एक्सप्लोरर

नितिन गडकरी की तरह आप भी उगा सकते हैं एक किलो का प्याज और आलू, जानें क्या है मल्चिंग पेपर तकनीक

नितिन गडकरी की पत्नी ने 1 किलो के जैविक प्याज उगाए हैं. वह अब किसानों के लिए मिसाल बनी हैं. आइए जानते हैं उन्होंने किस टेक्निक से इसे उगाया है.

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की पत्नी कंचन गडकरी ने खेती की दुनिया में एक नई और प्रेरणादायक मिसाल पेश की है. उन्होंने महाराष्ट्र के नागपुर जिले के धापेवाड़ा गांव में स्थित अपने "भक्ति फार्म" में एक खास तकनीक अपनाकर 800 ग्राम से लेकर 1 किलो तक के जैविक प्याज का सफल उत्पादन किया है. ये प्याज न सिर्फ आकार में बड़े हैं, बल्कि पूरी तरह जैविक भी हैं, जो आज के समय में स्वास्थ्य के लिहाज से बेहद अहम माने जाते हैं.

इस अनोखी खेती की झलक खुद नितिन गडकरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो के जरिए साझा की है. करीब 2 मिनट 40 सेकंड के इस वीडियो में फार्म की झलकियों के साथ-साथ बड़े-बड़े प्याज भी दिखाई दे रहे हैं. गडकरी ने बताया कि उन्होंने 2.5 किलो प्याज के बीज से एक एकड़ खेत में उत्पादन शुरू किया और पहले 45 दिन तक प्याज की नर्सरी तैयार की गई.

क्या है मल्चिंग पेपर तकनीक?

इस खेती में कंचन गडकरी ने "मल्चिंग पेपर" तकनीक का इस्तेमाल किया, जो मिट्टी की नमी बनाए रखने में मदद करती है. इसमें खेत की मिट्टी को जैविक प्लास्टिक या पॉलिथीन जैसी चादर से ढक दिया जाता है. इससे नमी जल्दी नहीं उड़ती और सिंचाई की जरूरत कम पड़ती है. इसके साथ ही खरपतवार (जंगली घास) नहीं उगती, जिससे पौधों को ज्यादा पोषण मिलता है. मल्चिंग से मिट्टी ठंडी या गर्म बनी रहती है, जो प्याज जैसी फसलों के लिए बहुत फायदेमंद है.

उन्नत तकनीकों का इस्तेमाल

फार्म पर पौधों को वेल-बेड में ट्रांसप्लांट किया गया और डबल ड्रिप इरिगेशन सिस्टम लगाया गया, जिससे हर पौधे को बराबर पानी मिले. इसके साथ ही बायो-ऑर्गेनिक खाद भी डाली गई, जिससे प्याज की ग्रोथ बेहतर हो सके और पौधे मजबूत बनें.

किसानों के लिए एक नई राह

कंचन गडकरी का यह जैविक प्रयोग सिर्फ एक फार्म का काम नहीं है, बल्कि यह पूरे देश के किसानों के लिए एक नई दिशा दिखाता है. नितिन गडकरी ने कहा कि यह तकनीक देशभर के किसानों को अपनानी चाहिए, जिससे वे कम खर्च में ज्यादा और अच्छी क्वालिटी का उत्पादन कर सकें.

कहां से मिलेगी मदद?

अगर किसान भी इस तकनीक को अपनाना चाहते हैं तो वे नजदीकी कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) या उद्यान विभाग से संपर्क कर सकते हैं. यहां से उन्हें मल्चिंग पेपर तकनीक, जैविक खेती, सब्सिडी और ट्रेनिंग की पूरी जानकारी मिल सकती है.

