एक्सप्लोरर

सेंसर बोर्ड के तर्क हंसने लायक, OMG 2 को कट्स से नुकसान, टारगेट आउडियंस तक नहीं पहुंचा सके बात

हाल ही में फिल्म OMG2 रिलीज हुई. उस पर खासा विवाद भी हुआ. कहा गया कि फिल्म में जान-बूझकर एक धर्म का अपमान किया गया है. 34 कट्स और कुछ बदलावों के साथ फिल्म रिलीज की गयी. हालांकि, दर्शकों ने इस पर खूब प्यार लुटाया और इसे 100 करोड़ी क्लब में शामिल करवा दिया. हालांकि, फिल्म से जुड़े लोग कह रहे हैं कि फिल्म को कट्स से नुकसान हुआ है. उससे भी बढ़कर बात रचनात्मक स्वतंत्रता और आजादी की भी हो गयी है. 

जनता के दिल की आवाज है OMG2

कोई भी फिल्म बनाए, वह बहुत प्यार से बनाता है. OMG2 भी ऐसी ही फिल्म है और खुशी है कि यह जनता के दिल की आवाज निकली, लोग इसे पसंद कर रहे हैं. हमें अपने कंटेंट पर पूरा भरोसा था. हमने पूरी ईमानदारी से इसे परोसा था. पहले से हमें यह भरोसा था कि इसको दर्शकों का प्यार मिलेगा, क्योंकि हमने कोई बेईमानी नहीं की थी. हां, ओएमजी2 वर्सेस गदर भी हमने नहीं सोचा था. वह एक संयोग ही था. हम लोगों को फिल्म तो किसी न किसी दिन रिलीज करनी ही थी. आगे बढ़ाते तो 'जवान' से टकराते. कोई न कोई फिल्म तो रिलीज होती ही रहती है. अगर आप कार के शोरूम से गाड़ी निकालें तो ऐसा तो होगा नहीं कि सड़क खाली मिले. विदेशी फिल्में हैं, साउथ की हैं, तो ऐसा नहीं होगा कि कोई खाली दिन मिल जाए. हां, हमें इतना पता था कि एक दिन आएंगे और ईमानदारी से अपना कंटेन्ट परोसेंगे. भरोसा था कि लोग जरूर हमारी फिल्म देखने आएंगे. 

सर्टिफिकेट से हुआ नुकसान

फिल्म को सेंसर बोर्ड ने 'ए' सर्टिफिकेट दे दिया, तो बच्चे अब इसे नहीं देख पा रहे हैं. यही हमारे मन में भी सवाल है कि जिनके लिए फिल्म बनायी, वे ही जब नहीं देख पा रहे हैं, तो हमारा उद्देश्य कहीं न कहीं छोटा होता है. उन बच्चों तक यह पहुंचे जिनके लिए बनाया है, यह हमारी सोच थी, लेकिन उस सर्टिफिकेट के बाद फिल्म का तो बहुत नुकसान हुआ है. अब उस फैसले पर मैं टिप्पणी नहीं कर सकता, क्योंकि जो कानून है, उसी के मुताबिक तो उन्होंने ये फैसला लिया होगा. कंटेंट आपके सामने है. उसमें ऐसा क्या था, आप ही बताइए? दर्शकों ने तो फिल्म को सर-आंखों पर बिठाया है. कंटेन्ट अगर ऐसा होता जो किसी की बेअदबी करता, किसी को बैड-लाइट में दिखाता तो फिर उसे तो जनता ही नकार देती. अब फिल्म की कहानी तो सीधी-सादी बाप-बेटे के संघर्ष की है. बेटे ने कुछ गलती की है, उसके बाद वह कैसे उबरता है, पिता की क्या भूमिका है, यही हमने दिखाया है. स्कूली शिक्षा पर हमने बात की है, सनातन धर्म की महानता दिखायी है. वह कितना प्रगतिशील रहा है, उसके आधार पर पिता मुकदमा लड़ाता है. अब मुझे ये समझ नहीं आता है कि इससे किसी को क्या आपत्ति हो सकती है और क्यों हो सकती है? हमने तो बहुत कोशिश की, रिवीजन कमिटी से भी हाथ जोड़े कि बच्चों का नुकसान न करवाएं, पर वे नहीं माने.

