व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए ट्रेनों में सफाई पर रखी जाएगी नजर
ट्रेन का हर हिस्सा चाहे पेंट्री हो या बेड रोल आदि सबके लिए अलग-अलग व्हाट्सएप ग्रुप में रोजाना आधार पर सफाई की स्थिति रिपोर्ट अपलोड की जाएगी.

नई दिल्लीः उत्तरी रेलवे व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए अपनी ट्रेनों की सफाई पर नजर रखेगा. ट्रेन का हर हिस्सा चाहे पेंट्री हो या बेड रोल आदि सबके लिए अलग-अलग व्हाट्सएप ग्रुप में रोजाना आधार पर सफाई की स्थिति रिपोर्ट अपलोड की जाएगी.
रेलवे की नई पहलः मेल-एक्सप्रेस ट्रेन में स्पेशल यात्रा के लिए होगा 'सलून' उत्तरी रेलवे के महाप्रबंधक विश्वेश चौबे ने बताया , ‘ट्रेन और पेंट्री की सफाई , बेड रोल और ट्रेनों में एसी के संचालन के लिए व्हाट्सएप ग्रुप बनाया गया है. इन ग्रुपों में तस्वीरें अपलोड की जा रही और वरिष्ठ अधिकारी इसकी निगरानी कर रहे हैं.' इस जोन में जल्द ही हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन पर एक स्वचालित कोच वाशिंग प्लांट में काम शुरू होगा. यहां पर आठ मिनट में 24 डिब्बे वाली ट्रेनों की पूरी सफाई हो जाएगी. उन्होंने कहा कि उत्तरी रेलवे ने 1.6 करोड़ रूपये की लागत से प्लांट लगाया है. अभी इसका परीक्षण हो रहा है.रेलवे ने ज्यादा सामान ले जाने पर जुर्माना वसूलने की योजना टाली
कोच में वैक्यूम क्लीनर , जेट क्लिनिंग मशीन के जरिए सफाई की जाएगी. उन्होंने बताया कि ट्रेन में रखरखाव कर्मचारी निगरानी के लिए व्हाट्सएप ग्रुप पर तस्वीरें अपलोड कर रहे हैं.
रेलवे में यात्रियों के लिए 'सैलून' की भी व्यवस्था भारतीय रेल में लगातार हो रहे नए -नए बदलाव में एक ये भी बदलाव है कि मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों में स्पेशल यात्रा के लिए सलून की व्यवस्था करेगी. यह व्यवस्था उन यात्रियों के लिए होगी जो थोड़ा ज्यादा खर्च कर पूरे आराम से अपने डेस्टिनेशन तक पहुंचने की ख्वाहिश रखते हैं. सलून खासतौर से डिजाइन किया गया रेल कोच होता है जिसमें एक ड्राइंग रूम/डाइनिंग रूम, दो बेडरूम, दो बाथरूम, एक सेवक कक्ष और एक रसोईघर होता है. कम किराए वाली हवाई सेवाओं से कड़े मुकाबले से निपटने के लिए रेलवे अपना राजस्व बढ़ाने के लिए कई इनोवेटिव प्रयोग करने जा रही है.

























