एक्सप्लोरर

ग्रहों का गोचर खोलेगा GST का राज! क्या होगा सस्ता, क्या होगा महंगा?

जीएसटी (GST) में सुधार की चर्चा है. इसका असर बाजार और जनता पर सीधा पड़ेगा. टैक्स का बोझ कम होगा. इसे दिवाली का गिफ्ट बताया जा रहा है. दिलचस्प बात यह है कि ज्योतिषीय दृष्टि क्या संकेत मिल रहे हैं?

इन दिनों जीएसटी (GST) को लेकर रोज़ नई खबरें हैं, सरकार किस वस्तु पर टैक्स घटाएगी, किस पर बढ़ाएगी. ज्योतिष की दृष्टि से देखें तो टैक्स और राजकोषीय नीतियां सीधा असर ग्रहों की स्थिति से लेती हैं. बृहत्पाराशर होरा शास्त्र में कहा गया है,

राष्ट्रस्य वित्तं च राजकीयं कार्यं च ग्रहस्थित्या व्याख्यायते.
(अर्थ: राष्ट्र का वित्त और राजकीय नीतियाँ ग्रहों की स्थिति से समझी जा सकती हैं.)

ग्रहों का आर्थिक संकेत- ज्योतिष में सूर्य को विशेष स्थान प्राप्त है. सूर्य ही सभी ग्रहों के राजा है. ये सत्ता के कारक है. सूर्य कैसे प्रभावित करते हैं, समझते हैं-

  • सूर्य (राजसत्ता और कर व्यवस्था का कारक)
  • सूर्य जब मजबूत होता है तो शासन कर प्रणाली को सख्त करता है.
  • वर्तमान में सूर्य सिंह राशि (स्वराशि) में है, जिससे सरकार का टैक्स पर नियंत्रण बढ़ेगा.
  • लक्जरी और राजसी वस्तुओं (गोल्ड, कीमती सामान) पर टैक्स सख्त हो सकता है.

चंद्र (जनता और उपभोग का कारक)

  • चंद्रमा के गोचर से जनता के उपभोग और रोज़मर्रा की वस्तुओं की स्थिति तय होती है.
  • जब चंद्रमा शुभ स्थिति में होता है, तो खाद्य पदार्थ, दूध-दही, दाल-चावल जैसी वस्तुओं पर राहत मिल सकती है.
  • बृहत्संहिता में कहा गया है कि चंद्रमा का शुभ योग अन्न-वृद्धि कराता है.

बुध (व्यापार, बाज़ार और संचार का कारक)

  • बुध का प्रभाव सीधा व्यापार और बाजार पर होता है.
  • अभी बुध सिंह में सूर्य के साथ है,इससे डिजिटल सेवाओं, मोबाइल-इंटरनेट, और शिक्षा टेक्स में उतार-चढ़ाव होगा.
  • क्योंकि सिंह राशि शक्ति और राजनीति है. बुध ग्रह व्यापार का कारक है इसलिए शासन-निर्णय आधारित व्यापारिक टैक्स बढ़ सकते हैं.

मंगल (ऊर्जा, परिवहन और पेट्रोलियम)

  • मंगल जब आक्रामक स्थिति में होता है तो ऊर्जा स्रोत और ट्रांसपोर्ट महंगे होते हैं.
  • आने वाले महीनों में मंगल तुला राशि से गुज़रेगा, जिससे ईंधन, परिवहन और गाड़ियों पर टैक्स बढ़ने का संकेत है.

शुक्र (उपभोग और विलासिता)

  • शुक्र उपभोक्ता सुख और विलासिता का कारक है.
  • जब शुक्र कर्क/सिंह में होता है तो कॉस्मेटिक्स, फैशन, मनोरंजन, होटल-रेस्तरां महंगे होते हैं.
  • फलदीपिका कहता है, शुक्रस्य दोषे विलासं दारिद्र्यं च. (अर्थात शुक्र की अशुभ स्थिति विलासिता में खर्च बढ़ाती है.)

राहु-केतु (अचानक नीतिगत बदलाव और अंतरराष्ट्रीय दबाव)

  • राहु जब मीन राशि में और केतु कन्या में है, तो अचानक नीति परिवर्तन होते हैं.
  • इसका असर विदेशी निवेश और आयातित वस्तुओं पर पड़ता है, जैसे इलेक्ट्रॉनिक्स, गैजेट्स और हाई-टेक मशीनें महंगी हो सकती हैं.
  • साथ ही राहु-केतु का असर सरकार को अप्रत्याशित घोषणाएं करने को मजबूर करता है.

