एक्सप्लोरर

December 2025: ग्रहों का महासंक्रमण! मौसम, बाज़ार, राजनीति पर बड़ा असर, रहना होगा सतर्क!

Predictions: दिसंबर, 2025 का अंतिम महीना. ये शांत नहीं है! आसमान में ग्रहों की चाल ऐसी परिस्थितियों को जन्म दे रही है जो मौसम, कृषि, व्यापार, राजनीति, अर्थव्यवस्था, आम जनजीवन में बड़ी हलचल पैदा करेगा.

Show Quick Read
Key points generated by AI, verified by newsroom
  • 05-09 दिसंबर को गुरु, बुध, मंगल की चाल से मौसम-अर्थव्यवस्था प्रभावित होगी।
  • ग्रह गोचर से तेल, सोना, चांदी में तेजी; मसालों, दालों में मंदी।
  • 07 दिसंबर को मंगल की चाल से धान, गेहूं, रूई के भाव बढ़ेंगे।
  • 16 दिसंबर को सूर्य के धनु में जाने से नीतिगत, धार्मिक कार्यों में गति।
  • यह माह उथल-पुथल भरा, सावधानी व संयम बरतने का है।

Predictions December 2025: दिसंबर 2025 की सबसे बड़ी ख़ासियत यह है कि 05 से 09 दिसंबर के बीच गुरु, बुध और मंगल, तीनों बडे़ ग्रह राशि बदल रहे हैं. इन 5 दिनों का ग्रह-संक्रमण मौसम से अर्थव्यवस्था और आम जनजीवन को बड़े पैमाने पर प्रभावित करने जा रहा है.

दिसंबर 2025 की शुरुआत होते ही ऐसा लगता है मानो ग्रह एक-दूसरे को चुनौती दे रहे हों. महीने का पहला सप्ताह असामान्य रूप से सक्रिय है, गुरु, बुध और मंगल, तीनों ग्रह लगातार अपनी स्थिति बदलते हैं और हर बदलाव अपनी अलग ऊर्जा लेकर आता है. पंचांग के अनुसार, 05 दिसंबर से 09 दिसंबर का कालखंड पूरे महीने की नींव बनने जा रहा है.

मौसम में नमी, फिर सूखी ठंड, बाज़ार में तेज़ी, फिर मंदी, राजनीति में बयानबाज़ी, कृषि में उतार-चढ़ाव,हर क्षेत्र ग्रहों की चाल से प्रभावित होता है. यह महीना स्थिर नहीं है, बल्कि एक ऐसा महीना है जिसमें हर सप्ताह नई ऊर्जा और नया परिणाम देखने को मिलता है. सूर्य का 16 दिसंबर को धनु राशि में प्रवेश इस उथल-पुथल के महीने में एक नया मोड़ जोड़ देता है. पूरे दिसंबर को समझने के लिए इन ग्रह-संक्रमणों को विस्तार से देखना जरूरी है.

दिसंबर 2025: ग्रहों की चाल से मौसम, बाजार और राजनीति होगी प्रभावित

दिसंबर 2025 एक साधारण, शांत और ठंडा महीना नहीं है. 05 दिसंबर को गुरु का मिथुन में प्रवेश पूरे वातावरण के संतुलन को प्रभावित करने जा है. गुरु जब वायु-प्रधान राशि में आता है तो हवा, कोहरा, नमी और पश्चिमी विक्षोभ जैसी स्थितियां बनना स्वाभाविक है. पश्चिमी और उत्तरी क्षेत्रों में दुर्वृष्टि और दक्षिण में वर्षा का अभाव, यह स्थिति बिल्कुल इन्हीं ग्रह-स्थितियों से जुड़ी है.

इस परिवर्तन का सीधा प्रभाव बाजार पर भी देखने को मिल सकता है. तेल, तिलहन, मूंगफली, अलसी, नारियल, सुपारी, सरसों, सोना और चांदी जैसे उत्पादों में अचानक तेजी की स्थिति बनेगी. यह तेजी केवल एक दिन का प्रभाव नहीं होगी, बल्कि आने वाले सप्ताह तक बाजार में एक बेचैनी की स्थिति दिखाई देगी.

