ऐसे करेंगे स्टोर, तो महीनों तक सुरक्षित रहेगा हरा चारा
क्या आप भी चारे की कमी से हैं परेशान? कृषि विशेषज्ञों द्वारा बताए गए इन आसान और पारंपरिक देसी जुगाड़ से हरे चारे को करें स्टोर, पोषक तत्व रहेंगे बरकरार और दूध का उत्पादन भी बढ़ेगा.

पशुपालन और डेयरी फार्मिंग करने वाले किसानों के सामने सबसे बड़ी समस्या तब खड़ी होती है, जब गर्मियों या सर्दियों के कुछ महीनों में पशुओं के लिए हरे चारे की भारी कमी हो जाती है. हरा चारा न मिलने के कारण दुधारू पशुओं जैसे गाय और भैंस का दूध उत्पादन अचानक कम हो जाता है, जिसका सीधा असर किसान की आमदनी पर पड़ता है.
लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक विशेष वैज्ञानिक तकनीक के जरिए हरे चारे को बिना सुखाए, उसके सभी पौष्टिक तत्वों के साथ महीनों या पूरे साल भर के लिए सुरक्षित रखा जा सकता है? कृषि विज्ञान में इस सुरक्षित रखे गए चारे को साइलेज या चारे का अचार कहा जाता है. आइए जानते हैं कि हरे चारे को स्टोर करने की यह तकनीक क्या है और इसे घर पर कैसे तैयार किया जा सकता है.
क्या होता है साइलेज और इसके बड़े फायदे
साइलेज असल में हरे चारे को एक ऐसी जगह पर दबाकर सुरक्षित रखने की प्रक्रिया है, जहां हवा बिल्कुल न पहुंच सके. हवा न मिलने के कारण चारे में प्राकृतिक रूप से फर्मेंटेशन होता है, जिससे लैक्टिक एसिड बनता है. यह एसिड चारे को सड़ने से बचाता है.
इस तकनीक का सबसे बड़ा फायदा यह है कि जब खेतों में बिल्कुल हरा चारा उपलब्ध नहीं होता, तब भी पशुओं को पौष्टिक भोजन मिलता रहता है. साइलेज में हरे चारे के सभी विटामिन, प्रोटीन और नमी पूरी तरह सुरक्षित रहते हैं. यह चारा बेहद स्वादिष्ट और आसानी से पचने वाला होता है, जिसे पशु बहुत चाव से खाते हैं. इसे खाने से पशुओं की सेहत अच्छी रहती है और उनके दूध देने की क्षमता में कभी कमी नहीं आती है.
स्टोर करने का स्टेप-बाय-स्टेप आसान तरीका
सबसे पहले कटी हुई फसल को कुट्टी काटने वाली मशीन की मदद से छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें. टुकड़ों का साइज 1 से 2 सेंटीमीटर के बीच होना चाहिए ताकि उन्हें दबाने में आसानी हो. इसके बाद चारे को स्टोर करने के लिए जमीन के ऊपर या जमीन के अंदर एक पक्का गड्ढा बनाया जाता है. अगर गड्ढा उपलब्ध न हो, तो आजकल बाजार में मिलने वाले बड़े और मोटे प्लास्टिक बैग का इस्तेमाल भी किया जा सकता है.
गड्ढे या बैग में चारे की 6-6 इंच की परतें बिछाएं और उसे पैरों से, लकड़ी के लट्ठों से या बड़े गड्ढों में ट्रैक्टर चलाकर अच्छी तरह दबाएं. चारे को इतनी मजबूती से दबाना होता है कि उसके भीतर मौजूद सारी हवा पूरी तरह बाहर निकल जाए. जब गड्ढा या बैग चारे से पूरा भर जाए, तो उसके ऊपर प्लास्टिक की मोटी शीट डालकर उसे चारों तरफ से मिट्टी, गोबर या भारी पत्थरों से पूरी तरह बंद कर दें. ध्यान रहे कि भीतर थोड़ी सी भी हवा या बारिश का पानी नहीं जाना चाहिए, नहीं तो पूरा चारा सड़ जाएगा.
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कब और कैसे करें पशुओं के लिए इस्तेमाल?
इस तरह पूरी तरह बंद कर देने के बाद, लगभग 45 से 50 दिनों के भीतर गड्ढे के अंदर शानदार और पौष्टिक साइलेज बनकर पूरी तरह तैयार हो जाता है. जब भी आपके पास हरे चारे की कमी हो, आप गड्ढे या बैग को एक तरफ से थोड़ा सा खोलकर जरूरत के मुताबिक चारा निकाल सकते हैं.
चारा निकालने के तुरंत बाद उस हिस्से को दोबारा अच्छी तरह बंद कर देना चाहिए ताकि बाकी का चारा हवा के संपर्क में न आए. इस आसान और किफायती तरीके को अपनाकर देश का कोई भी किसान अपने पशुओं के लिए हरी खाद और चारे का एक ऐसा बैंक बना सकता है, जो सूखे या संकट के समय उनके काम आएगा और डेयरी के बिजनेस को लगातार मुनाफे में रखेगा.
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