नवरात्रि में किन राज्यों में घटती है प्याज की खपत? टॉप-5 राज्य कौन-से?
नवरात्रि का त्योहार आते ही बाजार की रौनक बढ़ जाती है. लेकिन इसी वजह से कई शहरों में प्याज का कारोबार भी गिर जाता. बहुत सी जगह नवरात्रि में प्याज खाने की मनाही होती है जिससे इसकी मांग घट सकती है

Navratri 2026: नवरात्रि का त्योहार देवी दूर्गा के भक्तों के लिए बेहद खास होती है. ऐसे में नवरात्रि शुरू होते ही कई घरों की रसोई में खाने-पीने का तरीका भी बदल जाता है. कहीं नौ दिन व्रत रखा जाता है, तो कहीं लोग सिर्फ पहले और आखिरी दिन उपवास करते हैं. इस दौरान बहुत से परिवार प्याज और लहसुन खाना भी छोड़ देते हैं. ऐसे में नवरात्रि के दिनों में प्याज की मांग पर असर पड़ सकता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत के किन राज्यों में इस दौरान प्याज की खपत घटने की संभावना रहती है?
नवरात्रि के दौरान बहुत से परिवार प्याज और लहसुन खाना छोड़ देते हैं और फलाहार या सात्विक भोजन करते हैं. इसका असर प्याज की मांग पर भी पड़ सकता है. खासकर उन घरों में प्याज की खरीद कम हो सकती है, जहां नवरात्रि के दौरान इसका इस्तेमाल पूरी तरह बंद रहता है.
नवरात्रि में किन राज्यों में घट सकती है प्याज की खपत?
उत्तर प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश और हरियाणा जैसे राज्यों में नवरात्रि के दौरान व्रत रखने और सात्विक भोजन करने वाले परिवारों की प्याज की मांग घट सकती है. इन राज्यों में नवरात्रि से जुड़ी धार्मिक परंपराओं के कारण कई लोग 9 दिनों तक प्याज-लहसुन से परहेज करते हैं. हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि पूरे राज्य में प्याज की खपत घट जाती है. बहुत से परिवार सामान्य भोजन करते रहते हैं और प्याज की कुल मांग पर बाजार में आवक, कीमत और दूसरी जरूरतों का भी असर पड़ता है.
सालाना खपत के लिहाज से प्याज के टॉप-5 राज्य
केंद्र सरकार के साल 2022-23 के घरेलू खपत संबंधी उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, प्याज की सालाना खपत के मामले में ये पांच राज्य शामिल हैं.
- उत्तर प्रदेश: 27.64 लाख मीट्रिक टन
- बिहार: 20.88 लाख मीट्रिक टन
- महाराष्ट्र: 17.13 लाख मीट्रिक टन
- तमिलनाडु: 14.32 लाख मीट्रिक टन
- पश्चिम बंगाल: 14.23 लाख मीट्रिक टन

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क्या नवरात्रि में प्याज की कीमतों पर भी पड़ता है असर?
नवरात्रि के दौरान कुछ परिवारों की प्याज की खरीद कम होने से स्थानीय बाजारों में मांग पर असर पड़ सकता है. लेकिन प्याज की कीमत सिर्फ त्योहार के कारण तय नहीं होती. मंडियों में कितनी प्याज पहुंच रही है, फसल की स्थिति कैसी है, भंडारण कितना है और दूसरे राज्यों से कितनी मांग आ रही है, इन सभी बातों का कीमत पर असर पड़ता है.
प्याज कारोबार पर कितना पड़ता है असर?
नवरात्रि में कुछ परिवार प्याज खाना कम कर देते हैं या बिल्कुल नहीं खाते. लेकिन इससे प्याज के दाम और कुल बिक्री पर कितना असर पड़ता है, यह कई बातों पर निर्भर करता है. बाजार में प्याज कितना आ रहा है, कितना जमा करके रखा गया है, मौसम कैसा है और दूसरे शहरों में इसकी कितनी मांग है, इन सबका भी असर पड़ता है.
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