एक्सप्लोरर

Chandra Grahan 2024: चंद्र ग्रहण 18 सितंबर को लग रहा है, मिल रहे बुरे संकेत क्या हिल जाएगी पूरी दुनिया?

Chandra Grahan 2024: चंद्र ग्रहण (Lunar Eclipse 2024) लगने वाला है. 18 सितंबर 2024 को लगने वाले चंद्र ग्रहण (Lunar eclipse 2024 astrology) का असर पूरी दुनिया पर पड़ने जा रहा है. 

Chandra Grahan:18 सितंबर 2024,बुधवार के दिन चंद्रग्रहण (lunar eclipse 2024) लग रहा है. ब्रह्मांड में घटित होने वाली इस खगोलीय घटना से पूरी दुनिया प्रभावित होगी. इस ग्रहण के बाद देश दुनिया में बड़ी हलचल देखने को मिल सकती है.

ये ग्रहण विश्व के बड़े देशों में भूचाल लाने वाल प्रतीत हो रहा है. जिन देशों में ये चंद्र ग्रहण (moon eclipse 2024) दिखाई देगा वहां पर इसका 80 से 90 प्रतिशत बुरा प्रभाव दिखाई देगा. वहीं जहां पर चंद्रग्रहण दिखाई नहीं देगा, उन देशों में इसका प्रभाव 50 प्रतिशत देखने को मिल सकता है. 


Chandra Grahan 2024: चंद्र ग्रहण 18 सितंबर को लग रहा है, मिल रहे बुरे संकेत क्या हिल जाएगी पूरी दुनिया?

18 सितंबर, बुधवार को लगने वाले चंद्र ग्रहण (Chandra Grahan 2024) का भारत पर 50 प्रतिशत असर होगा. इसका मुख्य कारण ये है कि भारत में ये ग्रहण दिखाई नहीं देगा.पंचांग के अनुसार इस दिन चंद्र ग्रहण सुबह 6 बजकर 11 मिनट पर लग रहा है, चंद्र ग्रहण सुबह 10 बजकर 17 मिनट पर समाप्त होगा. दिखाई न देने के कारण भारत में सूतक नहीं लगेगा.

चंद्र ग्रहण, भविष्यवाणी (Lunar eclipse, Prediction)
चंद्र ग्रहण (Chandra Grahan) 18 सितंबर को मीन राशि और पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र में लगेगा. ज्योतिष शास्त्रों के अनुसार मीन राशि और पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र बृहस्पति ग्रह के अंतर्गत आते हैं. मीन राशि और पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र के स्वामी बृहस्पति ग्रह ही हैं. 

यह भी पढ़ें- शुभ नहीं इस साल का पितृपक्ष, ब्रह्मांड में घटेंगी ये दो बड़ी घटनाएं

ज्योतिष मतानुसार जब पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र में लगने वाला ग्रहण शीर्ष पदों पर बैठे लोगों के लिए यह चंद्र ग्रहण (Chandra Grahan) अशुभ परिणाम देने वाला साबित हो सकता है. राजनीति और प्रशासिनक क्षेत्र में ऊंचे पदों पर बैठे लोग सावधान रहें. किसी विवाद में फंस सकते हैं. ऐसे लोगों की छवि को गहरा धक्का लग सकता है. सोशल मीडिया पर ट्रोल हो सकते हैं.

पश्चिमी देशों के लिए शुभ नहीं हैं चंद्र ग्रहण (Lunar eclipse is not auspicious for western countries)
अमेरिका और अन्य पश्चिमी देशों के लिए चंद्र ग्रहण नई मुसीबत लाने वाला प्रतीत हो रहा है. इन देशों में सबसे अधिक उथल-पुथल देखने को मिल सकती है. सत्ता संघर्ष, और जहां जहां चुनाव हो रहे हैं वहां प्रभावशाली नेताओं से जुडीं कुछ विवादास्पद चीजें पब्लिक डोमेन में आ सकती हैं. 2 अक्टूबर 2024 के बाद इस तरह की घटनाओं में वृद्धि हो सकती है. कुछ देशों में शीर्ष सत्ता परिवर्तन भी देखने को मिल सकता है. धार्मिक उन्माद बढ़ सकता है. सोशल मीडिया पर फेक न्यूज इसमें घी का काम करेंगी. 

