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सेब का बागान... 'कश्मीरियत' लहूलुहान ! बागान से मजदूरों को भगाया, फिर की फायरिंग
2024 तैयारी शुरू देख रहे हैं आप, मैं रोमाना ईसार खान...अभी 5 अगस्त को ही कश्मीर में 370 के खात्मे की तीसरी सालगिरह थी. उस ऐतिहासिक फैसले की गूंज 2024 के चुनाव में भी सुनाई देगी...लेकिन कश्मीरी पंडितों के हालात में बदलाव अभी भी एक सपना ही है. उनके सामने वही फिक्र मुंहबाए खड़ी है जोकि 90 के दशक में थी। जान-माल की फिक्र। आज फिर कश्मीरी पंडित अपनी ही सरज़मीं पर आतंकियों का निशाना बने...इस बार तो सेब के बागान में कश्मीरियत लहूलुहान हुई है...आतंकियों ने पहले नाम पूछा और फिर AK-47 से हमला कर दिया। आखिर 'कश्मीरियत' का कत्ल करती ये टारगेट किलिंग कब रुकेगी?
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