अब तो फिल्म रिलीज होने के बाद लोग पेटिशन दे रहे हैं, सोशल मीडिया पर लिख रहे हैं, हमारे लिए, लेकिन गलती सुधारी नहीं जा रही है. आप थिएटर में जाकर देख सकते हैं. फिल्म को पब्लिक इंजॉय कर रही है, पूरा मजा ले रही है. दशकों के बदलाव अब दो-दो दिनों में हो रहा है, दुनिया एक गांव हो गयी है, तो फिर आप क्या छिपा रहे हैं? आपको लगता है कि अंधेरा है, लेकिन बाहर तो झमाझम रोशनी है. उस बच्चे के हाथ में मोबाइल एक ऐसा पोटेंट-वेपन है, जो उसको कुछ भी दिखा सकता है, उससे तो अच्छा है कि समझदार लोग दिखाएं. वो शिक्षा अगर मैं नहीं दूंगा, तो स्कूल देगा. दोनों मिलकर देंगे. गलती अगर  मेरी है तो उनकी भी है. तो, दोनों को दंडित कीजिए, दोनों पर जुर्माना लगाइए. 

नहीं चाहिए था कोई विवाद

फिल्म को लेकर हमें कोई विवाद नहीं चाहिए था. जहां तक ये बात है कि ओएमजी2 को विवाद से फायदा मिला, तो भाई हमें तो चाहिए ही नहीं थी कोई कंट्रोवर्सी. इसका पहला हिस्सा पहले ही हिट था, तो लोगों में फिल्म को लेकर एक जज्बा तो था ही. हम कहानी खोज रहे थे. जब कहानी मिल गयी तो हमने उपयुक्त समय पर फिल्म बनायी. अगर इसको भुनाना होता तो हम पहले ही फिल्म ले आते. कंट्रोवर्सी से तो फिल्म का नुकसान ही हुआ है. सबसे बड़ा नुकसान तो उस एक्टर का हुआ है, जिसने पूरे संयम, भावना और आदर के साथ उनकी भूमिका की थी. अगर आप ये कह रहे हैं कि कोई शिव बन ही नहीं सकता, तब तो कोई फिल्म ही नहीं बनेगी. न ही कोई डर के मारे लिखेगा ही नहीं. कलम पर अगर आप अंकुश लगाएंगे तो यह तो खराब बात है. आपको इतनी स्वतंत्रता तो मिनिमम देनी होगी कि कुछ रचा जाए. मेरे लिए इस फिल्म में सबसे बड़ा चैलेंज ये था कि बच्चे बहुत छोटे थे, उनको बताना बहुत मुश्किल था. बाकी एक्टर्स मेरे साथ बहुत अच्छे थे. पंकज त्रिपाठी हों, अक्षय कुमार हों या और भी जितने एक्टर्स, सब अपने फन के माहिर थे. बच्चों को वो दृश्य बताना और समझाना ही चुनौती थी. फिल्म को नुकसान इसलिए हुआ है कि बच्चे नहीं जा रहे हैं. मान लीजिए किसी परिवार के पास दो बच्चे हैं- 11 साल के और 8 साल के. वो दोनों को रखकर कहां जाएंगे, फिल्म देखने? तो, नुकसान तो बहुत हुआ है. हमारा अनुमान है कि फिल्म ने अगर 100 करोड़ कमाए हैं, तो कम से कम 100 करोड़ का नुकसान भी है. यह लेकिन छोटा नुकसान है. जो बच्चों तक हम अपनी बात नहीं पहुंचा पाए, वो बहुत बड़ा नुकसान है. टीनएज तक जानेवाली सूचना ही हमने रोक दी. बच्चे अगर पैरेंट्स के साथ देखते तो फिर उस पर चर्चा करते, अब तो करेंगे नहीं. 

