मछली पालन से कमाई बढ़ाएं, सरकार भी दे रही मदद
Fish Farming Subsidy: उत्तर प्रदेश में मछली पालन से किसान कैसे बना सकते हैं तगड़ा मुनाफा. तालाब बनाने से लेकर ढुलाई तक दी जा रही बंपर सरकारी सब्सिडी. जान लें कैसे मिलेगा फायदा.

Fish Farming Subsidy: उत्तर प्रदेश में पारंपरिक खेती-किसानी के साथ-साथ अब किसान एक्स्ट्रा इनकम के लिए नए और बेहतर ऑप्शन तलाश रहे हैं. ऐसे में मछली पालन यानी फिश फार्मिंग पूरे यूपी के ग्रामीण इलाकों में कमाई का एक बेहद मजबूत और भरोसेमंद जरिया बनकर तेजी से उभर रहा है. प्रदेश भर में ताजी मछली की बढ़ती खपत और लगातार बढ़ते दामों ने इस पूरे कारोबार को काफी ज्यादा मुनाफेदार बना दिया है. किसानों और ग्रामीण युवाओं की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार और मत्स्य विभाग की तरफ से बंपर सब्सिडी और लगातार फाइनेंशियल सपोर्ट दिया जा रहा है.
चाहे आपके पास निजी तालाब हो, ग्राम सभा का पट्टा हो या आप बहुत छोटे स्तर पर काम शुरू करने की सोच रहे हों सरकार हर स्तर पर आपको आर्थिक मदद मुहैया करा रही है. सही वैज्ञानिक जानकारी सरकारी स्कीमों के फायदे और बढ़िया मार्केटिंग अपनाकर यूपी के किसान अपनी आमदनी को दोगुना से भी ज्यादा आसानी से बढ़ा रहे हैं. चलिए आपको बताते हैं कि मछली पालन में सरकार किस तरह मदद कर रही है और इससे कैसे मुनाफा कमाया जा सकता है.
यूपी सरकार दे रही सब्सिडी
उत्तर प्रदेश में अगर आप मछली पालन का बिजनेस शुरू करने की सोच रहे हैं. तो यूपी सरकार का मत्स्य विभाग आपकी जेब का बोझ काफी हल्का कर रहा है. नए तालाब की खुदाई से लेकर पुराने तालाबों को ठीक करने, सोलर पंप लगाने और मॉडर्न बायोफ्लॉक यूनिट सेटअप करने पर 40% से 60% तक की भारी सब्सिडी मिल रही है. इसमें जनरल कैटेगरी के लोगों को प्रोजेक्ट कॉस्ट पर 40% और महिलाओं, एससी-एसटी वर्ग के लोगों को 60% तक का सीधा फाइनेंशियल सपोर्ट दिया जा रहा है.
इतना ही नहीं शुरुआती दिनों में अच्छी क्वालिटी के बीज यानी फिंगरलिंग्स, प्रोटीन रिच फीड और जरूरी दवाइयों के खर्च पर भी सरकार अलग से इनपुट सब्सिडी देती है. अगर वर्किंग कैपिटल की जरूरत हो तो किसान क्रेडिट कार्ड के जरिए बेहद कम ब्याज दर पर लोन भी आसानी से मिल जाता है, जिससे फंड्स की टेंशन लिए बिना आपका फार्मिंग बिजनेस बढ़िया चलता रहे.

मछली ढुलाई और बाजार के लिए 25000 की मदद
मछली पालकों के सामने सबसे बड़ी दिक्कत तालाब से मछली को सही और ताजा हालत में नजदीकी बाजारों तक पहुंचाने की होती है. अगर समय पर सही ट्रांसपोर्टेशन न मिले तो मछली खराब होने का डर रहता है और किसानों को मजबूरी में कम दाम पर बेचना पड़ता है.
इसी बड़ी समस्या का हल निकालते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने मछली की ढुलाई और मार्केटिंग के लिए यह बेहद खास योजना शुरू की है. इसके तहत मछलियों को तालाब से मंडी तक ले जाने के लिए आइस बॉक्स युक्त साइकिल या टू-व्हीलर सेटअप की खरीद पर सरकार की तरफ से 25000 रुपये तक का वित्तीय अनुदान सीधे दिया जा रहा है.
इंसुलेटेड आइस बॉक्स होने की वजह से मछलियां कई घंटों तक बिल्कुल फ्रेश एक दम सही बनी रहती हैं. जिससे बाजार में उनका काफी बढ़िया रेट मिलता है. यह योजना न सिर्फ किसानों का ट्रांसपोर्ट खर्च बचाती है. बल्कि यूपी के बेरोजगार युवाओं को मछली सप्लाई और डिलीवरी का नया स्वरोजगार शुरू करने का भी एक शानदार मौका देती है.
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कैसे करना होगा आवेदन?
इस सरकारी योजना और बंपर सब्सिडी का लाभ लेने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार के आधिकारिक मत्स्य पोर्टल http://fisheries.up.gov.in पर जाकर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करना होता है. आवेदन के लिए आधार कार्ड, बैंक पासबुक, पासपोर्ट साइज फोटो, मोबाइल नंबर और जमीन या फिर तालाब के पट्टे के कागजात जैसे बेसिक डाक्यूमेंट्स की जरूरत पड़ती है. पोर्टल पर लॉगिन करके विभागीय योजनाओं के विकल्प में जाएं अपनी पात्रता के मुताबिक संबंधित स्कीम चुनें और मांगी गई सभी जरूरी जानकारियां भरकर फॉर्म को फाइनल सबमिट कर दें.
ऑनलाइन आवेदन जमा होने के बाद जिला मत्स्य अधिकारी कार्यालय की ओर से सभी डाॅक्यूमेंट्स चेक किए जाएंगे और जमीनी सत्यापन किया जाता है. सत्यापन में सही पाए जाने पर स्वीकृत सब्सिडी की रकम सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में डीबीटी के जरिए ट्रांसफर कर दी जाती है.

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