एक्सप्लोरर

Fig Cultivation: तीन महीने में बदलनी है किस्मत तो करें इस 'चमत्कारी' फल की खेती, सोच से ज्यादा कमाई होगी

Anjeer Ki Kheti: अगले 50 से 60 सालों के लिये एक हेक्टयेर में अंजीर के 250 पौधे लगा सकते हैं. इसका हर पौधा 20-30 किलो तक पैदावार देता है, जिन्हें बाजार में 500 से 800 रुपए प्रति किलोग्राम तक बेच सकते हैं.

Fig Farming: स्वास्थयवर्धक और पोषण से भरपूर फलों में अंजीर का नाम भी शामिल है, जिसे सूखा मेवा या ताजा फल के रूप में खाया जाता है. बाजार में भी अंजीर से बने उत्पादों की काफी मांग रहती है. सबसे महंगे फलों में शुमार अंजीर की खेती (Fig Cultivation) भारत के साथ-साथ अमेरिका और अफ्रीका जैसे देशों में की जा रही है. भारत की मिट्टी और जलवायु के मुताबिक अंजीर का पौधा 2 साल के अंदर ही फलों का उत्पादन (Fig Prodiction) देने लगता है.

वहीं 4 से 5 साल बाद इसके पेड़ से 15 किलो तक अंजीर की पैदावार ले सकते हैं. दूसरी बागवानी फसलों की तरह ही कम लागत में अंजीर के पौधों की रोपाई करके पहली ही फसल से 12,000 रुपये और प्रति हेक्टेयर से 30 लाख तक की आमदनी (Income from Fig Cultivation) ले सकते हैं. बता दें कि भारत में अंजीर उगाया ही नहीं, बल्कि निर्यात भी किया जाता है. यही कारण है कि अंजीर की खेती से अच्छी क्वालिटी का उत्पादन लेकर किसानों को काफी अच्छा मुनाफा मिल सकता हैं. 

भारत में अंजीर की खेती
भारत में अंजीर की खेती (Anjeer Ki Kheti) के लिये शीतोष्ण और शुष्क यानी सर्द जलवायु में उगाया जाते हैं. भारत में तमिलनाडु, कर्नाटक, महाराष्ट्र, गुजरात के अलावा उत्तर प्रदेश में ही अंजीर के ज्यादातर बाग मौजूद हैं. विशेषज्ञों की मानें तो कम पानी वाले इलाकों में अंजीर की खेती करके काफी अच्छा उत्पादन ले सकते हैं. 

अंजीर के लिये मिट्टी और जलवायु
अंजीर की खेती के लिये अच्छी जल निकासी वाली गहरी-दोमट मिट्टी सबसे उपयुक्त रहती है. किसान चाहें तो महाराष्ट्र की मध्यम काली मिट्टी, लाल मिट्टी या चूनायुक्त गहरी मिट्टी भी अनुकूल रहती है. ठंड प्रदेशों के अलावा 25 से 35 डिग्री सेंटीग्रेट तापमान में अंजीर के पौधे खूब तेजी से बढ़ते हैं. इस बीच मिट्टी का पीएमपान 6 से 7 के बीच होना चाहिये. अंजीर की खेती से अच्छा मुनाफा कमाने के लिये सबसे पहले मिट्टी की जांच करवाने की सलाह दी जाती है. 

अंजीर की उन्नत किस्में
दुनियाभर में अंजीर की कई किस्में (Fig Varieties) उगाई जा रही है. इनमें अंतर्राष्ट्रीय बाजार मानकों के आधार पर अंजीर की सिमराना, कालीमिरना, कडोटा, काबुल, मार्सेलस, और वाइट सैन पेट्रो जैसी किस्मों से नर्सरी तैयार कर सकते हैं.  बता दें कि महाराष्ट्र में भी अंजीर का बड़े पैमाने पर उत्पादन (Fig Cultivation in Maharashtra) लिया जा रहा है. यहां पंजीब अंजीर, पुणे अंजीर, मार्शलीज अंजीर, पुणेरी अंजीर, दिनकर अंजीर, ब्राउन टर्की अंजीर आदि किस्में काफी लोकप्रिय हैं.

अंजीर का उत्पादन और आमदनी
एक अनुमान के मुताबिक, एक हेक्टयेर में अंजीर के 250 पौधे (Fig Plants) लगा सकते हैं, जो अगले 50 से 60 साल तक कई टन उत्पादन देते हैं. अंजीर की फलत के सीजन में  प्रति पौधे से 20-30 किलो फलों का उत्पादन (Fig Production) ले सकते हैं, जो कम से कम 500 से 800 रुपए प्रति किलोग्राम तक बिकते हैं. देश-दुनियाभर में अंजीर जैसे सेहतमंद फल, मेवा और इससे बने उत्पादों की मांग रहती है. एक हेक्टेयर में अंजीर की खेती (Fig Cultivation) करके किसान 30 लाख रुपये तक कमा सकते हैं.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ कुछ मीडिया रिपोर्ट्स और जानकारियों पर आधारित है. किसी भी जानकारी को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

