Volkswagen की 28.6 लाख Cars Recall, जानें वजह
फॉक्सवैगन ने स्टीयरिंग व्हील में खराबी के चलते दुनियाभर में 28.6 लाख गाड़ियों को रिकॉल किया है. इसमें टिगुआन, गोल्फ और ऑडी के मॉडल शामिल हैं. जानिए रिकॉल की पूरी वजह.

हाल ही में ऑटोमोबाइल कंपनी में कुछ ऐसी खबरें सुनने को मिलीं थीं जिसने सभी को हैरान कर दिया था. जबकि अब एक और ऐसी खबर सामने आई है. दरअसल, फॉक्सवैगन ग्रुप ने सुरक्षा संबंधी एक बड़ी कमी के चलते वर्ल्ड लेवल पर लगभग 28.6 लाख गाड़ियों को वापस बुलाने की घोषणा की है. बता दें कि, कंपनी की ओर से यह फैसला कारों के स्टीयरिंग व्हील में पाई गई एक गंभीर तकनीकी खराबी के बाद लिया गया है.
बता दें कि, ऑटोमोबाइल सेक्टर में सुरक्षा को लेकर बढ़ती सख्ती के बीच फॉक्सवैगन का यह रिकॉल अब तक के सबसे बड़े अभियानों में से एक माना जा रहा है. कंपनी प्रभावित गाड़ियों के मालिकों को सूचित कर रही है ताकि डीलरशिप पर जाकर इस खराबी को मुफ्त में ठीक कराया जा सके. चलिए जानतें हैं यह फैसला कंपनी ने क्यों लिया है.
क्या पाई गई खराबी?
बता दें कि, कंपनी द्वारा मिली जानकारी के अनुसार खराब हुए वाहनों के स्टीयरिंग व्हील में लगा एक विशेष इलेक्ट्रॉनिक मॉड्यूल समय के साथ धूल, गंदगी या अन्य कारणों से खराब हो सकता है.
इस मॉड्यूल के खराब होने पर कार का एयरबैग केबल कट सकता है. जिससे एक्सीडेंट की स्थिति में ड्राइवर साइड एयरबैग समय पर नहीं खुलेगा. इसके अलावा इस खराबी की वजह से स्टीयरिंग व्हील पर दिए गए हॉर्न और ऑडियो कंट्रोल्स भी काम करना बंद कर सकते हैं जो ड्राइविंग के दौरान सुरक्षा के लिहाज से खतरनाक है.

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ये मॉडल्स वापस बुलाए गए
जानकारी दें दे कि, फॉक्सवैगन ग्रुप के इस विशाल रिकॉल के तहत साल 2018 से 2024 के बीच बनी कई गाड़ियां प्रभावित हुई हैं. इनमें फॉक्सवैगन की सबसे ज्यादा बिकने वाली एसयूवी टिगुआन, हैचबैक गोल्फ, पसाट और एटलस शामिल हैं.
वहीं, इसके अलावा ऑडी ब्रांड के अंतर्गत आने वाली लोकप्रिय सेडान ऑडी A3, A4, A6 और एसयूवी मॉडल ऑडी Q3 व Q5 भी इस रिकॉल के दायरे में आई हैं. स्कोडा और सीट ब्रांड्स की भी कई गाड़ियां इस तकनीकी समस्या से प्रभावित बताई जा रही हैं.

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कैसे होगा इस समस्या का समाधान?
आपको बता दें कि, फॉक्सवैगन ने यह साफ कर दिया है कि प्रभावित गाड़ियों के मालिकों को आधिकारिक सर्विस सेंटर पर मुफ्त मरम्मत की सुविधा दी जाएगी. डीलरशिप पर तकनीशियन स्टीयरिंग व्हील के अंदर लगे इस केबल और मॉड्यूल असेंबली की जांच करेंगे और आवश्यकता पड़ने पर इसे पूरी तरह से नए और अपडेटेड पार्ट से बदलेंगे.
वहीं, इसके साथ ही स्टीयरिंग कॉलम के पास एक अतिरिक्त प्रोटेक्टिव कवर भी लगाया जाएगा. जिससे भविष्य में धूल या कचरे के कारण केबल में खराबी न आए. इस पूरी प्रक्रिया में लगभग 1 से 2 घंटे का समय लगेगा.
क्या सलाह दी गई है?
जानकारी दें दे कि, अगर किसी भी गाड़ी के इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर पर एयरबैग की वार्निंग लाइट लगातार जल रही है या स्टीयरिंग व्हील का हॉर्न अचानक काम करना बंद कर दे. तो उन्हें तुरंत नजदीकी डीलरशिप से संपर्क करने की सलाह दी गई है.
जबकि इसके अलावा कंपनी अपने आधिकारिक ऑनलाइन पोर्टल और VIN के जरिए ग्राहकों को अपनी गाड़ी का स्टेटस चेक करने की सुविधा भी दे रही है. कंपनी का मानना है कि वे ग्राहकों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करना चाहते और जल्द से जल्द सभी प्रभावित वाहनों को ठीक करने की प्रक्रिया पूरी करेंगे.
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