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महंगे फ्यूल और बढ़ते पॉल्यूशन से मिलेगी निजात! EV पॉलिसी 2.0 में आपके लिए क्या है खास?

Delhi EV Policy 2.0: सरकार का उद्देश्य पुरानी और ज्यादा प्रदूषण करने वाली गाड़ियों को सड़कों से हटाना और इलेक्ट्रिक गाड़ियों की संख्या बढ़ाना है. इसके लिए बजट में करीब 200 करोड़ रुपये का प्रावधान है.

बढ़ता पॉल्यूशन और महंगा फ्यूल लोगों के लिए बड़ी समस्या बन चुका है. खासकर दिल्ली में एयर क्वालिटी को लेकर लगातार चिंता बनी रहती है. इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए सरकार ने EV Policy 2.0 के जरिए इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने और पॉल्यूशन करने वाली गाड़ियों को हटाने के लिए बड़ा कदम उठाया है. यह नई पॉलिसी दिल्ली के ग्रीन बजट 2026 का अहम हिस्सा है, जिसका मकसद शहर को साफ और पर्यावरण के अनुकूल बनाना है,

इस नई पॉलिसी की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें सीधे सब्सिडी देने के बजाय पुरानी गाड़ियों को स्क्रैप करने पर ज्यादा जोर दिया गया है. यानी अगर कोई शख्स अपनी पुरानी पेट्रोल या डीजल गाड़ी को स्क्रैप कराता है तो उसे नई इलेक्ट्रिक गाड़ी खरीदने पर ज्यादा फायदा मिलेगा. सरकार का उद्देश्य पुरानी और ज्यादा प्रदूषण करने वाली गाड़ियों को सड़कों से हटाना और इलेक्ट्रिक गाड़ियों की संख्या बढ़ाना है. इसके लिए बजट में करीब 200 करोड़ रुपये का प्रावधान भी किया गया है. 

EV पॉलिसी में क्या-क्या शामिल?

नई EV पॉलिसी में अलग-अलग तरह की गाड़ियों के लिए अलग-अलग सब्सिडी तय की गई है. 15 लाख रुपये तक की इलेक्ट्रिक कार खरीदने पर करीब 1 लाख रुपये तक की छूट मिल सकती है, लेकिन यह फायदा लोगों को ही मिलेगा. वहीं इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर पर सीधे 10 हजार रुपये की सब्सिडी दी जाएगी और इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर पर करीब 25 हजार रुपये का फायदा मिलेगा. इसके अलावा अगर कोई शख्स अपनी पुरानी पेट्रोल या डीजल कार को इलेक्ट्रिक में बदलता है तो उसे भी करीब 50 हजार रुपये की मदद दी जाएगी. 

इस पॉलिसी में टैक्स से जुड़ी बड़ी राहत भी दी गई है. इलेक्ट्रिक वाहनों पर रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस पूरी तरह माफ रहेगी, जो मार्च 2030 तक लागू रहेगी. हालांकि यह छूट 30 लाख रुपये तक की कीमत वाली गाड़ियों पर ही मिलेगी, इससे महंगी गाड़ियों पर सामान्य टैक्स लागू होगा.

क्या है दिल्ली EV 2.0 का उद्देश्य?

सरकार ने सिर्फ प्राइवेट गाड़ियां ही नहीं बल्कि पब्लिक ट्रांसपोर्ट को भी इलेक्ट्रिक बनाने पर जोर दिया है. प्लान के तहत हजारों नई इलेक्ट्रिक बसें सड़कों पर उतारी जाएंगी और आने वाले सालों में पूरी बस व्यवस्था को इलेक्ट्रिक बनाने का टारगेट रखा गया है. इसके साथ ही चार्जिंग स्टेशन की संख्या तेजी से बढ़ाने की योजना है. हर गाड़ी डीलरशिप पर चार्जिंग पॉइंट लगाना अनिवार्य किया जाएगा और 2026 तक हजारों नए चार्जिंग स्टेशन तैयार करने का टारगेट है. 

इसके अलावा बढ़ती इलेक्ट्रिक गाड़ियों को देखते हुए बैटरी रीसाइक्लिंग की व्यवस्था भी बनाई जा रही है ताकि पर्यावरण को नुकसान न हो. इसके साथ ही सब्सिडी देने की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए Direct Benefit Transfer और आधार आधारित सिस्टम से जोड़ा जाएगा, जिससे लोगों को जल्दी पैसा मिल सके. 

दिल्ली की EV Policy 2.0 सिर्फ सब्सिडी देने की योजना नहीं है, बल्कि यह एक बड़ा प्लान है जो पॉल्यूशन को कम करने, इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने और शहर को साफ-सुथरा बनाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है. यह नीति आने वाले समय में दिल्ली को एक ज्यादा ईको-फ्रेंडली बनाने में अहम भूमिका निभा सकती है. 

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