एक्सप्लोरर

सरकार के पास स्टॉक में है 2.75 करोड़ टन चीनी... जानिए- शादियों के सीजन में महंगी होगी या सस्ती?

देश में चीनी स्टॉक और प्रॉडक्शन की कोई कमी नहीं है. इस साल 2.75 करोड़ टन घरेलू खपत के लिए देश में चीनी उपलब्ध है. निर्यात के लिए भी 60 लाख टन सीमा तय कर दी गई है

Sugar Export: देश में अनाज भंडारण और उत्पादन की कोई कमी नहीं है. केंद्र सरकार गेहूं, धान, मक्का, बाजरा, दलहन, तिलहन के आंकड़े समय समय पर जारी करती है. केंद्र सरकार के पास अनाज का बंपर बंपर स्टॉक है. वहीं, चीनी उत्पादन और निर्यात में देश ने विश्व में नंबर वन की पॉजीशन हासिल की है.. केंद्र सरकार विदेशों में भेजने के साथ ही घरेलू खपत का भी विशेष तौर पर ध्यान रख रही है. केंद्र सरकार ने आश्वस्त किया है कि चीनी का प्रॉपर स्टॉक है. विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी वस्तु के कम होने पर ही वह महंगी होती है. स्टॉक ठीक है तो चालू सीजन में उसके महंगे होने की संभावना बेहद कम होती है. 

घरेलू खपत के लिए 2.75 करोड़ टन चीनी उपलब्ध
केंद्रीय खाद्य मंत्रालय के अनुसार, देश में गन्ना और चीनी उत्पादन की समीक्षा समय समय पर की जाती है. समीक्षा को और बेहतर करने के लिए निरंतर प्रयास जारी हैं.  वर्ष 2022-23 में घरेलू खपत के लिए चीनी की कोई कमी नहीं होगी. देश में 2.75 करोड़ टन चीनी उपलब्ध है. जबकि 50 लाख टन चीनी एथनॉल बनाने के लिए प्रयोग की जाएगी. 2022-23 में अक्टूबर से महाराष्ट्र और कर्नाटक में चीनी प्रॉडक्शन शुरू कर दिया गया है. उत्तर प्रदेश समेत अन्य राज्यों में इसे एक सप्ताह में शुरू किया जा सकता है. 

60 लाख टन चीनी होगी एक्सपोर्ट
केंद्र सरकार ने चीनी मिलों को संकट से उबारने की कोशिश की है. गन्ना किसानों को जल्द भुगतान करने के लिए चीनी मिलों को निर्देश दिए गए हैं कि चीनी कोटा को जल्द से जल्द एक्सपोर्ट किया जाए. इससे चीनी मिलों की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा. खाद्य मंत्रालय ने वर्ष 2022-23 के दौरान 60 लाख टन चीनी तक क एक्सपोर्ट करने की परमिशन दे दी है.  निर्यात की अनुमति दे दी. खाद्य मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार, मिल मालिकों के पास ऑप्शन होगा कि खुद से या निर्यातकों के माध्यम से घरेलू बिक्री कोटा से बदलकर निर्यात कर सकते हैं. 

3.65 करोड़ टन चीनी उत्पादन का अनुमान
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, चीनी उद्योग संगठन ईस्मा के अनुसार, देश में इस साल 3.65 करोड़ टन चीनी प्रॉडक्शन हो सकता है. खुद या निर्यातकों के माध्यम से विदेशों में चीनी मिलें चीनी बेच सकते हैं. तीन चीनी विपणन सत्रों (मार्केटिंग सेशन) 2019-20, 2020-21 और 2021-22 के चीनी मौसम में तीन साल के चीनी औसत उत्पादन का 18.23 फीसदी का एक समान निर्यात कोटा आवंटित किया गया था. चीनी सीजन अक्टूबर से सितंबर तक होता है. भारत विश्व में चीनी का सबसे बड़ा उत्पादक देश है. निर्यात के मामले में यह ब्राजील के बाद दूसरे नंबर पर है. ब्रोजील में इस साल चीनी प्रॉडक्शन कम हो रहा है, इसलिए भारत से वैश्विक स्तर पर चीनी की मांग बढ़ गई है. घरेलू खपत पर भी फर्क न पड़े इसी कारण केंद्र सरकार ने घरेलू खपत और निर्यात का कोटा तय कर दिया गया है.

Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. किसान भाई, किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

यह भी पढ़ें-  Sugarcane Farming: भारी-भरकम खर्च की चिंता खत्म! इन 5 योजनाओं का तुरंत लाभ लें गन्ना किसान, मिलेंगे तमाम फायदे

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

घर के आंगन में उगाएं मोरिंगा, न्यूट्रिशन से भरपूर है यह पौधा, जान लें पूरी प्रोसेस
घर के आंगन में उगाएं मोरिंगा, न्यूट्रिशन से भरपूर है यह पौधा, जान लें पूरी प्रोसेस
ढूंढने से भी नहीं मिलेगा एक भी खरपतवार, धान की बुवाई के 10 दिन बाद करें इस सस्ती दवा का छिड़काव
ढूंढने से भी नहीं मिलेगा एक भी खरपतवार, धान की बुवाई के 10 दिन बाद करें इस सस्ती दवा का छिड़काव
किस सीजन में कर सकते हैं कीवी की खेती, लाखों रुपये की होगी इनकम
किस सीजन में कर सकते हैं कीवी की खेती, लाखों रुपये की होगी इनकम
इस राज्य में बदल गए फसल ऋण योजना के नियम, अब 3 लाख तक पर नहीं देना होगा ब्याज
इस राज्य में बदल गए फसल ऋण योजना के नियम, अब 3 लाख तक पर नहीं देना होगा ब्याज

वीडियोज

Delhi की नई EV Policy 2026 लागू! अब Petrol Bike और Auto होंगे बंद? #autolive
Bollywood News: 'बॉर्डर' के बाद सनी देओल और अक्षय खन्ना स्क्रीन पर आमने-सामने हैं
कुदरत का डबल अटैक! Venezuela में भूकंप के बाद बाढ़ | Climate Crisis | Latest News
Farah Khan ने बताया क्यों Bigg Boss होस्ट करना था आसान, Lock Upp पर भी कही बड़ी बात
‘Ab Hoga Hisaab’ की स्टारकास्ट ने खोले कई राज, Sanjay Kapoor, Mouni Roy और Shaheer Sheikh की Interesting बातचीत

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
Operation Sindoor: '1000 पाकिस्तानी ड्रोन ने सिखाया सबक... जाते-जाते जनरल द्विवेदी ने बदल दी भारतीय सेना की पूरी War Strategy'
'1000 पाक ड्रोन ने सिखाया सबक... जाते-जाते जनरल द्विवेदी ने बदल दी भारतीय सेना की War Strategy'
शियाओं के खिलाफ गुस्सा, पत्नी से जुदाई और सालभर इंतजार... मुहर्रम पर फैयाज ने क्यों बांटे जहरीले कैप्सूल?
शियाओं के खिलाफ गुस्सा, पत्नी से जुदाई और सालभर इंतजार... मुहर्रम पर फैयाज ने क्यों बांटे जहरीले कैप्सूल?
हार्दिक पांड्या का बड़ा कदम, मुंबई छोड़ हमेशा के लिए बेंगलुरु हुए शिफ्ट; चौंका देगी वजह 
हार्दिक पांड्या का बड़ा कदम, मुंबई छोड़ हमेशा के लिए बेंगलुरु हुए शिफ्ट; चौंका देगी वजह 
Monday BO Collection: मंडे टेस्ट में 'वेलकम टू द जंगल' ने किया टॉप, 'कॉकटेल 2' ने भी दिखाया जोर, जानें- बाक्स ऑफिस रिपोर्ट
मंडे टेस्ट में 'वेलकम टू द जंगल' ने किया टॉप, 'कॉकटेल 2' ने भी दिखाया जोर, जानें- बाक्स ऑफिस रिपोर्ट
Monsoon Update: आ गई गुड न्यूज, अगले 72 घंटे में बदल जाएगा मौसम, मॉनसून करेगा दिल्ली-यूपी समेत नॉर्थ इंडिया में बारिश
आ गई गुड न्यूज, अगले 72 घंटे में बदल जाएगा मौसम, मॉनसून करेगा दिल्ली-यूपी समेत नॉर्थ इंडिया में बारिश
राम मंदिर चढ़ावा चोरी: अरविंद केजरीवाल का जिक्र कर कांग्रेस ने कह दी ऐसी बात, BJP को घेरा
राम मंदिर चढ़ावा चोरी: अरविंद केजरीवाल का जिक्र कर कांग्रेस ने कह दी ऐसी बात, BJP को घेरा
Explained: जस्टिस एस मुरलीधरन कौन हैं? भारत में समलैंगिकता को अपराधमुक्त करने से लेकर गाजा तक... क्या-क्या कमाल किए?
जस्टिस एस मुरलीधरन कौन हैं? भारत में समलैंगिकता को अपराधमुक्त करने से लेकर गाजा तक बड़े कमाल
कल से बदलने वाली हैं ये पांच चीजें, करोड़ों लोगों की जेब के ऊपर होगा सीधा असर
कल से बदलने वाली हैं ये पांच चीजें, करोड़ों लोगों की जेब के ऊपर होगा सीधा असर
Embed widget