एक्सप्लोरर

अब नहीं घटेगी किसानों की आमदनी, सरकार की इस योजना में मिलेगा फायदा

PM AASHA Yojana: पीएम-आशा योजना अब किसानों की आय के लिए एक मजबूत सुरक्षा कवच बन गई है. इसके तहत दालों और तिलहन जैसी फसलों पर एमएसपी (MSP) की पक्की गारंटी मिलती है.

PM AASHA Yojana: खेती-किसानी में सबसे बड़ी टेंशन फसल उगाने की नहीं. बल्कि उसे सही दाम पर बेचने की होती है. अक्सर देखा गया है कि बंपर पैदावार होने पर बाजार में कीमतें गिर जाती हैं और किसानों की लागत निकलना भी मुश्किल हो जाता है. इसी समस्या का पक्का समाधान करने के लिए सरकार ने 'प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान' यानी 'PM-AASHA' योजना को और भी मजबूत बना दिया है.

इस स्कीम का सीधा मकसद यह पक्का करना है कि किसान को उसकी मेहनत का वाजिब हक मिले और बाजार के उतार-चढ़ाव से उसकी जेब पर कोई आंच न आए. अब खेती सिर्फ जोखिम का खेल नहीं रहेगी, क्योंकि सरकार ने एक ऐसा सेफ्टी नेट तैयार किया है जो एमएसपी (MSP) की गारंटी को जमीन पर उतारता है. अगर आप भी अपनी आमदनी को सुरक्षित करना चाहते हैं, तो इस सरकारी कवच के बारे में जानना आपके लिए बेहद जरूरी है.

पीएम-आशा योजना से कितना लाभ मिलता है?

इस योजना के तहत किसानों को उनकी फसल पर घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की पूरी सुरक्षा दी जाती है. सरकार ने दालों, तिलहन और खोपरा जैसी फसलों के लिए खरीद का कोटा बढ़ा दिया है, जिससे अब किसान अपनी उपज का बड़ा हिस्सा सरकारी रेट पर बेच सकते हैं. मुख्य लाभ यह है कि यदि बाजार में कीमत एमएसपी से नीचे चली जाती है, तो सरकार हस्तक्षेप करके फसल खुद खरीदती है या नुकसान की भरपाई करती है.

  • तिलहन और दालों की खेती करने वाले किसानों को अब बाजार के बिचौलियों के रहमों-करम पर रहने की जरूरत नहीं है.
  • नई गाइडलाइन्स के मुताबिक खरीद की सीमा को बढ़ाकर उत्पादन का 25% से 40% तक कर दिया गया है. जो सीधे तौर पर एक्स्ट्रा इनकम की गारंटी देता है.

इस स्कीम के जरिए सरकार का लक्ष्य किसानों को घाटे से बचाकर उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है.

यह भी पढ़ें: घर के किचन गार्डन में ऐसे उगाएं फ्रेश-फ्रेश नींबू, खाने के साथ आ जाएगा स्वाद

योजना का फायदा कैसे मिलता है?

पीएम-आशा योजना मुख्य रूप से तीन अलग-अलग मॉडल्स पर काम करती है ताकि हर तरह के किसान को कवर किया जा सके. इसमें 'प्राइस सपोर्ट स्कीम' (PSS) के तहत सरकारी एजेंसियां खुद फसल खरीदती हैं. दूसरा मॉडल 'प्राइस डेफिशियेंसी पेमेंट स्कीम' (PDPS) है, जिसमें सरकार खरीदती तो नहीं, लेकिन बाजार भाव और एमएसपी के बीच के अंतर का पैसा सीधा किसान के बैंक अकाउंट में भेज देती है.

  • तीसरा हिस्सा 'प्राइवेट प्रोक्योरमेंट एंड स्टॉकिस्ट स्कीम' (PPPS) है. जिसमें प्राइवेट कंपनियों को खरीद के लिए प्रोत्साहित किया जाता है.
  • किसानों को बिना किसी भागदौड़ के डिजिटल तरीके से उनकी उपज का सही दाम मिल जाता है.

