हाइब्रिड कार खरीदने वालों के मजे, सरकार की इस नीति से आपके बच जाएंगे लाखों रुपये
Delhi EV Policy 2.0: इस नीति में बताया गया है कि स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड कारों पर रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस में लगभग 50 फीसदी तक की छूट मिल सकती है. आइए डिटेल्स जानते हैं.

दिल्ली सरकार की नई ड्राफ्ट EV पॉलिसी 2.0 में कार खरीदने वालों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है. इस प्रस्ताव के तहत हाइब्रिड कारों पर टैक्स में छूट देने की बात कही गई है. अगर यह योजना लागू होती है तो दिल्ली में हाइब्रिड कार खरीदना पहले की तुलना में सस्ता हो जाएगा. इसका मुख्य उद्देश्य लोगों को ज्यादा साफ और कम प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों की तरफ प्रेरित करना है.
इस नीति में बताया गया है कि स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड कारों पर रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस में लगभग 50 फीसदी तक की छूट मिल सकती है. यह फायदा खास तौर पर उन कारों पर लागू होगा जिनकी कीमत करीब 30 लाख रुपये तक है. इससे ग्राहकों को नई कार खरीदते समय हजारों रुपये तक की सीधी बचत हो सकती है.
ग्राहकों को एक्स्ट्रा टैक्स नहीं देना होगा
इसके साथ ही EV को और बढ़ावा देने के लिए सरकार ने बड़ा कदम प्रस्तावित किया है. 30 लाख रुपये तक की इलेक्ट्रिक कारों पर 100 फीसदी रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस माफ करने की बात कही गई है. यानी अगर यह नियम लागू होता है तो EV कार खरीदने पर ग्राहकों को एक्स्ट्रा टैक्स नहीं देना होगा, जिससे उनकी ऑन-रोड कीमत काफी कम हो जाएगी.
इस पॉलिसी में एक सीमा भी तय की गई है. 30 लाख रुपये से ज्यादा कीमत वाली इलेक्ट्रिक कारों को किसी भी तरह की टैक्स छूट नहीं मिलेगी. इसका मतलब है कि सरकार यह फायदा मुख्य तौर से मिड-सेगमेंट और आम ग्राहकों तक सीमित रखना चाहती है, ताकि ज्यादा लोग EV अपनाएं.
हाइब्रिड कारों को इस नीति में ट्रांजिशन टेक्नोलॉजी के तौर पर देखा जा रहा है. यानी जो लोग अभी पूरी तरह इलेक्ट्रिक कार नहीं खरीदना चाहते, वे हाइब्रिड कार का ऑप्शन चुन सकते हैं. हाइब्रिड कारें पेट्रोल इंजन और इलेक्ट्रिक मोटर दोनों पर चलती हैं, जिससे फ्यूल की खपत कम होती है और प्रदूषण भी पेट्रोल-डीजल कारों की तुलना में कम होता है.
क्या है सरकार का उद्देश्य?
सरकार का उद्देश्य साफ है कि दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को कम किया जाए और लोगों को धीरे-धीरे इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की तरफ लाया जाए. इसी वजह से EV पॉलिसी 2.0 में इलेक्ट्रिक गाड़ियों के लिए ज्यादा प्रोत्साहन और हाइब्रिड वाहनों के लिए राहत का प्रस्ताव रखा गया है.ध्यान देने वाली बात है कि यह अभी सिर्फ ड्राफ्ट पॉलिसी है. यानी इसे अंतिम रूप देने से पहले लोगों और एक्सपर्ट्स से सुझाव लिए जा रहे हैं. इसके बाद ही सरकार तय करेगी कि कौन से नियम लागू किए जाएंगे और कौन से बदले जाएंगे.
यह भी पढ़ें:-
कितने रुपये में बुक कर सकते हैं नई नवेली Tata Tiago EV फेसलिफ्ट? जानिए बुकिंग प्रोसेस
Source: IOCL

























