भविष्य को लेकर अज्ञात भय पैदा न करें। जो भी हो रहा है उसे ईश्वर पर छोड़ दें। आज सावधान रहें चोट पर चोट लग सकती है। यह चोट शारीरिक व भावनात्मक दोनों ही हो सकती है।