गुरु (नीति और अर्थव्यवस्था का विस्तारक)

  • गुरु मिथुन में है, और यह संचार, शिक्षा और व्यापार में सुधार का संकेत देता है.
  • शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में टैक्स राहत की संभावनाएं हैं.

शनि (नियम, अनुशासन और टैक्स की स्थिरता)

  • शनि मीन राशि में है,यह नीति को कठोर भी बनाता है और पारदर्शिता भी लाता है.
  • सरकार बड़े उद्योग और लक्ज़री सामान पर टैक्स बोझ डाल सकती है, जबकि गरीब वर्ग को राहत देने की कोशिश होगी.

संभावित रूप से क्या सस्ता होगा?

  • दाल, चावल, दूध जैसी रोजमर्रा की चीज़ें (चंद्रमा का सकारात्मक प्रभाव)
  • शिक्षा व डिजिटल सेवाएं (गुरु और बुध का प्रभाव)
  • स्वास्थ्य से जुड़ी वस्तुएं (गुरु का प्रभाव)

संभावित रूप से क्या महंगा होगा?

  • पेट्रोल, डीज़ल, परिवहन (मंगल का प्रभाव)
  • सोना, कॉस्मेटिक्स, होटल-रेस्तरां (शुक्र का प्रभाव)
  • इलेक्ट्रॉनिक्स और लग्ज़री कारें (राहु-केतु का प्रभाव)

शास्त्रीय प्रमाण और लॉजिक

  • बृहत्संहिता (अध्याय 2): ग्रहों के प्रभाव से राजसत्ता कर व्यवस्था बदलती है.
  • फलदीपिका (अध्याय 7): शुक्र और बुध के दोष से विलासिता की वस्तुएं महंगी होती हैं.
  • बृहत्पाराशर होरा शास्त्र: चंद्र अन्न का, मंगल इंधन का, शुक्र विलासिता का और शनि कर का कारक है.

देश-दुनिया पर असर

  1. भारत: रोज़मर्रा की वस्तुओं पर थोड़ी राहत, लेकिन पेट्रोल और इलेक्ट्रॉनिक्स महंगे.
  2. वैश्विक स्तर: राहु-केतु का असर बताता है कि अंतरराष्ट्रीय दबाव और आयात करों का असर भारतीय बाज़ार पर ज़्यादा होगा.

ग्रहों की स्थिति साफ़ संकेत दे रही है कि जीएसटी पर होने वाले बदलाव कोई संयोग नहीं हैं, ये समय और ग्रहों की चाल का प्रतिफल हैं. इसे स्पष्ट तौर पर ऐसे समझ सकते हैं-

  • आम जनता- राहत
  • लक्ज़री लाइफ को चाहने वाले- महंगाई

यानी आने वाले महीनों में GST का सीधा असर ग्रहों की भाषा में सस्ता-सुख और महंगी-विलासिता के रूप में सामने आ सकता है.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

----समाप्त----

About the author Hirdesh Kumar Singh

हृदेश कुमार सिंह, Senior Vedic Astrologer | Astro Media Editor | Digital Strategy Leader

'ज्योतिष केवल भविष्य बताने की विद्या नहीं, बल्कि समय को समझने की कला है.'

हृदेश कुमार सिंह लंबे समय से ज्योतिष, धर्म, अध्यात्म और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं. वे उन चुनिंदा लोगों में माने जाते हैं जिन्होंने पारंपरिक ज्योतिष को आज की बदलती दुनिया, डिजिटल संस्कृति और नई पीढ़ी की सोच से जोड़ने का प्रयास किया है. उनके लिए ज्योतिष केवल ग्रहों की गणना नहीं, बल्कि मानव व्यवहार, सही समय और जीवन के निर्णयों को समझने का माध्यम है.

