एक्सप्लोरर

मधुमक्खी पालन पर मिलेगी बंपर सब्सिडी, ऐसे उठाएं फायदा

अगर आप कम लागत में तगड़ी कमाई का नया बिजनेस शुरू करना चाहते हैं. तो मधुमक्खी पालन में हाथ आजमाएं सरकार दे रही है बंपर सब्सिडी का मौका. इससे शहद और दूसरे महंगे प्रोडक्ट्स बेचकर बन सकते हैं लखपति.

खेती-किसानी के साथ अगर आप एक और काम शुरू करके कमाई करना चाहते हैं. तो फिर मधुमक्खी पालन यानी  बीकीपिंग आपके लिए एक बेहतरीन बिजनेस साबित हो सकता है. इसे शुरू करने के लिए न तो आपको किसी बड़ी उपजाऊ जमीन की जरूरत होती है और न ही दिन-रात की भारी मजदूरी करनी पड़ती है. किसान अपने खेत की मेड़ों बाग-बगीचों में भी बॉक्स रखकर इसे आसानी से शुरू कर सकते हैं. 

इस काम में एक अच्छी बात यह है कि सरकार खुद किसानों और ग्रामीण युवाओं की इनकम बढ़ाने के लिए मधुमक्खी पालन पर काफी अच्छी सब्सिडी और फाइनेंशियल सपोर्ट दे रही है. उद्यान विभाग और राष्ट्रीय मधुमक्खी पालन मिशन के तहत बॉक्स खरीदने, कॉलोनी सेट करने और जरूरी सामान पर भारी आर्थिक छूट दी जा रही है. शुद्ध शहद के अलावा मोम, रॉयल जेली और पराग बेचकर भी डबल मुनाफा होता है. चलिए आपको बताते हैं कि सरकारी मदद लेकर कैसे यह बिजनेस शुरू करें.

सरकारी सब्सिडी से काम होगा आसान

मधुमक्खी पालन को बढ़ावा देने के लिए केंद्र और अलग-अलग राज्यों की सरकारें मिलकर कई लाभकारी योजनाएं चला रही हैं. राष्ट्रीय मधुमक्खी पालन एवं शहद मिशन और उद्यान विभाग के जरिए किसानों को 70 से 85 फीसदी तक की भारी सब्सिडी दी जा रही है. इसका मतलब यह हुआ कि अगर आप 10 से 50 बी-बॉक्स का सेटअप तैयार करते हैं. तो आपकी जेब से केवल नाममात्र का 15 से 30 प्रतिशत हिस्सा ही खर्च होता है. 

बाकी पूरा खर्च सरकार वहन करती है. सब्सिडी के दायरे में लकड़ी के बी-बॉक्स, मधुमक्खी के छत्ते, शहद निकालने वाली एक्सट्रैक्टर मशीन, सेफ्टी सूट और जालीदार दस्ताने सब कुछ शामिल हैं. महिला किसानों, छोटे-सीमांत किसानों और एससी-एसटी वर्ग के लाभार्थियों को इसमें प्राथमिकता और एक्स्ट्रा आर्थिक छूट का फायदा मिलता है. इस सरकारी मदद की बदौलत बेहद कम पूंजी वाला युवा भी बिना किसी आर्थिक दबाव के अपना खुद का हनी प्रोडक्शन यूनिट आसानी से शुरू कर सकता है.


मधुमक्खी पालन पर मिलेगी बंपर सब्सिडी, ऐसे उठाएं फायदा

फ्री ट्रेनिंग, बॉक्स सेटअप और रखरखाव के तरीके

बिना सही जानकारी और ट्रेनिंग के मधुमक्खी पालन का काम शुरू नहीं करना चाहिए. इसके लिए आपको पहले ट्रेनिंग ले लेनी चाहिए. इसके लिए कृषि विज्ञान केंद्र और खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग समय-समय पर 5 से 7 दिनों की प्रैक्टिकल और मुफ्त ट्रेनिंग देते हैं. इस ट्रेनिंग में मधुमक्खियों की देखरेख रानी मक्खी की पहचान, बॉक्स की साफ-सफाई, बीमारियों से बचाव और शहद निकालने की सही तकनीक सिखाई जाती है. 