युद्धि की बदल जाएगी दिशा (Lunar eclipse and war)
जिन देशों के बीच सीमा विवाद या युद्ध की स्थिति है. वहां पर इसकी दिशा बदल सकती है. कुछ नए अंतर्राष्ट्रीय विवाद भी देखने को मिल सकते हैं. इस समय इजरायल-फिलिस्तीन (israel palestine conflict) और रूस-यूक्रेन (Russo-Ukrainian War) के बीच जंग चल रही है. यहां भी कुछ बड़ा देखने को मिल सकता है.

आर्थिक जगत और शेयर बाजार में क्या होगा (Lunar eclipse for Economic and Stock Market)
शेयर मार्केट पर चंद्र ग्रहण का प्रभाव देखने को मिलेगा. आर्थिक जगत के लिए यहां ग्रहण (Chandra Grahan) शुभ संकेत नहीं दे रहा है. इसलिए निवेशकों को बहुत सतर्कता बरतने की आवश्यकता है. ऐसी मान्यता है कि अर्घमार्तण्ड के अनुसार जब पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र में चंद्र ग्रहण लगता है तो चना,तिल और तेल आदि में तेजी देखने को मिलती है. दैनिक उपभोग की चीजों में वृद्धि से आम जनता का बजट प्रभावित होगा.

मुस्लिम देशों में क्या होगा (Lunar eclipse for Muslim Countries)
चंद्र ग्रहण (lunar eclipse 2024) मुस्लिम देशों के लिए शुभ परिणाम लेकर नहीं आ रहा है. अरब देश और अन्य मुस्लिम देशों में जनता के नाराज होने की स्थिति दिखाई दे रही है. जिस कारण सत्ता पर काबिज लोगों के लिए यह समय चुनौतिपूर्ण हो सकता है. पाकिस्तान में जनता द्वारा प्रदर्शन हो सकते हैं. 

उपाय (Chandra Grahan Upay)
चंद्र ग्रहण (Lunar eclipse 2024 astrology) की अशुभता से बचने के लिए भगवान शिव की आराधना करें. किसी से द्वेष भाव न रखें. सभी का आदर करें. क्षमाशील बने. सत्य और शांति के मार्ग पर चलने का प्रयास करें. मंगलवार को हनुमान चालीसा (Hanuman Chalisa) का पाठ करें. शनिवार को निर्धन व असहाय लोगों को दान आदि दें. शनि देव की पूजा करें.

अन्य रोचक भविष्यवाणी जानने के लिए इस 'फोटो' पर क्लिक करें-


Chandra Grahan 2024: चंद्र ग्रहण 18 सितंबर को लग रहा है, मिल रहे बुरे संकेत क्या हिल जाएगी पूरी दुनिया?

About the author Hirdesh Kumar Singh

हृदेश कुमार सिंह, Senior Vedic Astrologer | Astro Media Editor | Digital Strategy Leader

"ज्योतिष केवल भविष्य बताने की विद्या नहीं, बल्कि समय को समझने की कला है."

हृदेश कुमार सिंह लंबे समय से ज्योतिष, धर्म, अध्यात्म और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं. वे उन चुनिंदा लोगों में माने जाते हैं जिन्होंने पारंपरिक ज्योतिष को आज की बदलती दुनिया, डिजिटल संस्कृति और नई पीढ़ी की सोच से जोड़ने का प्रयास किया है. उनके लिए ज्योतिष केवल ग्रहों की गणना नहीं, बल्कि मानव व्यवहार, सही समय और जीवन के निर्णयों को समझने का माध्यम है.

वर्तमान में वे ABP Live में Astro, Religion और Dharma LIVE से जुड़े कंटेंट और डिजिटल रणनीति का नेतृत्व कर रहे हैं. यहां उनका फोकस ज्योतिष और धर्म को ऐसे रूप में प्रस्तुत करना है, जो आज के पाठकों और दर्शकों की जिंदगी से सीधे जुड़ सके. यही कारण है कि उनके लेखन और विश्लेषण में केवल पारंपरिक बातें नहीं, बल्कि करियर, रिश्ते, मानसिक तनाव, सामाजिक बदलाव, तकनीक और बदलती जीवनशैली जैसे विषय भी दिखाई देते हैं.

