  • कॉरपोरेट टैक्स 19.83% बढ़ा, पर्सनल इनकम टैक्स 23% बढ़ा, सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) में तो 51% की जबरदस्त बढ़ोतरी हुई.
  • सरकार ने चालू वित्त वर्ष के लिए 26.97 लाख करोड़ रुपए का डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन टारगेट रखा है, जो FY26 के 23.40 लाख करोड़ से 15% ज्यादा है.

कॉरपोरेट टैक्स कलेक्शन FY26 में 13.82 लाख करोड़ रहा, जो FY25 में 12.72 लाख करोड़ रुपए था. भारत के कॉरपोरेट प्री-टैक्स प्रॉफिट करीब 55.3 लाख करोड़ रुपए है, जो GDP का 16% है. यह दुनिया में किसी भी बड़ी इकोनॉमी के मुकाबले काफी ऊंचा है.

ये दोनों बातें कैसे जुड़ी हैं और क्या मायने रखती हैं?

डायरेक्ट टैक्स और GDP का कनेक्शन 3 वजहों से जुड़ता है:

1. रैंकिंग गिरना चिंता नहीं, करेंसी का खेल

अगर आपको लग रहा है कि हम चौथे से छठे आ गए, यानी हमारी इकनॉमी कमजोर हुई है तो यह गलत है. भारत की रियल GDP ग्रोथ अब भी 6.4-6.5% के आसपास है, जो दुनिया की किसी भी बड़ी अर्थव्यवस्था से दोगुने से ज्यादा है. यह रैंकिंग में गिरावट करेंसी के उतार-चढ़ाव की वजह से है, न कि इकनॉमी के कमजोर होने से.

दिलचस्प बात यह है कि जापान की इकोनॉमी पिछले चार सालों में स्थिर या सिकुड़ी हुई है, फिर भी वह हमसे आगे है. यह डॉलर कन्वर्जन का गणित है.

2. डायरेक्ट टैक्स बढ़ना बड़ी खुशखबरी

डायरेक्ट टैक्स, इनकम टैक्स और कॉरपोरेट टैक्स इकनॉमी की सेहत का सबसे साफ संकेत है. जब लोग ज्यादा कमाते हैं, कंपनियां ज्यादा मुनाफा कमाती हैं और टैक्स चोरी कम होती है, तो डायरेक्ट टैक्स बढ़ता है. 23% की बढ़ोतरी बताती है कि:

  • कॉरपोरेट प्रॉफिट बढ़ रहे हैं.
  • इनकम टैक्स पेयर्स की संख्या और उनकी आमदनी बढ़ रही है.
  • टैक्स कंप्लायंस (अनुपालन) में सुधार हो रहा है, लोग टैक्स चोरी कम कर रहे हैं.
  • GST, ई-फाइलिंग और डेटा मैचिंग जैसी टेक्नोलॉजी का असर दिख रहा है.

3. डायरेक्ट टैक्स से GDP अनुपात बढ़ रहा

डायरेक्ट टैक्स अब GDP का करीब 6.7% हो गया है. यह 15 साल का उच्चतम स्तर है. इसका मतलब है कि सरकार की टैक्स लेने की क्षमता यानी फिस्कल कैपेसिटी बढ़ रही है, वो भी बिना टैक्स दरें बढ़ाए. यही वह पैसा है जिससे सड़क, स्कूल, अस्पताल, इंफ्रास्ट्रक्चर, रक्षा और सब्सिडी जैसे खर्च होते हैं.

तो भारत की रैंकिंग कब ऊपर आएगी?

एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह कम समय के लिए गिरावट हो सकती है, जैसे ही रुपया स्थिर होगा या मजबूत होगा, रैंकिंग फिर से ऊपर आ सकती है. पहले चार महीनों में 23% की बढ़ोतरी और 26.97 लाख करोड़ रुपए का टारगेट बताता है कि यह मोमेंटम बना रहेगा. पर्सनल इनकम टैक्स अब कॉरपोरेट टैक्स से बड़ा कंट्रीब्यूटर बन गया है.

भारत को मौजूदा 4.15 ट्रिलियन डॉलर से 5 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचने के लिए करीब 20% नॉमिनल ग्रोथ चाहिए. यह मुश्किल है, लेकिन नामुमकिन नहीं. बशर्ते रुपया मजबूत हो और ग्रोथ बनी रहे.

टैक्स पेयर बेस बढ़ाना अभी भारत की सिर्फ 8% आबादी इनकम टैक्स देती है, जबकि फिलीपींस में 23.2% और इंडोनेशिया में 26.1%. टैक्स बेस बढ़ाना सबसे बड़ी चुनौती है.

