Middle East Tensions: ईरान वॉर और अमेरिका-इजरायल के बरसते बम के गोलों के बीच अब चीन ने उठाया बड़ा कदम
Middle East Tensions: बीजिंग का यह फैसला ऐसे समय आया है जब Strait of Hormuz में तेल टैंकरों की आवाजाही प्रभावित होने के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच चुकी है.

China Ban Energy Export: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और तेल आपूर्ति को लेकर बढ़ती अनिश्चितता के बीच वैश्विक ऊर्जा बाजार में हलचल तेज हो गई है. कई देशों में तेल और गैस की उपलब्धता को लेकर चिंता बढ़ रही है, जबकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें तेजी से ऊपर जा रही हैं.
ऐसे हालात में China ने घरेलू बाजार में ईंधन की कमी को रोकने के लिए बड़ा फैसला लिया है. समाचार एजेंसी Reuters की रिपोर्ट के अनुसार चीन ने मार्च महीने में रिफाइंड ऑयल के निर्यात पर अस्थायी रोक लगा दी है.
यह निर्देश चीन की सरकारी संस्था National Development and Reform Commission (एनडीआरसी) की ओर से जारी किया गया है. इस फैसले के तहत गैसोलीन, डीजल और हवाई ईंधन (एविएशन फ्यूल) की विदेशों में होने वाली शिपमेंट को रोक दिया गया है.
ईरान युद्ध के बीच फैसला
बीजिंग का यह फैसला ऐसे समय आया है जब Strait of Hormuz में तेल टैंकरों की आवाजाही प्रभावित होने के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच चुकी है.
हालांकि वैश्विक ऊर्जा संकट को कम करने के लिए International Energy Agency (आईईए) ने भी बड़ा कदम उठाया है. एजेंसी ने कहा है कि उसके सदस्य देश आपूर्ति संकट से निपटने के लिए 400 मिलियन बैरल तेल आपातकालीन भंडार से जारी करेंगे. बताया जा रहा है कि 1973 Oil Crisis के बाद यह छठी बार है जब आईईए ने वैश्विक तेल आपूर्ति को स्थिर रखने के लिए ऐसा कदम उठाया है.
अमेरिका ने भी खोला तेल भंडार
दूसरी ओर United States ने भी अपने Strategic Petroleum Reserve से 172 मिलियन बैरल कच्चा तेल जारी करने का फैसला किया है, ताकि वैश्विक बाजार में आपूर्ति बढ़ाई जा सके.
गौरतलब है कि वेस्ट एशिया में तनाव 28 मार्च को उस समय बढ़ा जब Israel ने Iran पर हवाई हमले किए. इस संघर्ष को अब लगभग दो सप्ताह हो चुके हैं और अगर युद्ध लंबा चलता है तो वैश्विक तेल आपूर्ति और कीमतों पर इसका बड़ा असर पड़ सकता है.
Source: IOCL



