उन्होंने Indian Institute of Mass Communication (IIMC), New Delhi से पत्रकारिता और IIMT University Meerut से ज्योतिष शास्त्र व वास्तु शास्त्र की पढ़ाई की है और Astrosage व Astrotalk जैसे प्लेटफॉर्म्स के साथ भी काम किया है. मीडिया, ऑडियंस बिहेवियर, डिजिटल पब्लिशिंग और कंटेंट रणनीति की समझ ने उनके काम को अलग पहचान दी है.

हृदेश कुमार सिंह के कई ज्योतिषीय और सामाजिक विश्लेषण समय-समय पर चर्चा में रहे हैं. राजनीति, शेयर बाजार, मनोरंजन जगत, AI और बदलते सामाजिक माहौल जैसे विषयों पर उनके आकलनों ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया है. उनके विश्लेषण वैदिक गणना, गोचर, मेदिनी ज्योतिष और समाज की बदलती मानसिकता की समझ पर आधारित होते हैं.

वे वैदिक ज्योतिष, होरा शास्त्र, संहिता, मेदिनी ज्योतिष, अंक ज्योतिष और वास्तु शास्त्र जैसे विषयों पर अध्ययन और लेखन करते रहे हैं. करियर, विवाह, व्यापार, शिक्षा और जीवन के महत्वपूर्ण फैसलों से जुड़े विषयों पर वे पारंपरिक ज्योतिष को आधुनिक जीवन की वास्तविक परिस्थितियों से जोड़कर देखने का प्रयास करते हैं.

डिजिटल दौर में ज्योतिष को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए उन्होंने 'Gen-Z Horoscope' जैसे कॉन्सेप्ट पर भी काम किया, जिसमें राशिफल को केवल भाग्य या डर से जोड़कर नहीं, बल्कि career pressure, relationship confusion, emotional wellbeing और real-life decision making जैसी बातों से जोड़ा गया.

उनका मानना है कि आज के समय में सबसे बड़ी चुनौती जानकारी की कमी नहीं, बल्कि सही समझ की कमी है. वे ज्योतिष को ऐसा माध्यम मानते हैं, जो व्यक्ति को डराने के बजाय उसे बेहतर निर्णय लेने और खुद को समझने में मदद कर सकता है.

श्रीमद्भगवद्गीता के कर्म सिद्धांत, भगवान बुद्ध के संतुलन के विचार, सूफी चिंतन और आधुनिक मनोविज्ञान से प्रभावित उनकी सोच उनके लेखन में भी दिखाई देती है. यही वजह है कि उनका काम केवल भविष्यवाणी तक सीमित नहीं रहता, बल्कि लोगों को सोचने और अपने जीवन को नए नजरिए से देखने के लिए प्रेरित करता है.

ज्योतिष और मीडिया के अलावा उन्हें सिनेमा, संगीत, साहित्य, राजनीति, बाजार, पर्यावरण, ग्रामीण जीवन और यात्राओं में विशेष रुचि है. इन अनुभवों का असर उनके विषय चयन और लेखन शैली में साफ दिखाई देता है.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

Aaj Ka Meen Rashifal 11 July 2026: मीन राशि वालों को लक्ष्मी योग से मिलेगी नौकरी में बड़ी खुशखबरी, पुराने दोस्त की मदद से बनेगा काम
Aaj Ka Meen Rashifal 11 July 2026: मीन राशि वालों को लक्ष्मी योग से मिलेगी नौकरी में बड़ी खुशखबरी, पुराने दोस्त की मदद से बनेगा काम
Aaj Ka Kumbh Rashifal 11 July 2026: कुंभ राशि वालों पर मंडरा रहा है भारी जुर्माने का खतरा, नौकरी और बिजनेस में बरतें बड़ी सावधानी
Aaj Ka Kumbh Rashifal 11 July 2026: कुंभ राशि वालों पर मंडरा रहा है भारी जुर्माने का खतरा, नौकरी और बिजनेस में बरतें बड़ी सावधानी
Aaj Ka Makar Rashifal 11 July 2026: मकर राशि वालों को लक्ष्मी योग से मिलेगी करियर में बड़ी राहत, कोर्ट-कचहरी के मामलों में मिलेगी सफलता
Aaj Ka Makar Rashifal 11 July 2026: मकर राशि वालों को लक्ष्मी योग से मिलेगी करियर में बड़ी राहत, कोर्ट-कचहरी के मामलों में मिलेगी सफलता
Aaj Ka Dhanu Rashifal 11 July 2026: धनु राशि वालों की बाजार में स्थापित होगी मोनोपॉली, लक्ष्मी योग से दूर होगी पैसों की तंगी
Aaj Ka Dhanu Rashifal 11 July 2026: धनु राशि वालों की बाजार में स्थापित होगी मोनोपॉली, लक्ष्मी योग से दूर होगी पैसों की तंगी