यह मल्टी-लेयर सिस्टम यह सुनिश्चित करता है कि चाहे मंडी का हाल कुछ भी हो, अन्नदाता की कमाई पर ब्रेक न लगे.

यह भी पढ़ें: 1 एकड़ में कितने क्विंटल धान होता है, किसान भाई जान लें हिसाब-किताब

कैसे कर सकते हैं आवेदन?

इस सरकारी स्कीम का फायदा लेने के लिए सबसे पहले किसानों को राज्य सरकार के कृषि पोर्टल या पीएम-आशा के आधिकारिक प्लेटफार्म पर रजिस्ट्रेशन कराना होता है. आवेदन की प्रक्रिया को काफी सरल और डिजिटल बनाया गया है ताकि गांव का आम किसान भी इसका लाभ ले सके. रजिस्ट्रेशन के समय आपको अपनी जमीन के दस्तावेज, बैंक पासबुक और आधार कार्ड जैसी बेसिक डिटेल्स देनी होती हैं.

  • आवेदन के बाद आपकी फसल का वेरिफिकेशन होता है और उसके आधार पर ही आप अपनी उपज सरकारी केंद्रों पर ले जा सकते हैं.
  • समय-समय पर लगने वाले खरीद केंद्रों की जानकारी आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर भी साझा की जाती है.

अगर आप समय रहते अपना रजिस्ट्रेशन करवा लेते हैं. तो फसल तैयार होते ही आप सीधे सरकारी लाभ के हकदार बन जाते हैं. जिससे बिचौलियों का खेल पूरी तरह खत्म हो जाता है.

यह भी पढ़ें: खेती के साथ ये बिजनेस भी शुरू कर दें किसान, दोगुनी हो जाएगी आय; सरकार देती है सब्सिडी

About the author नीलेश ओझा

नीलेश ओझा पिछले पांच साल से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उनकी लेखन शैली में तथ्यों की सटीकता और इंसानी नजरिए की गहराई दोनों साथ-साथ चलती हैं.पत्रकारिता उनके लिए महज़ खबरें इकट्ठा करने या तेजी से लिखने का काम नहीं है. वह मानते हैं कि हर स्टोरी के पीछे एक सोच होनी चाहिए.  

कुछ ऐसा जो पाठक को सिर्फ जानकारी न दे बल्कि सोचने के लिए भी मजबूर करे. यही वजह है कि उनकी स्टोरीज़ में भाषा साफ़ होती है.लिखने-पढ़ने का शौक बचपन से रहा है. स्कूल की नोटबुक से शुरू हुआ यह सफर धीरे-धीरे पेशेवर लेखन और पत्रकारिता तक पहुंचा. आज भी उनके लिए लेखन सिर्फ पेशा नहीं है यह खुद को समझने और दुनिया से संवाद करने का ज़रिया है.

पत्रकारिता के अलावा वह साहित्य और समकालीन शायरी से भी गहराई से जुड़े हुए हैं. कभी भीड़ में तो कभी अकेले में ख्यालों को शायरी की शक्ल देते रहते हैं. उनका मानना है कि पत्रकारिता का काम सिर्फ घटनाएं गिनाना नहीं है. बल्कि पाठक को उस तस्वीर के उन हिस्सों तक ले जाना है. जो अक्सर नजरों से छूट जाते हैं.

उन्होंने स्पोर्ट्सविकी, क्रिकेट एडिक्टर, इनशॉर्ट्स और जी हिंदुस्तान जैसे प्रमुख प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

भारत के किस राज्य में सबसे ज्यादा उगाई जाती है अफीम, कितना होता है इस पर मुनाफा
भारत के किस राज्य में सबसे ज्यादा उगाई जाती है अफीम, कितना होता है इस पर मुनाफा
सरकार दे रही है प्राकृतिक खेती के लिए आर्थिक मदद, जानिए कौन उठा सकता है लाभ
सरकार दे रही है प्राकृतिक खेती के लिए आर्थिक मदद, जानिए कौन उठा सकता है लाभ
अगर खेत की बाड़ पर दौड़ रहे करंट से मर गया कोई शख्स, तो कितनी होगी खेत मालिक को सजा
अगर खेत की बाड़ पर दौड़ रहे करंट से मर गया कोई शख्स, तो कितनी होगी खेत मालिक को सजा
गाय का दूध ही नहीं ये चीज भी है काफी कीमती, शहर में शुरू करें इसका बिजनेस, खूब चमकेगी किस्मत
गाय का दूध ही नहीं ये चीज भी है काफी कीमती, शहर में शुरू करें इसका बिजनेस, खूब चमकेगी किस्मत

