एक्सप्लोरर

खेत में खरपतवार से परेशान? अपनाएं ये तकनीक

अगर आप बार-बार निराई और महंगे खर्च से हैं परेशान हैं तो खरपतवारों का सफाया करने वाली यह मार्डन तकनीक बदल देगी आपकी खेती का पूरा तरीका. जानिए किस तरह मल्चिंग तकनीक से बचा पाएंगे खेत को खरपतवार से.

Show Quick Read
Key points generated by AI, verified by newsroom
  • खेतों में खरपतवार फसल को नुकसान पहुंचाते मल्चिंग से बचा सकते हैं फसल.
  • मल्चिंग धूप रोककर खरपतवार बढ़ने नहीं देती और जमीन में नमी बनाए रखती है.
  • सही मल्चिंग तकनीक से उपज बढ़ती है और लागत घटती है.

खेती में जितनी मेहनत बीज बोने से लेकर फसल काटने तक करनी पड़ती है. उससे कहीं ज्यादा सिरदर्द खेतों में उगने वाला फालतू घास-फूस यानी खरपतवार बन जाता है. फसल के साथ उगने वाले ये अनचाहे पौधे चुपचाप जमीन के अंदर की सारी ताकत, खाद, पानी और धूप को खींच लेते हैं, जिसकी वजह से असली फसल को पोषण नहीं मिल पाता और पैदावार घटकर आधी रह जाती है. किसान इस बात को अच्छे से जानते हैं कि अगर समय रहते इस जंगली घास का इलाज नहीं निकाला. 

तो सालभर की मेहनत पर पानी फिरते देर नहीं लगती. पारंपरिक तरीकों से निराई-गुड़ाई करने में मजदूरों का खर्चा और समय दोनों बहुत ज्यादा बर्बाद होते हैं, जिससे लागत बढ़ जाती है और मुनाफा हाथ से निकल जाता है. अब वक्त आ गया है कि पुराने ढर्रे को छोड़कर कुछ स्मार्ट और आधुनिक तकनीक अपनाई जाए. जिससे फसल को नुकसान पहुंचाए बिना इन खरपतवारों का पूरी तरह सफाया किया जा सके. चलिए आपको समझाते हैं कि इस समस्या से निपटने के लिए आपको क्या तकनीक अपनानी चाहिए.

मल्चिंग तकनीक से होता है फायदा

खरपतवारों को बढ़ने से रोकने के सबसे बढ़िया तरीकों में से एक है मल्चिंग तकनीक का इस्तेमाल करना. जो आजकल बड़े पैमाने पर किसानों के बीच पॉपुलर हो रही है. इसमें होता यह है कि फसल की कतारों के बीच तो कई फसलों में पूरे खेत की मिट्टी को स्पेशल प्लास्टिक शीट जिसे मल्च फिल्म भी कहते हैं उससे ढक दिया जाता है.  इससे होता क्या है कि जब खेत की मिट्टी पर सूरज की रोशनी यानी धूप पड़ना बंद हो जाती है. तो खरपतवार के बीज अंदर ही दम तोड़ देते हैं और उन्हें उगने का मौका ही नहीं मिलता.

इस तकनीक का सबसे बड़ा फायदा यह होता है कि एक तरफ जहां जंगली घास पूरी तरह दब जाती है. वहीं दूसरी तरफ जमीन के अंदर की नमी भी लंबे समय तक सुरक्षित बनी रहती है. जिससे बार-बार पानी देने की परेशानी से भी छुटकारा मिल जाता है. इसके अलावा फसल की जड़ें एकदम सुरक्षित और साफ-सुथरी रहती हैं. जिससे पौधों की ग्रोथ बहुत तेजी से होता है और आपकी लागत भी काफी हद तक कम हो जाती है.


