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AI से लैस हुई बेंगलुरु ट्रैफिक पुलिस, गाड़ी चलते ही पता कर लेगी कितना चालान हैं पेंडिंग
बेंगलुरु ट्रैफिक पुलिस ने पायलट प्रोजेक्ट के तहत AI स्क्रीन लगाई है. अब गाड़ी की नंबर प्लेट स्कैन होते ही चालान और ट्रैफिक नियम उल्लंघन की जानकारी स्क्रीन पर दिखेगी. आइए डिटेल्स जानते हैं.

बेंगलुरु में ट्रैफिक पुलिस का नया प्रयोग
Source : freepik
बेंगलुरु की ट्रैफिक पुलिस ने नियम तोड़ने वालों को जागरूक करने के लिए अब AI स्क्रीन की मदद लेना शुरू कर दिया है. ये सिस्टम गाड़ी की नंबर प्लेट स्कैन कर तुरंत स्क्रीन पर दिखा देता है कि गाड़ी पर कितने चालान पेंडिंग हैं और किस नियम का उल्लंघन हुआ है. आइए विस्तार से जानते हैं.
कैसे काम करता है यह AI स्क्रीन?
- ट्रैफिक पुलिस ने इसे 100 मीटर पहले लगे कैमरों से जोड़ा है. जैसे ही कोई गाड़ी वहां से गुजरता है, कैमरा उसकी नंबर प्लेट स्कैन करता है और तुरंत स्क्रीन पर उस वाहन का नंबर और उसके खिलाफ किए गए ट्रैफिक नियम उल्लंघन की जानकारी दिखाई देती है.
ड्राइवरों को मिलेगा क्या फायदा?
- दरअसल, इस सिस्टम का सबसे बड़ा फायदा यह है कि ड्राइवरों को रियल-टाइम में यह जानकारी मिल जाएगी कि उनकी गाड़ी पर कितने चालान पेंडिंग हैं और किस वजह से चालान काटा गया है. इससे वे तुरंत चालान भर पाएंगे और भविष्य में नियम तोड़ने से बचेंगे.
कहां शुरू हुआ यह पायलट प्रोजेक्ट?
- फिलहाल ये AI स्क्रीन ट्रिनिटी चौक पर लगाई गई है और इसे पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू किया गया है. अगर यह प्रयोग सफल होता है, तो भविष्य में शहर के अन्य बड़े ट्रैफिक पॉइंट्स पर भी ऐसी स्क्रीन लगाई जा सकती हैं. इस AI स्क्रीन की जानकारी सोशल मीडिया पर कुछ लोग शेयर कर रहे है. जहां इसे ट्रैफिक सुधार की दिशा में अच्छा कदम बता रहे हैं, वहीं कुछ ने मजाक में कहा कि इसी तरह अगर ड्रोन से सड़कों के गड्ढे और जाम की भी जानकारी दी जाए तो और बेहतर होगा.
- बता दें कि बेंगलुरु ट्रैफिक पुलिस का यह AI स्क्रीन वाला प्रयोग ट्रैफिक मैनेजमेंट में बड़ा बदलाव ला सकता है. इससे जहां चालान प्रक्रिया ज्यादा पारदर्शी होगी, वहीं ड्राइवरों को भी तुरंत जानकारी मिल सकेगी. आने वाले समय में अगर यह पायलट प्रोजेक्ट सफल रहा, तो शहर की ट्रैफिक व्यवस्था और बेहतर हो सकती है.
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