इसे भी पढ़ें:-

Subsidy Offer: खेती को कई गुना आसान बना देंगे ये 15 कृषि यंत्र, खरीद पर 50 से 80 प्रतिशत सब्सिडी देगी सरकार

Subsidy Offer: यहां किसानों को मिल रहे हैं सब्जियों के फ्री बीज, 'पहले आओ-पहले पाओ' के जरिये मिलेगा फायदा

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

घर पर कैसे उगा सकते हैं कीवी? एक क्लिक में जान लें बेहद आसान तरीका  
घर पर कैसे उगा सकते हैं कीवी? एक क्लिक में जान लें बेहद आसान तरीका  
India AI Impact Summit 2026: छोटे किसानों की भी मदद कर रहा एआई, मिट्टी से लेकर फसल तक के बारे में मिलती है जानकारी
छोटे किसानों की भी मदद कर रहा एआई, मिट्टी से लेकर फसल तक के बारे में मिलती है जानकारी
किसानों के लिए बड़ी राहत, किसान क्रेडिट कार्ड को और आसान बनाएगा RBI; पढ़ें क्या है मामला
किसानों के लिए बड़ी राहत, किसान क्रेडिट कार्ड को और आसान बनाएगा RBI; पढ़ें क्या है मामला
Agriculture Budget 2026: बजट में खेती से कमाई बढ़ाने पर जोर, डेयरी-मुर्गी पालन से लेकर नारियल और चंदन तक बड़ी योजना
बजट में खेती से कमाई बढ़ाने पर जोर, डेयरी-मुर्गी पालन से लेकर नारियल और चंदन तक बड़ी योजना

वीडियोज

Khamnei Death: Trump को खुली धमकी..खामेनेई की मौत से गुस्से में ईरान | Iran Israel War | Khamenei
Iran Israel War: खामेनेई की मौत से भड़का ईरान, सड़कों पर तांडव! | Khamenai Death | War News
महाविनाश की सबसे बड़ी 'सनसनी' !
Israel Iran War: विश्व तनाव चरम पर, ईरान-इज़राइल संघर्ष और मिसाइल हमलों की चेतावनी | Netanyahu
Sandeep Chaudhary: Khamenei को ट्रेस कर रहा था America..खुला राज! | Iran Israel War | Trump

फोटो गैलरी

Petrol Price Today
₹ 94.77 / litre
New Delhi
Diesel Price Today
₹ 87.67 / litre
New Delhi

Source: IOCL

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
दुबई में अमेरिका का कोई मिलिट्री बेस नहीं तो फिर ईरान ने वहां क्यों दागीं मिसाइलें? सामने आई ये वजह
दुबई में अमेरिका का कोई मिलिट्री बेस नहीं तो फिर ईरान ने वहां क्यों दागीं मिसाइलें? सामने आई ये वजह
कश्मीर के सभी जिलों में प्रतिबंध होंगे लागू, ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की शहादत के बाद फैसला
कश्मीर के सभी जिलों में प्रतिबंध होंगे लागू, ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की शहादत के बाद फैसला
सेमीफाइनल की चारों टीमें तय, भारत का इंग्लैंड से होगा मुकाबला; जानें किसने किसने किया है क्वालीफाई
सेमीफाइनल की चारों टीमें तय, भारत का इंग्लैंड से होगा मुकाबला; जानें किसने किसने किया है क्वालीफाई
खामेनेई की हत्या के बाद ईरान ने जामकरान मस्जिद पर फहराया लाल झंडा, जानें क्या है इसका मतलब?
खामेनेई की हत्या के बाद ईरान ने जामकरान मस्जिद पर फहराया लाल झंडा, जानें क्या है इसका मतलब?
'बॉर्डर 2' का 38वें दिन भी जारी है धमाल, सनी देओल की फिल्म ने अब तक किया है इतना कलेक्शन
'बॉर्डर 2' का 38वें दिन भी जारी है धमाल, सनी देओल की फिल्म ने अब तक किया है इतना कलेक्शन
'भारत पहले कभी इतना कमजोर...', खामेनेई की मौत पर कांग्रेस का पहला रिएक्शन, जानें क्या कहा?
'भारत पहले कभी इतना कमजोर...', खामेनेई की मौत पर कांग्रेस का पहला रिएक्शन, जानें क्या कहा?
बाराबंकी में आई विदेशी बारात, विलायती मेहमानों ने यूपी की गलियों में जमकर लगाए ठुमके, वीडियो वायरल
बाराबंकी में आई विदेशी बारात, विलायती मेहमानों ने यूपी की गलियों में जमकर लगाए ठुमके, वीडियो वायरल
Voting Rights Prisoners: इस देश में कैदी भी दे सकते हैं वोट, जानें क्यों है ऐसा कानून
इस देश में कैदी भी दे सकते हैं वोट, जानें क्यों है ऐसा कानून
Embed widget