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आजादी के नारे Vs आजादी के रखवाले...अपनी आंखों से फर्क देखिए ! | Master Stroke
सियाचिन के माइनस 30 डिग्री के तापमान में अपने सैनिकों के संघर्ष को देखते हुए एक बार फिर इस सच्चाई का अहसास हुआ कि हमारे सैनिक हैं, इसलिए हम हैं. इन सैनिकों की उंगली ट्रिगर पर है, इसलिए हम खुली हवा में सांस लेते हैं. ये सैनिक माइनस 30 से 50 डिग्री तापमान में अपनी हड्डियां गलाते हैं, इसलिए हमें त्योहार मनाने की या नया साल मनाने की सहूलियत मिलती है.
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