अब चुटकियों में इस ऐप के जरिए हो जाएगा काम, सिर्फ इतने रुपये में बनेगा लोकल टोल पास
Local Toll Pass: इस सुविधा को सबसे पहले दिल्ली के मुंडका टोल प्लाजा पर शुरू किया जाएगा. इसके बाद बिजवासन टोल प्लाजा और फिर NCR के दूसरे टोल प्लाजा पर ये सुविधा लागू होगी.

टोल प्लाजा के 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले लोगों के लिए ये अच्छी खबर है. अब इन लोगों को लोकल पास बनवाने के लिए टोल प्लाजा पर नहीं जाना होगा क्योंकि यह काम राजमार्ग यात्रा ऐप के जरिए ही हो जाएगा. इस पास को बनवाने का चार्ज 340 से 350 रुपये महीना रहेगा.
इस सुविधा को सबसे पहले दिल्ली के मुंडका टोल प्लाजा पर शुरू किया जाएगा. इसके बाद बिजवासन टोल प्लाजा और फिर NCR के दूसरे टोल प्लाजा पर लागू होगी. बाद में इसे पूरे देश में लागू करने की योजना है.
अलग से पास दिखाने की नहीं होगी जरूरत
मुंडका टोल पर फास्टैग (FASTag) के माध्यम से मल्टी-लेन फ्री-फ्लो (MLFF) सिस्टम लागू किया गया है, जिससे गाड़ियों को रुकने की आवश्यकता नहीं है. नई योजना के तहत टोल प्लाजा के आसपास रहने वाले लोगों को डिजिटल पास जारी किया जाएगा, जिसे सीधे उनके FASTag से लिंक कर दिया जाएगा. इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि कार चालक को हर बार टोल पर भुगतान करने या अलग से पास दिखाने की जरूरत नहीं होगी.
किन लोगों को मिलेगा फायदा?
FASTag स्कैन होते ही सिस्टम गाड़ी की पहचान कर लेगा और पास के मुताबिक, टोल की सुविधा अपने आप लागू हो जाएगी. इसका उद्देश्य टोल प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और बिना रुकावट वाला बनाना है. यह सुविधा सभी लोगों के लिए नहीं होगी. इसका फायदा केवल उन कार मालिकों को मिलेगा जो टोल प्लाजा से 20 किलोमीटर के दायरे में रहते हैं. डिजिटल पास जारी करने के लिए कार मालिक की पहचान आधार और दूसरे जरूरी डॉक्यूमेंट्स के जरिए की जाएगी. वेरिफिकेशन पूरा होने के बाद पास सीधे FASTag से जोड़ दिया जाएगा.
सरकार इस सुविधा को बनाएगी डिजिटल
मौजूदा नियमों के मुताबिक, लोकल लोगों के लिए मंथली पास की कीमत करीब 350 रुपये है. इस पास के जरिए लोग एक महीने तक उसी टोल प्लाजा से कितनी भी बार आ-जा सकते हैं. अब सरकार इसी सुविधा को पूरी तरह डिजिटल बनाने की तैयारी कर रही है ताकि लोगों को पास बनवाने के लिए बार-बार टोल प्लाजा के चक्कर न लगाने पड़ें.
नई व्यवस्था लागू होने के बाद पास बनवाने के लिए टोल प्लाजा पर जाने की जरूरत भी काफी हद तक खत्म हो जाएगी. सरकार की योजना है कि आवेदन और पास जारी करने का प्रोसेस ऑनलाइन पोर्टल या डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से पूरी की जाए. इससे समय की बचत होगी और टोल प्लाजा पर भीड़ भी कम होगी.
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