एक्सप्लोरर

रेगिस्तान के किसान इन नस्ल की गायों पर रखें फोकस, गर्मी में भी नहीं होंगी बीमार

Cow Breeds: रेगिस्तानी इलाकों में गाय पालन करने वाले किसानों के लिए नस्ल का सही चुनाव बहुत जरूरी है. कुछ देसी नस्लें ऐसे मौसम में बेहतर ढंग से रह सकती हैं और सीमित चारे-पानी में भी पाली जाती हैं.

Dairy Farming Tips: राजस्थान जैसे गर्म और सूखे इलाकों में पशुपालन किसानों की कमाई का बड़ा जरिया है. यहां तेज गर्मी, पानी की कमी और चारे की परेशानी पशुओं के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है. ऐसे में अगर आप गाय पालन शुरू करने की सोच रहे हैं तो सबसे जरूरी है नस्ल का चुनाव करना. इन इलाकों के लिए देसी नस्लों को चुनना फायदेमंद हो सकता है, जो लंबे समय से गर्म और मुश्किल मौसम वाले इलाकों में पाली जाती रही हैं.

नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड यानी NDDB के मुताबिक, देसी नस्ल की गायें अपने इलाके के मौसम में आसानी से रह लेती हैं. इनमें गर्मी और यहां की कुछ आम बीमारियों को सहने की क्षमता भी ज्यादा होती है. कम चारा मिलने पर भी ये आसानी से रह सकती हैं. वहीं, विदेशी नस्ल और कई क्रॉस ब्रीड गायों को ज्यादा गर्मी में पालना और संभालना थोड़ा मुश्किल हो सकता है.

राठी गाय से शुरू करें बात

गर्म और सूखे इलाकों में अगर आप गाय पालने की सोच रहा है, तो राठी गाय एक अच्छा ऑप्शन हो सकती है. बीकानेर और श्रीगंगानगर को इस नस्ल का मूल इलाका माना जाता है. यानी राठी गाय ऐसे मौसम में पली-बढ़ी है, जहां तेज गर्मी आम बात है. यह एक अच्छी दूध देने वाली देसी नस्ल है. नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड यानी NDDB भी राठी को देश की प्रमुख दुधारू नस्लों में गिनता है. 

थारपारकर भी गर्मी में साथ निभाती है

अगर बात सबसे गर्म इलाकों की हो, तो थारपारकर गाय का नाम भी सामने आता है. इस नस्ल का मूल इलाका जैसलमेर, बाड़मेर और जोधपुर माना जाता है. मतलब, थारपारकर ऐसे इलाके की गाय है जहां गर्मी के साथ पानी की कमी भी रहती है. ICAR के मुताबिक, यह नस्ल कठिन और गर्म मौसम में भी अच्छी तरह काम कर सकती है.
रेगिस्तान के किसान इन नस्ल की गायों पर रखें फोकस, गर्मी में भी नहीं होंगी बीमार

यह भी पढ़ें: 2 भैंस से शुरू करें डेयरी, सरकार देगी 75% तक अनुदान! ऐसे करें आवेदन

कांकरेज और साहीवाल भी दे सकते हैं विकल्प

गर्मी वाले इलाकों में किसानों के पास सिर्फ राठी और थारपारकर का ही ऑप्शन नहीं है. कांकरेज भी ऐसी देसी नस्ल है, जिसका संबंध गुजरात और राजस्थान से है. यह गाय दूध देने के साथ खेती के काम में भी इस्तेमाल होती है. दूसरी तरफ, साहीवाल देश की प्रमुख दूध देने वाली नस्लों में शामिल है. इसका मूल इलाका पंजाब के साथ राजस्थान का श्रीगंगानगर भी माना जाता है. ICAR के मुताबिक, साहीवाल गाय में ज्यादा गर्मी को सहने की क्षमता भी पाई जाती है. 

नस्ल के साथ देखभाल भी जरूरी

  • गर्मी सहने वाली गाय खरीद लेना ही काफी नहीं है. 
  • तेज धूप और गर्मी से पशु को बचाना भी जरूरी है. 
  • गर्मी ज्यादा पड़ने पर गाय ज्यादा पानी पीती है और चारा कम खाने लगती है. 
  • इसका असर दूध पर भी पड़ सकता है. 
  • इसलिए गाय के लिए छायादार जगह, साफ पानी और भरपूर चारे का इंतजाम रखें. 
  • गर्मी से बचाने के लिए पशु को समय-समय पर पानी से ठंडा करना भी मददगार हो सकता है.

