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187 करोड़ के घटिया स्कूल बैग!..देश के भविष्य के साथ खिलवाड़ आखिर कब तक ?
सरकारी स्कूल की हालत बदलने के और वहां बेहतर पढ़ाई के बड़े-बड़े दावे तो आपने सुने होंगे और हकीकत भी देखी होगी. ये सिलसिला योगी सरकार में भी जारी है. शिक्षा के लिए बजट बढ़ गया, लेकिन घोटालेबाजों की नीयत अभी वैसी की वैसी है. दीमक की तरह ये घोटालेबाज जड़ें खोखली करने में लगे हैं. कुछ दिन पहले सरकारी स्कूलों में करीब एक करोड़ 65 लाख छात्रों को फ्री स्कूल बैंग बांटे गए. बेसिक शिक्षा विभाग ने शिक्षा के लिए करीब 187 करोड़ रुपये का बजट रखा था, लेकिन जब एबीपी गंगा की टीम ने मौके पर पहुंचकर देखा तो हैरान रह गए कि जुलाई में जो बैग बांटे गए वो अब फट चुके हैं. कुछ छात्रों को बैग मिले ही नहीं, कुछ छात्र फटे बैगों को सिलकर स्कूल आ रहे हैं. इतना तो तब है जब बैग सप्लाई करने वाली फर्मों के साथ जो एग्रीमेंट हुआ उसमे साफ लिखा है कि इनकी 12 महीने की वारंटी है। इसके अनुसार अगर बैग खराब होते हैं तो BSA संबंधित फर्म को नोटिस देकर जानकारी देंगे, लेकिन फिर भी सवाल आज भी वही बरकरार हैं. जैसी ये हालत है कि शिक्षा की रकम को कौन डकार रहा है. क्या सिर्फ दिखावे और वाहवाही के लिए स्कूल बैग दिए गए थे. सवाल तो ये भी है कि 187 करोड़ खर्च करके भी तस्वीर ना बदले तो हालात कैसे बदलेंगे. हालात नहीं बदले तो शिक्षा कैसे बदलेगी. जब बच्चे पढ़ेंगे नहीं तो देश आगे कैसे बढ़ेगा. सवाल ये भी है कि ऐसे कैसे बच्चे और उनके मां-बाप प्राइवेट स्कूल को छोड़ सरकारी स्कूल का रुख करेंगे।
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