ट्रेनिंग पूरी होने के बाद विभाग की तरफ से बकायदा सर्टिफिकेट मिलता है. जो सब्सिडी और बैंक लोन लेने में काफी काम आता है. बॉक्स हमेशा ऐसी जगह रखने चाहिए जहां आसपास सरसों, सूरजमुखी, लीची, यूकेलिप्टस या फल-फूलों के बगीचे हो मक्खियों को भरपूर मकरंद और पराग मिल सके. बॉक्स के पास साफ पीने का पानी और छाया का सही इंतजाम होना चाहिए जिससे गर्मियों में मक्खियों को किसी तरह का स्ट्रेस न हो और वह तेजी से शहद बनाएं.

यह भी पढ़ें: मूंग जल्दी सुखाने से बिगड़ी मिट्टी की सेहत, हर 5वें सैंपल में पेस्टिसाइड

कितनी हो सकती है कमाई?

मधुमक्खी पालन का असली मजा यह है कि इसमें सिर्फ एक नहीं बल्कि कई तरह से कमाई होती है. एक स्वस्थ बी-बॉक्स से सालभर में मौसम के हिसाब से 25 से 40 किलो तक शुद्ध और नेचुरल शहद आराम से निकल आता है. आज के दौर में प्योर और अनप्रोसेस्ड ऑर्गेनिक शहद की बाजार में जबरदस्त मांग है. जो 300 से 500 रुपये प्रति किलो तक हाथों-हाथ बिक जाता है. शहद के अलावा मधुमक्खी का मोम, प्रोपोलिस और रॉयल जेली जैसी चीजें कॉस्मेटिक और फार्मा कंपनियों को बहुत ऊंचे दामों पर बेची जाती हैं.

इसके साथ ही सबसे बड़ा साइलेंट फायदा यह है कि मधुमक्खियों के परागण यानी पॉलिनेशन की वजह से आपके आसपास की फसलों और फलों की पैदावार में 20 से 30 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हो जाती है. 50 बॉक्स के छोटे से सेटअप से भी सारा खर्च काटकर हर साल 2.5 से 3 लाख रुपये का मुनाफा आसानी से बैंक खाते में आता है. 


मधुमक्खी पालन पर मिलेगी बंपर सब्सिडी, ऐसे उठाएं फायदा

यह भी पढ़ें: गाय-भैंस के चारे का इंतजाम करेंगी ये फसलें, नहीं होगा अलग से खर्चा

About the author नीलेश ओझा

नीलेश ओझा पिछले पांच साल से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उनकी लेखन शैली में तथ्यों की सटीकता और इंसानी नजरिए की गहराई दोनों साथ-साथ चलती हैं.पत्रकारिता उनके लिए महज़ खबरें इकट्ठा करने या तेजी से लिखने का काम नहीं है. वह मानते हैं कि हर स्टोरी के पीछे एक सोच होनी चाहिए.  

कुछ ऐसा जो पाठक को सिर्फ जानकारी न दे बल्कि सोचने के लिए भी मजबूर करे. यही वजह है कि उनकी स्टोरीज़ में भाषा साफ़ होती है.लिखने-पढ़ने का शौक बचपन से रहा है. स्कूल की नोटबुक से शुरू हुआ यह सफर धीरे-धीरे पेशेवर लेखन और पत्रकारिता तक पहुंचा. आज भी उनके लिए लेखन सिर्फ पेशा नहीं है यह खुद को समझने और दुनिया से संवाद करने का ज़रिया है.

पत्रकारिता के अलावा वह साहित्य और समकालीन शायरी से भी गहराई से जुड़े हुए हैं. कभी भीड़ में तो कभी अकेले में ख्यालों को शायरी की शक्ल देते रहते हैं. उनका मानना है कि पत्रकारिता का काम सिर्फ घटनाएं गिनाना नहीं है. बल्कि पाठक को उस तस्वीर के उन हिस्सों तक ले जाना है. जो अक्सर नजरों से छूट जाते हैं.

