एक्सप्लोरर
ये है भीड़ का इंसाफ !
क्या भीड़ के पास इंसाफ करने का लाइसेंस है...क्या गुनहगार को पब्लिक ही सजा देगी...तो कानून का क्या...ये सवाल जानना बेहद जरूरी हैं...क्योंकि फिरोजाबाद की तस्वीरों ने इन सवालों को खड़ा किया है...जहां चोरी के आरोपी को बेरहमी से पीट पीटकर अधमरा कर दिया...आखिर क्यों भीड़ ये भूल जाती है कि उससे ऊपर कानून के रखवाले भी हैं...जिनका काम है आरोपी को उसकी सही जगह पहुंचाना...
और देखें

आचार्य पवन त्रिपाठीकोषाध्यक्ष , श्री सिद्धिविनायक मंदिर , मुंबई
Opinion



