वर्तमान में वे ABP Live में Astro, Religion और Dharma LIVE से जुड़े कंटेंट और डिजिटल रणनीति का नेतृत्व कर रहे हैं. यहां उनका फोकस ज्योतिष और धर्म को ऐसे रूप में प्रस्तुत करना है, जो आज के पाठकों और दर्शकों की जिंदगी से सीधे जुड़ सके. यही कारण है कि उनके लेखन और विश्लेषण में केवल पारंपरिक बातें नहीं, बल्कि करियर, रिश्ते, मानसिक तनाव, सामाजिक बदलाव, तकनीक और बदलती जीवनशैली जैसे विषय भी दिखाई देते हैं.

उन्होंने Indian Institute of Mass Communication (IIMC), New Delhi से पत्रकारिता और IIMT University, Meerut से ज्योतिष शास्त्र व वास्तु शास्त्र की पढ़ाई की है. इसके साथ ही उन्होंने Semrush Academy से 'Content Marketing Essentials for SEO and AI Search with Semrush’ सर्टिफिकेशन प्राप्त किया है, जिसमें Keyword Research, Topic Clusters, E-E-A-T आधारित कंटेंट और AI Search Optimization शामिल हैं. वे Astrosage और Astrotalk जैसे प्लेटफॉर्म्स के साथ भी काम कर चुके हैं. मीडिया, ऑडियंस बिहेवियर, डिजिटल पब्लिशिंग और कंटेंट रणनीति की समझ ने उनके काम को अलग पहचान दी है.

हृदेश कुमार सिंह के कई ज्योतिषीय और सामाजिक विश्लेषण समय-समय पर चर्चा में रहे हैं. राजनीति, शेयर बाजार, मनोरंजन जगत, AI और बदलते सामाजिक माहौल जैसे विषयों पर उनके आकलनों ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया है.

वर्तमान में Youth Protest, CJP आंदोलन और एक्टर शाहरुख खान को लेकर उनकी भविष्यवाणियां सत्य साबित हुईं हैं, उनके विश्लेषण वैदिक गणना, गोचर, मेदिनी ज्योतिष और समाज की बदलती मानसिकता की समझ पर आधारित होते हैं.

वे वैदिक ज्योतिष, होरा शास्त्र, संहिता, मेदिनी ज्योतिष, अंक ज्योतिष, शकुन शास्त्र और वास्तु शास्त्र जैसे विषयों पर अध्ययन और लेखन करते रहे हैं. करियर, विवाह, व्यापार, शिक्षा और जीवन के महत्वपूर्ण फैसलों से जुड़े विषयों पर वे पारंपरिक ज्योतिष को आधुनिक जीवन की वास्तविक परिस्थितियों से जोड़कर देखने का प्रयास करते हैं.

डिजिटल दौर में ज्योतिष को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए उन्होंने 'Gen-Z Horoscope' जैसे कॉन्सेप्ट पर भी काम किया, जिसमें राशिफल को केवल भाग्य या डर से जोड़कर नहीं, बल्कि career pressure, relationship confusion, emotional wellbeing और real-life decision making जैसी बातों से जोड़ा गया.

उनका मानना है कि आज के समय में सबसे बड़ी चुनौती जानकारी की कमी नहीं, बल्कि सही समझ की कमी है. वे ज्योतिष को ऐसा माध्यम मानते हैं, जो व्यक्ति को डराने के बजाय उसे बेहतर निर्णय लेने और खुद को समझने में मदद कर सकता है.

श्रीमद्भगवद्गीता के कर्म सिद्धांत, भगवान बुद्ध के संतुलन के विचार, सूफी चिंतन और आधुनिक मनोविज्ञान से प्रभावित उनकी सोच उनके लेखन में भी दिखाई देती है. यही वजह है कि उनका काम केवल भविष्यवाणी तक सीमित नहीं रहता, बल्कि लोगों को सोचने और अपने जीवन को नए नजरिए से देखने के लिए प्रेरित करता है.