वीडियोज

Bollywood News: कियारा-यश के गाने ‘तबाही’ पर मचा बवाल, ट्रोलर्स ने क्यों घसीटा सिद्धार्थ मल्होत्रा का नाम? (10-07-2026)
DR. Aarambhi: Aarambhi का बड़ा खेल, Avantika को घर से निकाला बाहर; तंडन परिवार ने भी मोड़ा मुंह
'Lock Upp 2' में Akanksha Chamola का बड़ा खुलासा, बोलीं- शो से बाहर आते ही शुरू होगी Divorce Process
हर कोई SUV ही क्यों खरीद रहा है? Womens की पहली पसंद SUV? #autolive
'Lock Upp 2' में Akanksha Chaudhary का गुस्सा बेकाबू, Shreya Kalra पर की तीखी टिप्पणी

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
PoK में 32वें दिन भी जारी विद्रोह: मुजफ्फराबाद मार्च से पहले 1 लाख प्रदर्शनकारियों की तैयारी, पाक में हड़कंप
PoK में 32वें दिन भी जारी विद्रोह: मुजफ्फराबाद मार्च से पहले 1 लाख प्रदर्शनकारियों की तैयारी, पाक में हड़कंप
बांकीपुर उपचुनाव: BJP के कैंडिडेट बदलने से प्रशांत किशोर को फायदा या नुकसान? चौंकाने वाला दावा
बांकीपुर उपचुनाव: BJP के कैंडिडेट बदलने से प्रशांत किशोर को फायदा या नुकसान? चौंकाने वाला दावा
ट्रंप की जान को खतरा या नेतन्याहू का मास्टरस्ट्रोक? जानें क्यों ईरान पर US फाइटर जेट्स बरसाने लगे बारूद
ट्रंप की जान को खतरा या नेतन्याहू का मास्टरस्ट्रोक? जानें क्यों ईरान पर US फाइटर जेट्स बरसाने लगे बारूद
FIFA वर्ल्ड कप में किलियन एम्बाप्पे का मैच देखने पहुंचे विराट कोहली और शुभमन गिल! जानें वायरल तस्वीर की हकीकत
FIFA वर्ल्ड कप में किलियन एम्बाप्पे का मैच देखने पहुंचे विराट कोहली और शुभमन गिल! तस्वीर वायरल
Rajpal Yadav Cheque Bounce Case: राजपाल यादव को अभी नहीं जाना होगा जेल, चेक बाउंस मामले में दिल्ली हाईकोर्ट से मिली बड़ी राहत
राजपाल यादव को अभी नहीं जाना होगा जेल, चेक बाउंस मामले में दिल्ली हाईकोर्ट से मिली बड़ी राहत
Explained: पूरे भारत पर छाया मानसून! लेकिन मौसम विभाग ने बादल छंटने की दी चेतावनी, बारिश की आंख मिचौली क्यों?
पूरे भारत पर छाया मानसून! मौसम विभाग ने बादल छंटने की चेतावनी, बारिश की आंख मिचौली क्यों?
‘मैं ममता बनर्जी की तरह नहीं कमजोर CM...’, बहरामपुर में गरजे शुभेंदु, हुमायूं कबीर को दी ये वॉर्निंग
‘मैं ममता बनर्जी की तरह नहीं कमजोर CM...’, बहरामपुर में गरजे शुभेंदु, हुमायूं कबीर को दी वॉर्निंग
अयोध्या राम मंदिर चंदा चोरी को लेकर कांग्रेस ने क्यों किया अटल बिहारी वाजपेयी को याद?
अयोध्या राम मंदिर चंदा चोरी को लेकर कांग्रेस ने क्यों किया अटल बिहारी वाजपेयी को याद?
Embed widget