मसाले, अनाज, दालें और तेल में मंदी के संकेत!

06 दिसंबर को बुध का वृषभ राशि में प्रवेश इस तेजी को तुरंत धीमा करने का प्रयास करेगा. मसाले, अनाज, दालें और तेल, सभी में मंदी के संकेत उभरने लगते हैं. पंचांग का यह संकेत आधुनिक बाजार में भी सटीक बैठता है, क्योंकि बुध तर्क, व्यापार, दाम, संचार और समझौते का ग्रह है. जैसे ही वह पृथ्वी तत्व वाली राशि में आता है तो निर्णय धीमे पड़ते हैं, दामों में स्थिरता या गिरावट देखने को मिलती है, और व्यापारी समुदाय बाजार को लेकर सतर्क हो जाता है. दस्तावेज़, लेन-देन और संचार में भी भ्रम की संभावना बनती है और साधारण व्यक्ति के मन में भी निर्णयों को लेकर अनिश्चय का भाव रहता है.

सोना-चांदी के साथ और कौन से सेक्टर होंगे प्रभावित?

07 दिसंबर को मंगल का धनु राशि में प्रवेश फिर एक बार पूरे वातावरण को तेज़ बना देता है. मंगल अग्नि और ऊर्जा का कारक है, और धनु विस्तार और गति का प्रतीक. इस संयोजन से धान, गेहूं, तृण, रूई, बिनौला, रस और तिलहन जैसे उत्पादों के मूल्य बढ़ सकते हैं. सोना और चांदी पर भी इसका असर साफ दिखता है. कृषि, परिवहन, लॉजिस्टिक्स और सरकारी नीतियों में भी इस दिन से हलचल देखने को मिलेगी. प्रशासन तेजी से निर्णय लेने लगता है और यात्राओं, खेलों, सुरक्षा और सैन्य गतिविधियों में भी गति आती है. 

मंगल अनुराधा और ज्येष्ठा नक्षत्र के प्रभाव से दिसंबर का ये दिन सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण

09 दिसंबर का दिन सबसे संवेदनशील माना गया है. मंगल अनुराधा और ज्येष्ठा नक्षत्र के प्रभाव में आता है, जिन्हें पारंपरिक ज्योतिष में सत्ता, नियंत्रण, आदेश, विवाद और संघर्ष का प्रतीक माना गया है. वर्षा का अभाव, उत्तर भारत में सूखी ठंड, राज्यों में राजनीतिक बयानबाज़ी, प्रशासनिक टकराव और बाजार में अनिश्चितता, ये सभी स्थितियां ग्रह-स्थिति से सीधी जुड़ी होती हैं.

यह दिन महीने के सबसे महत्वपूर्ण दिनों में शामिल है क्योंकि मंगल और बुध का यह अप्राकृतिक संबंध लोगों के व्यवहार, मौसम, शासन और अर्थनीति को सीधा प्रभावित करने जा रहा है. इसका असर देश ही नहीं विदेश तक महसूस किया जाएगा.

इन चार दिनों 05, 06, 07 और 09 दिसंबर,के संयुक्त प्रभाव को समझना ही पूरे महीने की दिशा को समझना है. पहले नमी, फिर ठंड, पहले तेजी, फिर मंदी, पहले ऊर्जा, फिर हड़बड़ाहट. दिसंबर 2025 पूरे समय लोगों को सावधान रहने के संकेत देता है.

