Electric Car Battery Issue: क्या रातभर बंद रखने पर भी ड्रॉप हो रही आपकी EV की बैटरी, जानें क्या है वजह?
इलेक्ट्रिक कारों में लिथियम आयन बैटरी इस्तेमाल होती है. जिसमें हल्का-फुल्का डिस्चार्ज होना सामान्य प्रक्रिया है. यानी अगर गाड़ी कुछ दिनों तक खड़ी रहती है तो बैटरी का थोड़ा प्रतिशत कम होना नॉर्मल है.

Electric Car Battery Issue: बदलते समय के साथ इलेक्ट्रिक वाहनों का इस्तेमाल भी तेजी से बढ़ रहा है. लेकिन कई यूजर्स एक आम समस्या से परेशान रहते हैं. दरअसल कई इलेक्ट्रिक गाड़ियों के रात भर खड़ी रहने के बावजूद बैटरी धीरे-धीरे कम होने लगती है. अक्सर लोग सोचते हैं कि अगर कार बंद है, तो बैटरी पर कोई असर नहीं पड़ेगा. लेकिन ऐसा पूरी तरह सही नहीं है. बैटरी ड्रेन के पीछे कई ऐसे कारण होते हैं, जिन्हें समय रहते समझना बहुत जरूरी होता है. ऐसे में चलिए आज हम आपको बताते हैं कि क्या रात भर बंद रखने पर भी आपकी ईवी की बैटरी ड्रॉप हो रही है, जानिए इसकी क्या वजह है.
खड़ी गाड़ी में क्यों घटती है बैटरी?
इलेक्ट्रिक कारों में लिथियम आयन बैटरी इस्तेमाल होती है. जिसमें हल्का-फुल्का डिस्चार्ज होना सामान्य प्रक्रिया है. यानी अगर गाड़ी कुछ दिनों तक खड़ी रहती है तो बैटरी का थोड़ा प्रतिशत कम होना नॉर्मल है. हालांकि यह गिरावट बहुत ज्यादा नहीं होनी चाहिए. इसके अलावा गाड़ी में मौजूद कई सिस्टम बंद होने के बाद भी बैकग्राउंड में काम करते रहते हैं. जैसे बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम, सिक्योरिटी अलार्म क्लॉक, रिमोट कनेक्टिविटी और सॉफ्टवेयर अपडेट जैसी सुविधाएं धीरे-धीरे बैटरी कम इस्तेमाल करती रहती है. इसके चलते भी कई बार बैटरी डिस्चार्ज हो जाती है.
तापमान का भी पड़ता है असर
बहुत ज्यादा ठंड या गर्मी बैटरी पर सीधा असर डालती है. ठंड में बैटरी के अंदर होने वाली केमिकल प्रक्रिया धीमी हो जाती है, जिससे उसकी क्षमता कम महसूस होती है. वहीं ज्यादा गर्मी बैटरी के अंदर के फ्लूड और कंपोनेंट्स पर असर डालती है, जिससे परफॉर्मेंस गिर सकती है. कई मामलों में बैटरी को सही तापमान पर रखने के लिए सिस्टम खुद ही हीटिंग या कूलिंग करता है, जिससे भी बैटरी धीरे-धीरे खर्च होती रहती है.
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क्या रात भर में बैटरी खत्म हो सकती है?
नॉर्मल कंडीशन में रातभर गाड़ी बंद खड़ी रहने से बैटरी पूरी तरह खत्म नहीं होती है. अगर ऐसा हो रहा है तो उसके पीछे कई समस्या हो सकती है. जैसे खराब बैटरी चार्जिंग सिस्टम में गड़बड़ी या फिर किसी फीचर का लगातार चालू रहना. वहीं अगर आपकी इलेक्ट्रिक कार पहले के मुकाबले कम दूरी तय करने लगी है या बार-बार चार्जिंग की जरूरत पड़ रही है, तो यह बैटरी की गिरती क्षमता का संकेत हो सकता है. इसके अलावा चार्जिंग में ज्यादा समय लगना, जल्दी बैटरी खत्म होने या गाड़ी की परफॉर्मेंस में गिरावट भी इसी और इशारा करते हैं. डैशबोर्ड पर आने वाली वार्निंग सिग्नल को नजरअंदाज करना भी बड़ी गलती हो सकती है. आमतौर पर जब बैटरी की क्षमता करीब 70 प्रतिशत तक गिर जाती है, तब उसे बदल लेना चाहिए.
कैसे बचाएं बैटरी को ड्रेन होने से?
इलेक्ट्रिक गाड़ी की बैटरी की लाइफ बढ़ाने के लिए कुछ आसान आदत अपनाना जरूरी है. जैसे गाड़ी को लंबे समय तक खड़ा करना हो तो बैटरी को बहुत कम प्रतिशत पर न छोड़ें. इससे मीडियम स्तर पर रखना बेहतर माना जाता है. बार-बार 100 प्रतिशत तक चार्ज करने या पूरी तरह जीरो प्रतिशत तक डिस्चार्ज होने से बचना चाहिए. फास्ट चार्जिंग का इस्तेमाल जरूरत पड़ने पर ही करें, क्योंकि इससे बैटरी पर एक्स्ट्रा दबाव पड़ता है. इसके अलावा गाड़ी को बहुत ज्यादा गर्मी या ठंड में पार्क करने से बचें. अगर संभव हो तो छांव या कवर वाली जगह पर ही गाड़ी पार्क करें, ताकि तापमान का असर कम पड़े.
Source: IOCL




