यह भी पढ़ें- जून में आ सकती है पीएम किसान निधि की अगली किस्त, जानें कैसे चेक कर सकते हैं लिस्ट में अपना नाम

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

अर्नब तूफान की चपेट में ये राज्य, कृषि व्यापार पर कितना पड़ेगा असर?
अर्नब तूफान की चपेट में ये राज्य, कृषि व्यापार पर कितना पड़ेगा असर?
फॉर्म हाउस पर कैसे करें भिंडी की खेती, इससे कितना मुनाफा?
फॉर्म हाउस पर कैसे करें भिंडी की खेती, इससे कितना मुनाफा?
गिर, साहीवाल या थारपारकर, कौन सी गाय देती है सबसे ज्यादा दूध?
गिर, साहीवाल या थारपारकर, कौन सी गाय देती है सबसे ज्यादा दूध?
गेहूं की बुवाई से पहले किसान जरूर करें ये काम, वरना होगा नुकसान!
गेहूं की बुवाई से पहले किसान जरूर करें ये काम, वरना होगा नुकसान!

वीडियोज

Sansani | ABP News: No Parking का शैतान...नजरों के सामने खूनी खेल !
Mallikarjun Kharge on PM Modi News: कांग्रेस बौखलाई...'बाप-दादा' पर आई! | Breaking | ABP News
Janhit with Chitra Tripathi: बड़े-बड़े कांग्रेसी..'सेल्फ गोल' के 'महारथी'! | Kharge on PM Modi
Mallikarjun Kharge on PM Modi News: 'बाप भी जाएगा' vs 'मोदी कहीं नहीं जाएगा' | Breaking | ABP News
Sandeep Chaudhary: Iran-US के बीच फिर बढ़ा तनाव...महंगाई निकालेगी दम? | Inflation | Crude Oil | ABP

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
निशिकांत दुबे की याचिका पर महुआ मोइत्रा ने हाई कोर्ट से कहा, 'हटा दूंगी पोस्ट'
निशिकांत दुबे की याचिका पर महुआ मोइत्रा ने हाई कोर्ट से कहा, 'हटा दूंगी पोस्ट'
Bihar MLC Election Results LIVE: रिजल्ट का पहला रुझान आया, BJP आगे, जन सुराज को बड़ा झटका!
बिहार MLC चुनाव रिजल्ट: पहला रुझान आया, BJP आगे, जन सुराज को बड़ा झटका!
'कांग्रेस ऐसे भड़क उठती है जैसे उसे लाल कपड़ा दिखा दिया', खरगे के बयान पर बोले शिवराज
'कांग्रेस ऐसे भड़क उठती है जैसे उसे लाल कपड़ा दिखा दिया', खरगे के बयान पर बोले शिवराज
मोहित शर्मा CSK के कोचिंग स्टाफ में शामिल, मिली बड़ी जिम्मेदारी
मोहित शर्मा CSK के कोचिंग स्टाफ में शामिल, मिली बड़ी जिम्मेदारी
'रामायण' से क्लैश टालने के लिए भारत में टलेगी 'गॉडजिला माइनस जीरो'? जानें- असल वजह
'रामायण' से क्लैश टालने के लिए भारत में टलेगी 'गॉडजिला माइनस जीरो'?
'व्यापार को बचाने के लिए कर रहे हैं', बाबा रामदेव के बयान पर AIMIM की प्रतिक्रिया
'व्यापार को बचाने के लिए कर रहे हैं', बाबा रामदेव के बयान पर AIMIM की प्रतिक्रिया
Cyclone Arnab Live: चक्रवात अर्नब को लेकर NDMA और कैबिनेट सचिव स्तर पर बैठक, बचाव की तैयारी तेज
Live: चक्रवात अर्नब को लेकर NDMA और कैबिनेट सचिव स्तर पर बैठक, बचाव की तैयारी तेज
E100 फ्यूल से कितनी बच जाएगी विदेशी मुद्रा, अभी इस पर कितना खर्च?
E100 फ्यूल से कितनी बच जाएगी विदेशी मुद्रा, अभी इस पर कितना खर्च?
Embed widget