कोर्ट ने समयसीमा बढ़ाने से किया इंकारः कल से ही कराना होगा 3 और 5 साल का थर्ड पार्टी इंश्योरेंस
सुप्रीम कोर्ट ने इस साल 20 जुलाई को कहा था कि नई कारों के लिये तीन साल और 2 व्हीलर के लिये पांच साल का थर्ड पार्टी का बीमा कराना अनिवार्य होना चाहिए. इस समय बीमा एक साल के लिये होता है.

नई दिल्लीः हाई कोर्ट द्वारा वाहनों के लिये थर्ड पार्टी के इंश्योरेंस की समय सीमा बढ़ाने से आज इंकार कर दिया है. इसी के साथ ही नई कार और दुपहिया वाहनों के लिये कल से क्रमश: तीन और पांच साल का थर्ड पार्टी इंश्योरेंस लेना जरूरी हो जायेगा. जस्टिस मदन बी लोकूर और जस्टिस एस अब्दुल नजीर की बेंच ने कोर्ट द्वारा निर्धारित समय सीमा बढ़ाने के लिये बीमा कानून, 1938 के प्रावधान के तहत इरडा द्वारा गठित जनरल इंश्योरेंस काउन्सिल का आवेदन रद्द कर दिया.
सुप्रीम कोर्ट ने इस साल 20 जुलाई को कहा था कि नई कारों के लिये तीन साल और 2 व्हीलर के लिये पांच साल का थर्ड पार्टी का बीमा कराना अनिवार्य होना चाहिए. इस समय बीमा एक साल के लिये होता है. कोर्ट ने इस फैसले पर एक सितंबर से अमल करने का निर्देश दिया था.
कार-2 व्हीलर इंश्योरेंस खरीदना होगा महंगा, 1 सितंबर से लेना होगा 3 और 5 साल का इंश्योरेंस
शीर्ष अदालत कोयंबटूर के एक सर्जन एस राजसीकरण की याचिका पर सुनवाई कर रही थी. शीर्ष अदालत ने 22 अप्रैल, 2014 को सड़क सुरक्षा के बारे में एक समिति गठित की थी जो अब तक अपनी कई रिपोर्ट कोर्ट को सौंप चुकी है.
इस मामले में आज सुनवाई के दौरान न्याय मित्र की भूमिका में वकील गौरव अग्रवाल ने कहा कि इरडा पहले ही इसे अपनी मंजूरी दे चुका है. उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा पर सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस के एस राधाकृष्णन की अध्यक्षता वाली समिति ने इरडा को पत्र लिखा था और बीमा नियामक ने इस बारे में 28 अगस्त को एक सर्कुलर भी जारी कर दिया है.
सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल नवंबर में सड़क सुरक्षा के बारे में अनेक निर्देश जारी किये थे. कोर्ट ने सभी राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों से कहा था कि वे प्रत्येक जिले में ट्रामा सेन्टर स्थापित करें और स्कूल के पाठ्यक्रम में सुरक्षा मानदण्डों को भी शामिल किया जाये.
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