यह भी पढ़ें: गाय-भैंस के थन में दिखें ये बदलाव तो हो जाएं सावधान, घट सकता है दूध

मनस्वी चौहान ने मंदसौर यूनिवर्सिटी से अपनी शैक्षणिक यात्रा शुरू की और वर्तमान में बीए इन जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई कर रही हैं. पत्रकारिता और मीडिया के क्षेत्र में रुचि रखते हुए मनस्वी चौहान वर्तमान में ABP Network में इंटर्नशिप के माध्यम से व्यावहारिक अनुभव प्राप्त कर रही हैं.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

खेत में फसल के दुश्मनों का हमला, लगाएं नीले और पीले कार्ड
खेत में फसल के दुश्मनों का हमला, लगाएं नीले और पीले कार्ड
कैसे करें काले गुड़ के बिजनेस की शुरुआत, किस गन्ने से बनता है यह?
कैसे करें काले गुड़ के बिजनेस की शुरुआत, किस गन्ने से बनता है यह?
ऊपर से हरी दिख रही गेहूं की फसल, फिर क्यों कम हो जाती है पैदावार?
ऊपर से हरी दिख रही गेहूं की फसल, फिर क्यों कम हो जाती है पैदावार?
खेत में ही मिलाएं पराली, अगली फसल की पैदावार बढ़ाने में मिलेगी मदद
खेत में ही मिलाएं पराली, अगली फसल की पैदावार बढ़ाने में मिलेगी मदद
Advertisement

वीडियोज

Mumbai News | Sansani: बॉलीवुड के सितारों पर गैंगस्टर की नजर... मुंबई में खौफ !
Tiger Shroff Firing News: टाइगर श्रॉफ के बिल्कुल सामने थे हमलावर, ताबड़तोड़ फायरिंग, सामने आया VIDEO
Tiger Shroff News: ब्लॉग बनाती रहीं अम्मा.. टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग के दौरान क्या हुआ? बड़ा खुलासा !
Tiger Shroff Firing News: लॉरेंस गैंग के अनिल पंडित ने पोस्ट किया, जांच के लिए 15 टीमें बनाई गई
Sandeep Chaudhary : जनता परेशान...कारोबार का नुकसान...कब समाधान? | Rahul Gandhi | SIR | Neha Bora
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
फ्रांस हिंसक प्रदर्शन: ट्रंप ने इमिग्रेशन को ठहराया जिम्मेदार- 'उनके दिलों में...'
फ्रांस हिंसक प्रदर्शन: ट्रंप ने इमिग्रेशन को ठहराया जिम्मेदार- 'उनके दिलों में...'
बुजुर्ग मुस्लिम महिला का हुआ निधन तो गांव वालों ने रोक दी रामलीला, बिजनौर में एकता की मिसाल
बुजुर्ग मुस्लिम महिला का हुआ निधन तो गांव वालों ने रोक दी रामलीला, बिजनौर में एकता की मिसाल
चेतेश्वर पुजारा ने चुनी NZ टेस्ट सीरीज के लिए बेस्ट प्लेइंग XI; कुलदीप को किया इग्नोर
चेतेश्वर पुजारा ने चुनी NZ टेस्ट सीरीज के लिए बेस्ट प्लेइंग XI; कुलदीप को किया इग्नोर
फायरिंग में टाइगर श्रॉफ को हाथ में लगी चोट, हॉस्पिटल से निकलने की वीडियो आई सामने
फायरिंग में टाइगर श्रॉफ को हाथ में लगी चोट, हॉस्पिटल से निकलने की वीडियो आई सामने
'भारत के लिए रची गई थी बांग्लादेश-फ्रांस जैसी हिंसक साजिश', किरेन रिजिजू का विपक्ष पर बड़ा हमला
'भारत के लिए रची गई थी बांग्लादेश-फ्रांस जैसी हिंसक साजिश', रिजिजू का विपक्ष पर बड़ा हमला
अमित शाह 20 अक्टूबर को जाएंगे पंजाब, नशाखोरी-कानून व्यवस्था पर AAP सरकार पर साधा निशाना
अमित शाह 20 अक्टूबर को जाएंगे पंजाब, नशाखोरी-कानून व्यवस्था पर AAP सरकार पर साधा निशाना
CJP के खिलाफ उतरी ‘लाल हिट जनता पार्टी’, चेतावनी देते हुए कहा- 'दशहरे से...'
CJP के खिलाफ उतरी ‘लाल हिट जनता पार्टी’, चेतावनी देते हुए कहा- 'दशहरे से...'
कैसे करें काले गुड़ के बिजनेस की शुरुआत, किस गन्ने से बनता है यह?
कैसे करें काले गुड़ के बिजनेस की शुरुआत, किस गन्ने से बनता है यह?
Embed widget