उन्होंने स्पोर्ट्सविकी, क्रिकेट एडिक्टर, इनशॉर्ट्स और जी हिंदुस्तान जैसे प्रमुख प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

PM Kisan: अक्टूबर में आएगी 24वीं किस्त या दिवाली का करना होगा इंतजार? जानें
PM Kisan: अक्टूबर में आएगी 24वीं किस्त या दिवाली का करना होगा इंतजार? जानें
फसल पर कीड़े दिखते ही दवा छिड़कने लगते हैं, पहले करें ये काम
फसल पर कीड़े दिखते ही दवा छिड़कने लगते हैं, पहले करें ये काम
आलू बेचें तो घाटा, स्टोर में रखें तो खर्च! यूपी के किसानों पर दोहरी मार
आलू बेचें तो घाटा, स्टोर में रखें तो खर्च! यूपी के किसानों पर दोहरी मार
ट्रैक्टर से लेकर सिंचाई के पंप जीतने का मौका, किसान ऐसे करें आवेदन
ट्रैक्टर से लेकर सिंचाई के पंप जीतने का मौका, किसान ऐसे करें आवेदन
Advertisement

वीडियोज

'इच्छाधारी बीवी' को सजा-ए-मौत!
विदेश से 'मंतर' अराजक 'जंतर'
संविधान नहीं..सड़कतंत्र पर भरोसा ?
CEC पर दिल्ली में NON-STOP बवाल...तख्तापलट का ट्रेलर?
Bollywood News: 'रामायण' का हॉलीवुड में डंका, 3 घंटे 15 मिनट की होगी महागाथा! (16.10.26)
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
अभिजीत दीपके की हिरासत पर शशि थरूर का रिएक्शन, 'दिल्ली पुलिस आपको...'
अभिजीत दीपके को हिरासत में लेने पर शशि थरूर का रिएक्शन, 'दिल्ली पुलिस आपको...'
CBI अधिकारियों से मिले अंकिता भंडारी के माता-पिता, निष्पक्ष जांच का मिला भरोसा
CBI अधिकारियों से मिले अंकिता भंडारी के माता-पिता, निष्पक्ष जांच का मिला भरोसा
प्रशांत भूषण के रिजीम चेंज वाले बयान पर बोले योगेंद्र यादव बोले- 'ये भारत का...'
प्रशांत भूषण के रिजीम चेंज वाले बयान पर बोले योगेंद्र यादव बोले- 'ये भारत का...'
पैनिक अटैक, शराब की लत, 26 दिन रिहैब सेंटर...तलाक के बाद बुरी तरह टूट गए थे युजवेंद्र चहल
पैनिक अटैक, शराब की लत, 26 दिन रिहैब सेंटर...तलाक के बाद बुरी तरह टूट गए थे युजवेंद्र चहल
शमी-भुवी फिर नजरअंदाज, हार्दिक गायब; NZ दौर के लिए टीम इंडिया के चयन पर सवाल
शमी-भुवी फिर नजरअंदाज, हार्दिक गायब; NZ दौर के लिए टीम इंडिया के चयन पर सवाल
'सपा जॉइन कई लेहला का...', सच होगा रवि किशन का तंज? अखिलेश से मिले BJP पार्षद
'सपा जॉइन कई लेहला का...', सच होगा रवि किशन का तंज? अखिलेश से मिले BJP पार्षद
JEE Mains के लिए कब से शुरू हो रहे रजिस्ट्रेशन? ये डॉक्यूमेंट्स रखें तैयार
JEE Mains के लिए कब से शुरू हो रहे रजिस्ट्रेशन? ये डॉक्यूमेंट्स रखें तैयार
मेकअप टिप्स; इंडियन स्किन टोन के लिए ऐसे चुनें सही फाउंडेशन और ब्लश
मेकअप टिप्स; इंडियन स्किन टोन के लिए ऐसे चुनें सही फाउंडेशन और ब्लश
Embed widget