ज़ाहिद अहमद इस वक्त ABP न्यूज़ में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. टेलीविजन और डिजिटल जर्नलिज्म की दुनिया में उन्हें करीब 9 साल का तजुर्बा है. इससे पहले वे 3 बड़े मीडिया संस्थानों में भी अहम जिम्मेदारियां निभा चुके हैं. वे ओरिजिनल सेक्शन की एक्सप्लेनर टीम में सीनियर सब एडिटर रहे. ज़ाहिद आउटपुट डेस्क, बुलेटिन प्रोड्यूसिंग और बॉलीवुड सेक्शन को बतौर असिस्टेंट प्रोड्यूसर लीड भी कर चुके हैं. देश-विदेश, सियासत, कारोबार, एजुकेशन, एंटरटेनमेंट, चुनाव और समाजी मुद्दों पर उनकी गहरी पकड़ है. आसान लहजे में असरदार और भरोसेमंद एक्सप्लेनर पेश करना उनकी पहचान है.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

लावारिस पैसों के मामले में SBI नंबर 1, RBI के पास पड़े हैं हजारों करोड़ रुपए
लावारिस पैसों के मामले में SBI नंबर 1, RBI के पास पड़े हैं हजारों करोड़ रुपए
Xप्लेन: क्या मतलब! 23.40 लाख करोड़ डायरेक्ट टैक्स बढ़ा, फिर भारत की GDP क्यों गिर गई?
23.40 लाख करोड़ डायरेक्ट टैक्स बढ़ा, फिर भारत की GDP क्यों गिर गई?
8th Pay Commission: क्या वक्त से पहले आएगी सिफारिशों की रिपोर्ट? सरकार ने दिया जवाब
8th Pay Commission: क्या वक्त से पहले आएगी सिफारिशों की रिपोर्ट? सरकार ने दिया जवाब
चंद्रशेखरन के इस्तीफे से शेयर बाजार में हड़कंप, टाटा की कंपनियों को 68 हजार करोड़ का झटका
चंद्रशेखरन के इस्तीफे से शेयर बाजार में हड़कंप, टाटा की कंपनियों को 68 हजार करोड़ का झटका
Advertisement

वीडियोज

Bigg Boss 20: Salman Khan ने खोला ‘Tathas-Two’ का राज, Contestants को मिलेंगी 2 Lives
Mirzapur: The Movie Trailer में Pankaj Tripathi, Ali Fazal और Divyenndu की वापसी, बड़े पर्दे पर मचेगा बवाल Title: English Headline
Bollywood News: अक्षय-सैफ की ब्लॉकबस्टर जोड़ी का कमबैक, 'खिलाड़ी' का एक्शन या 'अनाड़ी' का अंदाज़—कौन जमाएगा रंग? (12-08-26)
Mannat-Vikrant के सेट पर 'truth और dare' का तड़काए, क-दूसरे की पोल खोलते आए नजर!
Trisha Krishnan की Cryptic Post ने Vijay-Sangeetha के बीच बढ़ाई Divorce Buzz पर चर्चा
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
'सारी फंडिंग सिर्फ RSS को ही मिले..', FCRA बिल को लेकर महुआ मोइत्रा ने कसा तंज
'सारी फंडिंग सिर्फ RSS को ही मिले..', FCRA बिल को लेकर महुआ मोइत्रा ने कसा तंज
'अगर नहीं मानेंगे तो फिर हम...', 15 अगस्त से क्या करने जा रही CJP? आशुतोष रांका ने बताया
'अगर नहीं मानेंगे तो फिर हम...', 15 अगस्त से क्या करने जा रही CJP? आशुतोष रांका ने बताया
इंग्लैंड टेस्ट से पहले अख्तर की बाबर सेना को चेतावनी, बोले- 'अंग्रेज तुम्हारे सामने...'
इंग्लैंड टेस्ट से पहले अख्तर की बाबर सेना को चेतावनी, बोले- 'अंग्रेज तुम्हारे सामने...'
जूनियर एनटीआर की सक्सेसफुली पूरी हुई कंधे की सर्जरी, जानें अब कैसी है तबीयत
जूनियर एनटीआर की सक्सेसफुली पूरी हुई कंधे की सर्जरी, जानें अब कैसी है तबीयत
CM विजय ने बदल दी राजनीति! केंद्र के प्लान के खिलाफ 2 दिनों में 2 प्रस्ताव, स्टालिन ने दिया साथ
CM विजय ने बदल दी राजनीति! केंद्र के प्लान के खिलाफ 2 दिनों में 2 प्रस्ताव, स्टालिन ने दिया साथ
‘चर्चा के लिए तैयार, अमित शाह कर रहे इंतजार’, विपक्ष से बोले रिजिजू, लोकसभा स्थगित
‘चर्चा के लिए तैयार, अमित शाह कर रहे इंतजार’, विपक्ष से बोले रिजिजू, लोकसभा स्थगित
एन चंद्रशेखरन ने टाटा संस के चेयरमैन पद से इस्तीफा दिया, फरवरी तक संभालेंगे जिम्मेदारी
एन चंद्रशेखरन ने टाटा संस के चेयरमैन पद से इस्तीफा दिया, फरवरी तक संभालेंगे जिम्मेदारी
आखिरी दिन तक नहीं कर पाए रजिस्ट्रेशन तो क्या ऑप्शन, कैसे करें मेडिकल की पढ़ाई?
आखिरी दिन तक नहीं कर पाए रजिस्ट्रेशन तो क्या ऑप्शन, कैसे करें मेडिकल की पढ़ाई?
Embed widget