राजनीतिक गतिविधि में तेजी, संगठन का विस्तार

इसके बाद 16 दिसंबर को सूर्य का धनु राशि में प्रवेश होता है, जिसे धनु संक्रांति कहा जाता है. इस परिवर्तन को धार्मिक, सामाजिक और नीतिगत दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है. सूर्य का यह गोचर आध्यात्मिकता, दान, यात्रा, नीति, न्याय, शिक्षा और विदेश संबंधों में सक्रियता लाता है. सरकारी विभागों में गति बढ़ती है, बजट-पूर्व तैयारी शुरू होती है और कुछ बड़े फैसलों की ओर संकेत मिलते हैं. राजनीतिक गतिविधि में भी गंभीरता आती है, राजनैतिक दलों में संगठन स्तर पर लंबित मामले गति पकड़ते हैं. संगठन का नया स्वरुप देखने को मिलता है. इस गोचर से वर्षा-अभाव वाली परिस्थितियां स्थिर होती हैं.

सेहत को लेकर रहना होगा सतर्क

दिसंबर 2025 का यह महीना किसी एक दिशा में स्थिर नहीं है. यह महीना घटनाओं, बदलावों और तीव्र ऊर्जाओं से भरा हुआ है. बाजार, कृषि, व्यापार, राजनीति, मौसम, प्रशासन, यात्राएं और परिवार, हर स्तर पर ग्रहों की चाल असर डाल रही है. सामान्य लोगों के लिए यह महीना तेज़ ठंड, जुकाम-एलर्जी, निर्णयों में बदलाव, रिश्तों में गलतफहमियां और आर्थिक अनिश्चितता का मिश्रित समय लेकर आता है. लेकिन साथ ही यह महीना नए अवसर, नए उत्साह और नई शुरुआत का भी संकेत देता है, विशेषकर 16 दिसंबर के बाद.

ज्योतिषीय गणना व पंचांग यही बताते हैं कि दिसंबर 2025 को हल्के में लेना गलत होगा. यह महीना सावधानी, अवलोकन और व्यावहारिक संयम की मांग करता है. जो लोग समय देखकर निर्णय लेते हैं, यह महीना उनके लिए अवसर खोल सकता है, और जो अपने भावों व हड़बड़ाहट में निर्णय लेते हैं, उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

About the author Hirdesh Kumar Singh

हृदेश कुमार सिंह, Senior Vedic Astrologer | Astro Media Editor | Digital Strategy Leader

"ज्योतिष केवल भविष्य बताने की विद्या नहीं, बल्कि समय को समझने की कला है."

हृदेश कुमार सिंह लंबे समय से ज्योतिष, धर्म, अध्यात्म और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं. वे उन चुनिंदा लोगों में माने जाते हैं जिन्होंने पारंपरिक ज्योतिष को आज की बदलती दुनिया, डिजिटल संस्कृति और नई पीढ़ी की सोच से जोड़ने का प्रयास किया है. उनके लिए ज्योतिष केवल ग्रहों की गणना नहीं, बल्कि मानव व्यवहार, सही समय और जीवन के निर्णयों को समझने का माध्यम है.

वर्तमान में वे ABP Live में Astro, Religion और Dharma LIVE से जुड़े कंटेंट और डिजिटल रणनीति का नेतृत्व कर रहे हैं. यहां उनका फोकस ज्योतिष और धर्म को ऐसे रूप में प्रस्तुत करना है, जो आज के पाठकों और दर्शकों की जिंदगी से सीधे जुड़ सके. यही कारण है कि उनके लेखन और विश्लेषण में केवल पारंपरिक बातें नहीं, बल्कि करियर, रिश्ते, मानसिक तनाव, सामाजिक बदलाव, तकनीक और बदलती जीवनशैली जैसे विषय भी दिखाई देते हैं.

उन्होंने Indian Institute of Mass Communication (IIMC), New Delhi से पत्रकारिता और IIMT University Meerut से ज्योतिष शास्त्र व वास्तु शास्त्र की पढ़ाई की है और Astrosage व Astrotalk जैसे प्लेटफॉर्म्स के साथ भी काम किया है. मीडिया, ऑडियंस बिहेवियर, डिजिटल पब्लिशिंग और कंटेंट रणनीति की समझ ने उनके काम को अलग पहचान दी है.