34 कट्स, कई बदलाव भी

कट्स तो खैर करीबन 34 थे, उससे भी बढ़कर कुछ बदलाव भी थे. हालांकि, उससे फिल्म की आत्मा नहीं मरी, बच गयी. हम तो खैर उसे ओटीटी में फिर से ले आएंगे, लेकिन यह काम तो सेंसर भी कर सकता था. ऐसा तो है नहीं कि मेरी इस फिल्म के साथ ऐसा हुआ तो हरेक फिल्म के साथ ऐसा ही करेंगे. मेरी कोई व्यक्तिगत दुश्मनी भी नहीं है. प्रसून जोशी तो फ्रैटर्निटी से हैं. वे भी लिखते हैं. उनको तो पता होना चाहिए कि फिल्म कितनी मुश्किल से बनती है. आइडियल सिचुएशन तो ये होना चाहिए कि मुझे गले से लगा लेते, कहते कि मैने क्या फिल्म बनायी है, सार्वजनिक महत्व के मसले पर. अब मजेदार बात देखिए कि फिल्म में एक सीन है, जिसमें पात्र केवल जिधर से गुजरता है, उधर कंडोम का पोस्टर लगा है. उसको आप कट करवा देते हैं. हालांकि, उसी हॉल में मूड्स का विज्ञापन इंटरवल में चलता है. ऐसी हास्यास्पद स्थिति में क्या ही बात की जाएगी? 

अब हमारी फिल्म के जो कट्स हैं, उसमें लोग डरेंगे तो जरूर. अभी तो राइटर से प्रोड्यूसर तक सभी डरेंगे. वो कहेंगे कि लिखना ही नहीं है, बनाना ही नहीं है. अब आप राजा-रानी की ही फिल्में बनाते रहिए. सेंसर बोर्ड तो विचार को ही मारना चाहता है. 

[नोट- उपरोक्त दिए गए विचार लेखक के व्यक्तिगत विचार हैं. ये जरूरी नहीं कि एबीपी न्यूज़ ग्रुप इससे सहमत हो. इस लेख से जुड़े सभी दावे या आपत्ति के लिए सिर्फ लेखक ही जिम्मेदार है.] 

View More

ओपिनियन

Sponsored Links by Taboola
25°C
New Delhi
Rain: 100mm
Humidity: 97%
Wind: WNW 47km/h

टॉप हेडलाइंस

बंगाल की शुभेंदु सरकार का शराब को लेकर बड़ा फैसला, अब इन जगहों पर नहीं छलकेंगे जाम
बंगाल की शुभेंदु सरकार का शराब को लेकर बड़ा फैसला, अब इन जगहों पर नहीं छलकेंगे जाम
एमपी के पन्ना में बड़ा हादसा, निर्माणाधीन कुआं धंसने से 5 लोगों की मौत, 2 घंटे तक चला रेस्क्यू
एमपी के पन्ना में बड़ा हादसा, निर्माणाधीन कुआं धंसने से 5 लोगों की मौत, 2 घंटे तक चला रेस्क्यू
पद्म श्री अवॉर्ड लेने राष्ट्रपति भवन क्यों नहीं आए रोहित शर्मा? असली वजह का हुआ खुलासा
पद्म श्री अवॉर्ड लेने राष्ट्रपति भवन क्यों नहीं आए रोहित शर्मा? असली वजह का हुआ खुलासा
धर्मेंद्र के लिए 'पद्म विभूषण' सम्मान लेते हुए इमोशनल हुईं हेमा मालिनी, बोलीं- ऐसा लगा धरम जी ने मेरा हाथ पकड़ा है
धर्मेंद्र के लिए 'पद्म विभूषण' सम्मान लेते हुए इमोशनल हुईं हेमा मालिनी, बोलीं- ऐसा लगा धरम जी ने मेरा हाथ पकड़ा है