खेत में खरपतवार से परेशान? अपनाएं ये तकनीक

मल्चिंग के टाइप और सही मोटाई का चुनाव

मल्चिंग तकनीक का पूरा फायदा उठाने के लिए यह जानना बहुत जरूरी है कि खेत में किस तरह की मल्च शीट या सामग्री का इस्तेमाल किया जाना चाहिए. बाजार में अलग-अलग मोटाई और रंगों की प्लास्टिक मल्च फिल्में उपलब्ध होती हैं. जो कि सीजन और फसल के हिसाब से सिलेक्ट की जाती हैं. सर्दियों और गर्मियों के मौसम में ब्लैक एंड व्हाइट मल्च का इस्तेमाल सबसे ज्यादा फायदेमंद माना जाता है. क्योंकि यह जमीन के तापमान को कंट्रोल रखती है.

किसानों को हमेशा इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि मल्च शीट की मोटाई कम से कम 25 से 30 माइक्रोन होनी चाहिए जिससे वह लंबे समय तक टिक सके और फटे नहीं. इसके अलावा जो किसानभाई प्लास्टिक का इस्तेमाल नहीं करना चाहते. वे सूखी पराली, गन्ने की खोई या पुआल की मोटी परत बिछाकर भी नेचुरल मल्चिंग कर सकते हैं. इससे समय के साथ वह कचरा खाद में बदल जाता है और मिट्टी की उपजाऊ शक्ति को और ज्यादा बढ़ा देता है.


खेत में खरपतवार से परेशान? अपनाएं ये तकनीक

यह भी पढ़ें: दिल्ली की किस मंडी में मिलेगा आपकी फसल का सही दाम? समझें हिसाब

खेत में मल्चिंग बिछाने का सही तरीका 

मल्चिंग तकनीक को अपने खेत में लागू करने से पहले जमीन की तैयारी बहुत तरीके से करनी होती है. सबसे पहले खेत की अच्छी तरह जुताई करके उसमें सही मात्रा में खाद और पानी दे दें जिससे नमी अंदर ही लॉक हो जाए. इसके बाद ड्रिप सिंचाई के पाइप बिछाकर उसके ऊपर मल्च शीट को सही तरीके से फैला दिया जाता है और किनारों पर मिट्टी दबा दी जाती है जिससे हवा उसे उड़ा न सके.

तय दूरी पर छोटे छेद करके उसमें पौधे या बीज बो दिए जाते हैं. जिससे सिर्फ मुख्य पौधा ही बाहर निकलता है और बाकी पूरी जमीन ढकी रहती है. इस तकनीक को अपनाने से न सिर्फ खरपतवारों खत्म हो जाती है. बल्कि पैदावार भी एकदम बढ़िया मिलती है और किसानों को बार-बार निराई-गुड़ाई की मेहनत से हमेशा के लिए छुट्टी मिल जाती है.

यह भी पढ़ें: यूपी में इस सर्दी किस फसल का रहेगा दबदबा? अभी से कर लें तैयारी

About the author नीलेश ओझा

नीलेश ओझा पिछले पांच साल से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उनकी लेखन शैली में तथ्यों की सटीकता और इंसानी नजरिए की गहराई दोनों साथ-साथ चलती हैं.पत्रकारिता उनके लिए महज़ खबरें इकट्ठा करने या तेजी से लिखने का काम नहीं है. वह मानते हैं कि हर स्टोरी के पीछे एक सोच होनी चाहिए.  

कुछ ऐसा जो पाठक को सिर्फ जानकारी न दे बल्कि सोचने के लिए भी मजबूर करे. यही वजह है कि उनकी स्टोरीज़ में भाषा साफ़ होती है.लिखने-पढ़ने का शौक बचपन से रहा है. स्कूल की नोटबुक से शुरू हुआ यह सफर धीरे-धीरे पेशेवर लेखन और पत्रकारिता तक पहुंचा. आज भी उनके लिए लेखन सिर्फ पेशा नहीं है यह खुद को समझने और दुनिया से संवाद करने का ज़रिया है.

पत्रकारिता के अलावा वह साहित्य और समकालीन शायरी से भी गहराई से जुड़े हुए हैं. कभी भीड़ में तो कभी अकेले में ख्यालों को शायरी की शक्ल देते रहते हैं. उनका मानना है कि पत्रकारिता का काम सिर्फ घटनाएं गिनाना नहीं है. बल्कि पाठक को उस तस्वीर के उन हिस्सों तक ले जाना है. जो अक्सर नजरों से छूट जाते हैं.