हृदेश कुमार सिंह के कई ज्योतिषीय और सामाजिक विश्लेषण समय-समय पर चर्चा में रहे हैं. राजनीति, शेयर बाजार, मनोरंजन जगत, AI और बदलते सामाजिक माहौल जैसे विषयों पर उनके आकलनों ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया है. उनके विश्लेषण वैदिक गणना, गोचर, मेदिनी ज्योतिष और समाज की बदलती मानसिकता की समझ पर आधारित होते हैं.

वे वैदिक ज्योतिष, होरा शास्त्र, संहिता, मेदिनी ज्योतिष, अंक ज्योतिष और वास्तु शास्त्र जैसे विषयों पर अध्ययन और लेखन करते रहे हैं. करियर, विवाह, व्यापार, शिक्षा और जीवन के महत्वपूर्ण फैसलों से जुड़े विषयों पर वे पारंपरिक ज्योतिष को आधुनिक जीवन की वास्तविक परिस्थितियों से जोड़कर देखने का प्रयास करते हैं.

डिजिटल दौर में ज्योतिष को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए उन्होंने 'Gen-Z Horoscope' जैसे कॉन्सेप्ट पर भी काम किया, जिसमें राशिफल को केवल भाग्य या डर से जोड़कर नहीं, बल्कि career pressure, relationship confusion, emotional wellbeing और real-life decision making जैसी बातों से जोड़ा गया.

उनका मानना है कि आज के समय में सबसे बड़ी चुनौती जानकारी की कमी नहीं, बल्कि सही समझ की कमी है. वे ज्योतिष को ऐसा माध्यम मानते हैं, जो व्यक्ति को डराने के बजाय उसे बेहतर निर्णय लेने और खुद को समझने में मदद कर सकता है.

श्रीमद्भगवद्गीता के कर्म सिद्धांत, भगवान बुद्ध के संतुलन के विचार, सूफी चिंतन और आधुनिक मनोविज्ञान से प्रभावित उनकी सोच उनके लेखन में भी दिखाई देती है. यही वजह है कि उनका काम केवल भविष्यवाणी तक सीमित नहीं रहता, बल्कि लोगों को सोचने और अपने जीवन को नए नजरिए से देखने के लिए प्रेरित करता है.

ज्योतिष और मीडिया के अलावा उन्हें सिनेमा, संगीत, साहित्य, राजनीति, बाजार, पर्यावरण, ग्रामीण जीवन और यात्राओं में विशेष रुचि है. इन अनुभवों का असर उनके विषय चयन और लेखन शैली में साफ दिखाई देता है.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

Kanwar Yatra 2026: जहां रावण और उसके पिता करते थे भगवान शिव की पूजा, उस दूधेश्वरनाथ मंदिर में शुरू हुई कांवड़ यात्रा की खास तैयारी
जहां रावण और उसके पिता करते थे भगवान शिव की पूजा, उस दूधेश्वरनाथ मंदिर में शुरू हुई कांवड़ यात्रा की खास तैयारी
Ashadha Amavasya 2026: 14 जुलाई की भौमवती अमावस्या के दुर्लभ संयोग से पहले जानें क्या करें और किन कार्यों से बचें
14 जुलाई की भौमवती अमावस्या के दुर्लभ संयोग से पहले जानें क्या करें और किन कार्यों से बचें
Aaj Ka Rashifal 9 July 2026: आज उच्च के चंद्रमा का दुर्लभ संयोग, इन 6 राशियों के लिए खुल सकते हैं सफलता और धन के नए रास्ते
Aaj Ka Rashifal 9 July 2026: उच्च के चंद्रमा से इन राशियों की चमकेगी किस्मत, जानें आज का राशिफल
Shani Vakri 2026: 27 जुलाई से वक्री होंगे शनि, मेष समेत इन 3 राशियों को हर कदम पर बरतनी होगी सावधानी
27 जुलाई से वक्री होंगे शनि, मेष समेत इन 3 राशियों को हर कदम पर बरतनी होगी सावधानी