वीडियोज

अगस्त से महंगी होंगी Maruti Suzuki की Cars! क्यों बढ़ रही हैं बार-बार कीमतें? #maruti
अगस्त से महंगी होंगी Maruti Suzuki की Cars! क्यों बढ़ रही हैं बार-बार कीमतें? #maruti #autolive
Chugalkhor Aunty: चुगलखोर आंटी के साथ देखिए चुगलियों का पिटारा
Bollywood News: शाहरुख खान की 'किंग' की रिलीज अफवाहों पर विराम, 24 दिसंबर 2026 को होगा बड़ा धमाका (22-07-2026)
E20 ethanol: अब ATM से निकलेगा इथेनॉल! |ABPLIVE

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
छात्रों पर लाठीचार्ज से आहत अन्ना हजारे करेंगे आंदोलन, पीएम मोदी को चिट्ठी लिखकर कहा- लोकतंत्र में दमन…
छात्रों पर लाठीचार्ज से आहत अन्ना हजारे करेंगे आंदोलन, पीएम मोदी को चिट्ठी लिखकर कहा- लोकतंत्र में दमन…
छात्रों के आंदोलन का जिक्र कर प्रियंका चतुर्वेदी बोलीं, 'वे किसी राजनीतिक एजेंडे के तहत...'
छात्रों के आंदोलन का जिक्र कर प्रियंका चतुर्वेदी बोलीं, 'वे किसी राजनीतिक एजेंडे के तहत...'
CJP Protest LIVE: जंतर-मंतर पर झड़प में 2 ACP और 2 इंस्पेक्टर घायल, आंसू गैस के बाद पुलिस का लाठीचार्ज
LIVE: जंतर-मंतर पर झड़प में 2 ACP और 2 इंस्पेक्टर घायल, आंसू गैस के बाद पुलिस का लाठीचार्ज
'हार के डर...', जिम्बाब्वे टी20 सीरीज से पहले श्रेयस अय्यर की प्रेस कॉन्फ्रेंस की मुख्य बातें
'हार के डर...', जिम्बाब्वे टी20 सीरीज से पहले श्रेयस अय्यर की प्रेस कॉन्फ्रेंस की मुख्य बातें
अनुपम खेर ने स्टूडेंट प्रोटेस्ट को किया सपोर्ट, पर बोले- इसे पॉलिटिकल मत बनाओ
अनुपम खेर ने स्टूडेंट प्रोटेस्ट को किया सपोर्ट, पर बोले- इसे पॉलिटिकल मत बनाओ
Explained: 380 दिन के किसान और 103 के एंटी CAA से बड़ा छात्र आंदोलन! इन दोनों से ज्यादा CJP को जन समर्थन क्यों?
380 दिन के किसान और 103 के एंटी CAA से बड़ा छात्र आंदोलन! दोनों से ज्यादा CJP को समर्थन क्यों?
PM मोदी की माफी से लेकर स्टूडेंट प्रोटेस्ट तक...पेपर लीक मामले पर राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस की 10 बड़ी बातें
PM मोदी की माफी से स्टूडेंट प्रोटेस्ट तक...पेपर लीक मामले पर राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस की 10 बड़ी बातें
'हॉर्मुज में जहाज पर हुआ हमला तो उड़ा देंगे पुल-पावर प्लांट', ट्रंप ने ईरान को दी सीधी धमकी
'हॉर्मुज में जहाज पर हुआ हमला तो उड़ा देंगे पुल-पावर प्लांट', ट्रंप ने ईरान को दी सीधी धमकी
Embed widget