उन्होंने स्पोर्ट्सविकी, क्रिकेट एडिक्टर, इनशॉर्ट्स और जी हिंदुस्तान जैसे प्रमुख प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

धान किसानों को राहत, इन राज्यों में मजबूती से उभर रहा बाजार
धान किसानों को राहत, इन राज्यों में मजबूती से उभर रहा बाजार
गांव में खोलना है जन औषधि केंद्र, कहां करना होगा अप्लाई?
गांव में खोलना है जन औषधि केंद्र, कहां करना होगा अप्लाई?
महाराष्ट्र के किन किसानों को मिलेंगे 5000 रुपये, सीएम ने किया था ऐलान
महाराष्ट्र के किन किसानों को मिलेंगे 5000 रुपये, सीएम ने किया था ऐलान
कम पानी में भी अच्छी उपज! रबी में मूंगफली की इन 5 किस्मों पर करें गौर
कम पानी में भी अच्छी उपज! रबी में मूंगफली की इन 5 किस्मों पर करें गौर
Advertisement

वीडियोज

Mumbai News | Sansani: बॉलीवुड के सितारों पर गैंगस्टर की नजर... मुंबई में खौफ !
Tiger Shroff Firing News: टाइगर श्रॉफ के बिल्कुल सामने थे हमलावर, ताबड़तोड़ फायरिंग, सामने आया VIDEO
Tiger Shroff News: ब्लॉग बनाती रहीं अम्मा.. टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग के दौरान क्या हुआ? बड़ा खुलासा !
Tiger Shroff Firing News: लॉरेंस गैंग के अनिल पंडित ने पोस्ट किया, जांच के लिए 15 टीमें बनाई गई
Sandeep Chaudhary : जनता परेशान...कारोबार का नुकसान...कब समाधान? | Rahul Gandhi | SIR | Neha Bora
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
'बहुत जल्द...', भारत-US ट्रेड डील पर मार्को रुबियो का बड़ा बयान, जयशंकर से मीटिंग
'बहुत जल्द...', भारत-US ट्रेड डील पर मार्को रुबियो का बड़ा बयान, जयशंकर से मीटिंग
कांग्रेस में शामिल हुए जुबिन नौटियाल के पिता, कुमारी शैलजा बोलीं- मन मारकर BJP में गए
कांग्रेस में शामिल हुए जुबिन नौटियाल के पिता, कुमारी शैलजा बोलीं- मन मारकर BJP में गए
रिजीम चेंज पर शशि थरूर का बड़ा बयान, 'भारत न तो फ्रांस है और न...'
रिजीम चेंज पर शशि थरूर का बड़ा बयान, 'भारत न तो फ्रांस है और न...'
जसप्रीत बुमराह को रवि शास्त्री की महत्वपूर्ण सलाह..,, बोले - अगर 2027 वर्ल्ड कप खेलना है...
जसप्रीत बुमराह को रवि शास्त्री की महत्वपूर्ण सलाह..., बोले - अगर 2027 वर्ल्ड कप खेलना है
टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग करने वाले तीनों शूटर कोटा से गिरफ्तार, ट्रेन से जा रहे थे दिल्ली
टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस: कोटा से गिरफ्तार हुए तीनों शूटर, ट्रेन से जा रहे थे दिल्ली
फेसबुक-इंस्टा पर किस तरह की पोस्ट पर बढ़ेगी निगरानी? जानें सरकार की एडवाइजरी
फेसबुक-इंस्टा पर किस तरह की पोस्ट पर बढ़ेगी निगरानी? जानें सरकार की एडवाइजरी
शिवा हत्याकांड: आरोपी श्रद्धा लखनऊ आई और चली गई...पुलिस को भनक तक नहीं?
शिवा हत्याकांड: आरोपी श्रद्धा लखनऊ आई और चली गई...पुलिस को भनक तक नहीं?
मुइज्जू का पाकिस्तान दौरा बढ़ाएगा भारत की चिंता? 11 साल बाद मालदीव के राष्ट्रपति का दौरा
मुइज्जू का पाकिस्तान दौरा बढ़ाएगा भारत की चिंता? 11 साल बाद मालदीव के राष्ट्रपति का दौरा
Embed widget