ज्योतिष और मीडिया के अलावा उन्हें सिनेमा, संगीत, साहित्य, राजनीति, बाजार, पर्यावरण, ग्रामीण जीवन और यात्राओं में विशेष रुचि है. इन अनुभवों का असर उनके विषय चयन और लेखन शैली में साफ दिखाई देता है.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

Aja Ekadashi 2026: सुबह ऑफिस भी जाना है, राहुकाल भी 7:36 से, अजा एकादशी की पूजा कब करें?
सुबह ऑफिस भी जाना है, राहुकाल भी 7:36 से, अजा एकादशी की पूजा कब करें?
टैरो राशिफल 7 सितंबर 2026: धनु को विदेश से खुशखबरी, वृश्चिक को पद-प्रतिष्ठा का लाभ; जानें मेष से मीन का भाग्य
टैरो राशिफल 7 सितंबर 2026: धनु को विदेश से खुशखबरी, वृश्चिक को पद-प्रतिष्ठा का लाभ; जानें मेष से मीन का भाग्य
Budh Gochar 2026: बुध का बड़ा राशि परिवर्तन 7 सितंबर 2026 को व्यापार, करियर और शिक्षा में किसे मिलेगा सबसे बड़ा फायदा?
7 सितंबर 2026 को बुध का स्वराशि कन्या में गोचर: बाजार से लेकर आपकी जेब तक, 12 राशियों पर क्या होगा असर?
Kal Ka Rashifal 7 September 2026: अजा एकादशी पर गजकेसरी व सर्वार्थ सिद्धि योग से 4 राशियों की खुलेगी किस्मत, जानें मेष से मीन कल का राशिफल
Kal Ka Rashifal 7 September 2026: अजा एकादशी पर गजकेसरी व सर्वार्थ सिद्धि योग से 4 राशियों की चमकेगी किस्मत, बंपर धन लाभ और प्रमोशन के योग!

वीडियोज

Breaking News | Moti Bagh Building Collapse: मलबा हटाने में जुटी JCB...हादसे से दहली दिल्ली!
Moti Bagh Building Collapse | Sansani: दिल्ली के 'कातिल सिस्टम' का कहर ! | Delhi Hostel
Delhi Building Collapse | Sandeep Chaudhary: दिल्ली हादसे ने खोली लापरवाह सिस्टम की पोल? | BJP
Moti Bagh Building Collapse: कैसे हुआ दिल्ली हादसा? चश्मदीदों ने खोले राज, कंपा देगी सच्चाई!
Breaking News | Moti Bagh Building Collapse: दिल्ली में 'मौत का हॉस्टल'..जिम्मेदार कौन? | Janhit

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
सत्य निकेतन हादसा: मलबों में जिंदगी, 10.30 घंटों से दिल्ली की सांसें थमी, हर हाथ प्रार्थना को उठे
सत्य निकेतन: मलबों में जिंदगी, 10.30 घंटों से सांसें थमी, हर हाथ प्रार्थना को उठे
'7वीं पीढ़ी से पहले हिंदू समाज को संगठित...', जानें क्या बोले मोहन भागवत
'अब RSS हर जगह किया जाता स्वीकार, विरोधी भी करते काम की वैल्यू' - मोहन भागवत
ईशान किशन के शतक पर गर्लफ्रेंड अदिति की प्रतिक्रिया वायरल, 3 शब्दों से लूटी महफिल
ईशान किशन के शतक पर गर्लफ्रेंड अदिति की प्रतिक्रिया वायरल, 3 शब्दों से लूटी महफिल
Bigg Boss 20 में 16 कंटेस्टेंट्स की एंट्री, हुआ पहला एविक्शन! प्रियंका चोपड़ा की घरवालों को चेतावनी
Bigg Boss 20 में 16 कंटेस्टेंट्स की एंट्री, हुआ पहला एविक्शन! प्रियंका चोपड़ा की घरवालों को चेतावनी
सत्य निकेतन हादसे पर अभिषेक मनु सिंघवी ने उठाए सवाल, कहा - 'अगर PM खुद को...'
सत्य निकेतन हादसे पर अभिषेक मनु सिंघवी ने उठाए सवाल, कहा - 'अगर PM खुद को...'
देश की सबसे सस्ती सेडान मिल रही और सस्ती, Tigor पर इतना ऑफर
देश की सबसे सस्ती सेडान मिल रही और सस्ती, Tigor पर इतना ऑफर
खेत में पानी जमा न होने दें गन्ना किसान, फसल में बढ़ रहा बीमारी का खतरा
खेत में पानी जमा न होने दें गन्ना किसान, फसल में बढ़ रहा बीमारी का खतरा
अब हिंदी मीडियम से करें बीटेक, MP में शुरू हुआ इंजीनियरिंग कोर्स
अब हिंदी मीडियम से करें बीटेक, MP में शुरू हुआ इंजीनियरिंग कोर्स
Embed widget