वीडियोज

Bakra Eid 2026: ठाणे सोसायटी में कुर्बानी को लेकर बवाल | Mumbai News  | Thane |
Iran US Israel War Begin?: Trump बनाया ईरान को निशाना |Trump | Netanyahu
Iran US Israel War Begin?: Iran-US Deal पर सस्पेंस! ट्रंप के बयान से तेज हुई चर्चा  | Trump |
Breaking | US Iran Ceasefire Update: Donald Trump को बड़ा झटका! | Hormuz Strait
Bihar News: मलमास मेले में बड़ा हादसा, झूले से गिरा युवक गंभीर | Crime | MalmashMela | Mela Accident

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
बंगाल की शुभेंदु सरकार का शराब को लेकर बड़ा फैसला, अब इन जगहों पर नहीं छलकेंगे जाम
बंगाल की शुभेंदु सरकार का शराब को लेकर बड़ा फैसला, अब इन जगहों पर नहीं छलकेंगे जाम
एमपी के पन्ना में बड़ा हादसा, निर्माणाधीन कुआं धंसने से 5 लोगों की मौत, 2 घंटे तक चला रेस्क्यू
एमपी के पन्ना में बड़ा हादसा, निर्माणाधीन कुआं धंसने से 5 लोगों की मौत, 2 घंटे तक चला रेस्क्यू
पद्म श्री अवॉर्ड लेने राष्ट्रपति भवन क्यों नहीं आए रोहित शर्मा? असली वजह का हुआ खुलासा
पद्म श्री अवॉर्ड लेने राष्ट्रपति भवन क्यों नहीं आए रोहित शर्मा? असली वजह का हुआ खुलासा
धर्मेंद्र के लिए 'पद्म विभूषण' सम्मान लेते हुए इमोशनल हुईं हेमा मालिनी, बोलीं- ऐसा लगा धरम जी ने मेरा हाथ पकड़ा है
धर्मेंद्र के लिए 'पद्म विभूषण' सम्मान लेते हुए इमोशनल हुईं हेमा मालिनी, बोलीं- ऐसा लगा धरम जी ने मेरा हाथ पकड़ा है
Explained: RBI ने सरकार को 2.87 लाख करोड़ रुपए सौंपे! कैसे केंद्रीय बैंक बना 'खामोश फाइनेंसर', आपकी जेब में कितना आएगा?
RBI ने सरकार को 2.87 लाख करोड़ दिए! कैसे केंद्रीय बैंक बना 'खामोश फाइनेंसर', आपको क्या मिलेगा?
Opium Farming : कैसे मिलती है अफीम के खेत की अलॉटमेंट, जानिए किन कागजों की पड़ती है जरूरत, पैसों में खेलता है किसान
कैसे मिलती है अफीम के खेत की अलॉटमेंट, जानिए किन कागजों की पड़ती है जरूरत, पैसों में खेलता है किसान
Gardening Tips In Summer: भीषण गर्मी में कुछ दिन के लिए जा रहे घर से दूर, वापस आने तक इस तरीके से हरा-भरा रहेगा गार्डन
भीषण गर्मी में कुछ दिन के लिए जा रहे घर से दूर, वापस आने तक इस तरीके से हरा-भरा रहेगा गार्डन
SSC GD परीक्षा में बड़ा बवाल, हजारों अभ्यर्थियों की मेहनत पर लगा ब्रेक; अब इस दिन फिर होगी परीक्षा
SSC GD परीक्षा में बड़ा बवाल, हजारों अभ्यर्थियों की मेहनत पर लगा ब्रेक; अब इस दिन फिर होगी परीक्षा
Embed widget