लंबे टेस्ट में खुला राज! 5000KM चलाने के बाद कैसी निकली Tata Altroz Diesel? यहां देखें रियल रिव्यू
Tata Altroz Diesel एक भरोसेमंद और किफायती कार है, खासकर उन लोगों के लिए जो लंबी दूरी तय करते हैं. आइए जानें इसकी परफॉर्मेंस, फीचर्स और क्या ये डीजल हैचबैक आपके लिए सही है.

Tata Altroz Diesel को 5000KM से ज्यादा अलग-अलग शहरों और हाईवे पर चलाया गया, जिसमें लखनऊ, जयपुर और देहरादून जैसे लंबे रूट शामिल रहे. ये कार खास तौर पर उन लोगों के लिए बनाई गई है जो लंबी दूरी तय करते हैं और अच्छी माइलेज चाहते हैं. आज के समय में डीजल हैचबैक कम होती जा रही हैं, ऐसे में Altroz एक अलग पहचान बनाती है. आइए जानते हैं कि ड्राइविंग एक्सपीरियंस कैसा है?
इस कार में 1.5 लीटर का डीजल इंजन मिलता है जो 90bhp की पावर और 200Nm टॉर्क देता है. यह इंजन खासतौर पर लंबी दूरी के सफर के लिए बेहतर साबित होता है. हाईवे पर इसकी परफॉर्मेंस स्मूद रहती है और गाड़ी बिना ज्यादा मेहनत के तेज चलती है. हालांकि हल्की डीजल इंजन की आवाज सुनाई देती है, लेकिन यह ज्यादा परेशान नहीं करती.
माइलेज, कम्फर्ट और ड्राइविंग एक्सपीरियंस
Tata Altroz Diesel की सबसे बड़ी ताकत इसकी माइलेज है. हाईवे पर यह करीब 26kmpl तक का माइलेज देती है, जबकि शहर में यह 17-18kmpl के आसपास रहती है. इस वजह से यह कार रोज इस्तेमाल और लंबी जर्नी दोनों के लिए सही मानी जाती है. इसमें 5-स्पीड मैनुअल गियरबॉक्स दिया गया है, जो अपना काम ठीक से करता है, लेकिन अगर इसमें ऑटोमैटिक ऑप्शन होता तो शहर में ड्राइव करना और आसान हो सकता था. सस्पेंशन काफी मजबूत है और खराब सड़कों पर भी गाड़ी आराम से चलती है. इसका ग्राउंड क्लीयरेंस अच्छा है, जिससे ऊबड़-खाबड़ रास्तों पर भी दिक्कत नहीं होती.
स्टीयरिंग हल्की है, जिससे शहर में ड्राइव करना आसान लगता है. अंदर का केबिन मजबूत और प्रीमियम फील देता है, हालांकि हल्के रंग की सीटें जल्दी गंदी हो सकती हैं. 360 डिग्री कैमरा और अच्छा ऑडियो सिस्टम जैसे फीचर्स रोजमर्रा की ड्राइव को आसान बनाते हैं.
क्या आपको Tata Altroz Diesel खरीदनी चाहिए?
अगर लंबी दूरी पर ज्यादा ड्राइव होती है और माइलेज सबसे जरूरी है, तो Tata Altroz Diesel एक समझदारी भरा विकल्प साबित हो सकती है. इसकी बिल्ड क्वालिटी मजबूत है, राइड आरामदायक है और हैंडलिंग भी अच्छी है. हालांकि इसमें ऑटोमैटिक गियरबॉक्स की कमी और हल्की इंजन आवाज कुछ लोगों को परेशान कर सकती है. अगर जरूरत ज्यादा माइलेज और हाईवे ड्राइव की है, तो यह एक अच्छा फैसला साबित हो सकती है.
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Source: IOCL


























