क्या आप जानते हैं कभी गलती से हो गया था Seat Belt का आविष्कार, आज इससे बचती है लाखों लोगों की जान
आज की गाड़ियों में जिस थ्री पाइंट सीट बेल्ट का इस्तेमाल किया जाता है, उसे वोल्वो डिजाइनर निल्स बोहलिन द्वारा 1958 में पेश किया गया था.

Car Seat Belt Invention: वाहनों में सुरक्षा के लिए सीट बेल्ट का प्रयोग एक महत्वपूर्ण उपाय है. राष्ट्रीय राजमार्ग यातायात सुरक्षा प्रशासन (NHTSA) द्वारा जारी 2017 के आंकड़ों के अनुसार, अगर ड्राइवर और यात्रियों ने सीट बेल्ट पहना हो तो मोटर वाहन दुर्घटनाओं में 47 प्रतिशत लोगों की जान बचाई जा सकती है. सीट बेल्ट वाहनों में यात्रियों के लिए एक जीवन-रक्षक प्रणाली की तरह है. अगर आप सोच रहे हैं कि सीट बेल्ट का आविष्कार कब और कैसे हुआ और इसका उपयोग पहली बार किस वाहन में हुआ. तो हम लेकर आएं हैं आपके सवालों के जवाब.
19वीं शताब्दी में हुआ पहली बार इस्तेमाल
इंजीनियर और विमानन अग्रणी सर जॉर्ज केली को सीट बेल्ट का आविष्कार करने के लिए जाना जाता है, Slash Gear की रिपोर्ट के अनुसार, पहली बार सीट बेल्ट का इस्तेमाल 19वीं शताब्दी के मध्य में हुआ था. केली ने सीट बेल्ट का आविष्कार ग्लाइडरों के लिए किया गया था, ताकि पायलटों को उड़ान के दौरान सुरक्षा दी जा सके. फिर बाद में धीरे-धीरे कारों में इसका प्रयोग किया जाने लगा. बताया जाता है की वर्ष 1849 में एक कार में सेफ्टी हार्नेस या बेल्ट का उपयोग किया गया था, लेकिन इसका कोई ठोस प्रमाण नहीं है.
1885 में मिला पहला पेटेंट
अमेरिका में एडवर्ड जे क्लैघोर्न को सीट बेल्ट के लिए पहला पेटेंट 1885 में दिया गया था. यह सीट बेल्ट शुरुआत में कोंटरापशन हुक के साथ बनाया गया था. क्लैगॉर्न ने यह आविष्कार मुख्य रूप से न्यूयॉर्क की टैक्सियों में यात्रियों को सुरक्षा देने के लिए किया गया था. यह उस दौरान आज के सीट बेल्ट की तरह नहीं था. यह सीट बेल्ट का शुरुआती दौर था.
1922 में रेसिंग कार में इस्तेमाल
20 वीं शताब्दी तक विमानों में टू पाइंट सीट बेल्ट और गोद बेल्ट का इस्तेमाल होना शुरु हो गया. अभी भी विमानों में यात्रियों के लिए लैप बेल्ट का इस्तेमाल होता है. जब 1922 में एक प्रसिद्ध इंडियानापोलिस 500 रेसर, बार्नी ओल्डफील्ड ने एक पैराशूट कंपनी को अपनी रेस कार के लिए सुरक्षा उपाय करने के लिए कहा था, इसके बाद लेस्ली लेरॉय इरविन की इरविन एयर च्यूट कंपनी (जिसे पैराशूट के इस्तेमाल से पहली फ्री-फॉल जंप पूरा करने का श्रेय दिया जाता है), को कार्य दिया गया था, तब किसी कार चालक द्वारा पहली बार सीट बेल्ट का प्रयोग किया गया था. इसके बाद स्पोर्ट्स कार क्लब ऑफ अमेरिका ने साल 1954 तक रेसिंग इवेंट में सीट बेल्ट को अनिवार्य कर दिया था.
इस कंपनी ने 1949 में कार में दी सुविधा
वैकल्पिक सुविधा के रूप में 1949 अमेरिकी कार कंपनी नैश, सीट बेल्ट की पेशकश करने वाली पहली कंपनी बनी. लेकिन शुरुआत में नैश के केवल कुछ हज़ार खरीदारों ने ही इसका उपयोग किया. 1955 में, Ford ने वैकल्पिक सीट बेल्ट की शुरूआत की, लेकिन इसे भी केवल कुछ ही यूजर्स मिले. उसी साल, रोजर डब्ल्यू ग्रिसवॉल्ड और ह्यूग डेहेवन ने एक थ्री पाइंट सीट बेल्ट जो एक लैप बेल्ट थी, जो कंधे के चारों ओर पहनी जाती थी, का पेटेंट कराया.
1958 में आई आधुनिक सीट बेल्ट
आज की गाड़ियों में जिस थ्री पाइंट सीट बेल्ट का इस्तेमाल किया जाता है, उसे वोल्वो डिजाइनर निल्स बोहलिन द्वारा 1958 में पेश किया गया था. वॉल्वो ने अपनी कारों में सीट बेल्ट को अनिवार्य बना दिया था क्योंकि वॉल्वो के तत्कालीन सीईओ के एक रिश्तेदार की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी. इसके बाद ही कंपनी ने यह फैसला किया.
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