Crop Cultivation: इन 5 स्टेट में गेहूं की बंपर बुवाई, तिलहन का इतना रकबा बढ़ा, दलहन का घट गया
देश में अनाज का संकट नहीं होगा. देश के अलग अलग स्टेट में रबी पफसलों की बुवाई में जुटे हैं. कृषि मंत्रालय के नए आंकड़ों ने देशवासियों को राहत दी है.

Wheat Production In India: इस साल और अगले साल देश में अनाज की कमी नहीं होगी. देश के अलग अलग स्टेट में किसान रबी फसलों को खूब बो रहे हैं. फसल पैदावार को लेकर कृषि मंत्रालय ने आंकड़े जारी किए हैं. आंकड़ों में गेहंू समेत अन्य फसलों के उत्पादन की स्थिति अच्छी है, जबकि दलहन का उत्पादन थोड़ा कमजोर बताया जा रहा है. आंकड़ों के अनुसार, पिछले साल इसी रबी सीजन तक 88.46 लाख हेक्टेयर में गेहूं की बुवाई हुई थी. जबकि इस बार 18 नवंबर तक 101.49 लाख हेक्टेयर में गेहूं की बुवाई हो गई है. पिछले साल के मुकाबले इस साल करीब 15 प्रतिशत ग्रोथ गेहूं की बुवाई में देखी गई है.
4 स्टेट में अधिक हुई गेहूं की बुवाई
कृषि मंत्रालय के आंकड़ों में कई स्टेट में उत्पादन बढ़ा है तो कई में कम भी हुआ है. डेटा के अनुसार, पंजाब में 7.18 लाख हेक्टेयर, राजस्थान में 4.24 लाख हेक्टेयर, उत्तर प्रदेश 2.59 लाख हेक्टेयर, महाराष्ट्र 1.05 लाख हेक्टेयर और गुजरात में 0.67 लाख हेक्टेयर में गेहूं बोया गया है. इन सभी 5 स्टेट में गेहूं प्रॉडक्शन की स्थिति बेहतर हुई है.
दलहन का रकबा 3 लाख हेक्टेयर घटा
दलहन उत्पादन के आंकड़े चिंता करने वाले हैं. इस सीजन में दलहन बुवाई का आंकड़ा 3 लाख हेक्टेयर तक घट गया हैं. इसी समय तक पिछले साल 76.08 लाख हेक्टेयर में दलहन की फसलें बोई गई थीं. जबकि इस साल यह आंकड़ा घटकर 73.25 लाख हेक्टेयर रह गया है. दलहनों में चना की बुवाई की बात करें तो 52.57 लाख हेक्टेयर में बोया है, जबकि पिछले साल 52.83 लाख हेक्टेयर में चना बोया गया था.
तिलहन का रकबा भी बढ़ गया
देश में लगभग 66.81 लाख हेक्टेयर में छह प्रकार के तिलहन बोए गए थे, जो एक साल पहले की अवधि के 59.22 लाख हेक्टेयर से अधिक है. रेपसीड और सरसों बुवाई के आंकड़ों पर नजर डालें तो पिछले साल के मुकाबले 8 लाख हेक्टेयर अधिक मेें बोया गया था. पिछले साल रेपसीड सरसों बोने का आंकड़ा 55.13 लाख हेक्टेयर था, जोकि इस सीजन में 63.25 लाख हेक्टेयर में हो गया है.
18 लाख हेक्टेयर अधिक बोई गई रबी की फसल
ऑवर ऑल रबी सीजन में फसलों की बुवाई देखें तो 18 नवंबर तक फसलों का रकबा 268.80 लाख हेक्टेयर है. एक साल पहले 250.76 लाख हेक्टेयर में रबी सीजन की पफसल बोई गई थीं. वहीं मोटा अनाज 19.80 लाख हेक्टेयर के मुकाबले 19.24 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बोया गया है.
Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. किसान भाई, किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.
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Source: IOCL






















