Yogi Kathmulla Statement: जो उर्दू पढ़ेगा 'कठमुल्ला' हो जाएगा? | CM Yogi | Asaduddin Owaisi | ABP News
Hindi News: आज महादंगल में दो विषयों पर महामंथन...उन दोनों मुद्दों के बारे में आपको बता दें....योगी आदित्यनाथ के कठमुल्ला वाले बयान पर महासंग्राम छिड़ा है...पहले हिस्से में हम उस पर बात करेंगे और महादंगल के दूसरे हिस्से में हम नाम बदलने वाली सियासत पर चर्चा करेंगे...पूछेंगे कि आखिर नाम क्या रखा है...अभी दिल्ली में तीन जगहों के नाम बदलने की मांग उठी है...पहले बात योगी आदित्यनाथ के कठमुल्ला वाले बयान पर सुलग रही सियासत की करेंगे...योगी आदित्यनाथ ने 18 फरवरी और 24 फरवरी को यूपी विधानसभा में कठमुल्ला वाला बयान दिया था...उन्होंने उन्होंने कहा था कि ऊर्दू की वकालत करने वाले खुद अपने बच्चों को इंग्लिश स्कूल में पढ़ाते हैं और दूसरे के बच्चों को उर्दू पढ़ाने की नसीहत देते हैं...उन्होंने कहा था कि वो मुल्ला मौलवी नहीं बच्चों को वैज्ञानिक बनाना चाहते हैं...और ये कठमुल्लापन वाली ये संस्कृति देश में नहीं चलेगी...योगी के इस बयान के पीछे यूपी विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय की उर्दू को लेकर उठाई गई मांग है...माता प्रसाद पाण्डेय ने फ्लोर लैंग्वेज में अंग्रेजी की जगह उर्दू को रखने की मांग की थी...उन्होंने कहा था मुंशी प्रेमचंद भी उर्दू में लिखते थे और प्रदेश में ऊर्दू के विभाग भी हैं..तो क्या उन पर भी आपत्ति है......इसी पर योगी ने दोबारा भी कठमुल्ला वाला बयान दिया था...उन्होने कहा था उर्दू पढ़ाकर मौलाना मुल्ला नहीं बल्कि हम बच्चों को वैज्ञानिक बनाना चाहते हैं...उसके बाद कठमुल्ला शब्द को लेकर खूब सियासी बयानबाजियां हुई थीं..लेकिन आज AIMIM के मुखिया असदुद्दीन ओवैसी ने भी योगी के बयान पर उनको घेरा...उन्होंने पूछा योगी आदित्यनाथ ने उर्दू नहीं पढ़ी तो क्या वो वैज्ञानिक बन गए...उसके बाद से एक बार फिर कठमुल्ला शब्द और उर्दू भाषा को लेकर चर्चा शुरू हो गई है...सवाल ये उठता है कि क्या उर्दू पढ़ने से कोई कठमुल्ला बन जाएगा...सवाल ये भी है कि क्या भाषा का विरोध होना चाहिए...देश में करीब 5 करोड़ लोग उर्दू बोलते हैं...जबकि हिंदू बोलने वालों के संबोधन उर्दू की अच्छी खासी दखल है...जबकि मोटे तौर पर अंग्रेजी बोलने वाले करीब ढाई लाख लोग ही हैं...बाकी ज्यादातर लोग अपनी मातृ भाषा के साथ इंग्लिश का प्रयोग करते हैं....
