वीडियोज

Sansani | Crime News | Jaipur Murder Case: सरकारी नौकरी के लिए मां का मर्डर ! | ABP News
Monsoon 2026: बारिश से हाहाकार! सड़कें बनीं दरिया, लोग परेशान | Flood | Heavy Rain Alert | IMD
Chitra Tripathi | Janhit: आसमानी आफत की डरावनी तस्वीरें | Flood | Heavy Rain Alert | IMD Alert
Monsoon 2026: आसमानी आफत का कहर, सड़कों पर समंदर जैसा मंजर | Flood | Heavy Rain Alert | IMD
Amarnath Yatra 2026: अमरनाथ गुफा में शिवलिंग पूरी तरह पिघला | Pahalgam | Jammu and Kashmir

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
Rain Today LIVE Updates: महाराष्ट्र में आई बाढ़ में अबतक 63 की मौत, दिल्ली-NCR के लिए मानसूनी बारिश बनी आफत
LIVE: महाराष्ट्र में आई बाढ़ में अबतक 63 की मौत, दिल्ली-NCR के लिए मानसूनी बारिश बनी आफत
बांकीपुर उपचुनाव: प्रशांत किशोर बोले- BJP के अहंकार को तोड़ें, कह दी बड़ी बात, 'हर मतदाता को…'
बांकीपुर उपचुनाव: प्रशांत किशोर बोले- BJP के अहंकार को तोड़ें, कह दी बड़ी बात, 'हर मतदाता को…'
IND Vs ZIM T20 Series 2026: IPL 2026 के चार मैच में 0 विकेट, जिम्बाब्वे दौरे के लिए भारतीय टीम में किया गया शामिल, कौन है ये गेंदबाज?
IPL 2026 के चार मैच में 0 विकेट, जिम्बाब्वे दौरे के लिए भारतीय टीम में किया गया शामिल, कौन है ये गेंदबाज?
Peddi Worldwide Closing Collection: 'पेद्दी' का दुनियाभर में थिएट्रिकल रन हुआ खत्म, छप्परफाड़ कमाई के साथ बना दिये इतने तगड़े रिकॉर्ड
'पेद्दी' का दुनियाभर में थिएट्रिकल रन हुआ खत्म, छप्परफाड़ कमाई के साथ बना दिये इतने तगड़े रिकॉर्ड
ईरान पर एयर स्ट्राइक के बीच ट्रंप ने क्यों लिया भारत-पाकिस्तान का नाम, बोले- 'लाखों लोगों की जान...'
ईरान पर एयर स्ट्राइक के बीच ट्रंप ने क्यों लिया भारत-पाकिस्तान का नाम, बोले- 'लाखों लोगों की जान...'
Explained: अमेरिकी चुनाव 2028 की तस्वीर साफ! मार्को रूबियो को पछाड़कर ट्रंप के उत्तराधिकारी बने जेडी वेंस, 7 बड़े संकेत
अमेरिकी चुनाव की तस्वीर साफ! ट्रंप के उत्तराधिकारी बने जेडी वेंस, कैसे मार्को रूबियो को पछाड़ा?
'कुछ देर पहले ईरान से फोन आया, वे अब...', ताबड़तोड़ हमलों के बीच ट्रंप का चौंकाने वाला दावा
'कुछ देर पहले ईरान से फोन आया, वे अब...', ताबड़तोड़ हमलों के बीच ट्रंप का चौंकाने वाला दावा
Video: 'पैर नकली लेकिन भक्ति सच्ची' कृत्रिम पैरों से महिला ने पूरी की अमरनाथ यात्रा- वीडियो वायरल
'पैर नकली लेकिन भक्ति सच्ची' कृत्रिम पैरों से महिला ने पूरी की अमरनाथ यात्रा- वीडियो वायरल
Embed widget