Shastrartha With Chitra Tripathi: धर्म युद्ध या सियासत? शास्त्रार्थ में तीखी बहस | Bengal Election
पश्चिम बंगाल चुनाव के बाद सियासी माहौल गरम है और अब सवाल उठ रहा है—क्या राजनीति में धर्म का इस्तेमाल सिर्फ एक रणनीति बनकर रह गया है? महाभारत के भीष्म पर्व के श्लोक “यतो धर्मस्ततो जयः” के संदर्भ में आज की राजनीति को समझने की कोशिश। चुनाव प्रचार के दौरान जय श्री राम, जय मां काली और जय बांग्ला जैसे नारों की गूंज से लेकर मंदिर-मठ के दौरों तक—क्या धर्म बना सियासत का सबसे बड़ा हथियार? एक तरफ नरेंद्र मोदी के धार्मिक स्थल दौरे, तो दूसरी ओर ममता बनर्जी की रणनीति—क्या ये सब चुनावी गणित का हिस्सा है? इस बीच दक्षिण 24 परगना के फाल्टा में हिंसा और आरोप-प्रत्यारोप ने माहौल को और तनावपूर्ण बना दिया है। क्या वोट के आधार पर लोगों को निशाना बनाया जा रहा है? क्या लोकतंत्र में डर और धमकी की जगह बनती जा रही है? पश्चिम बंगाल चुनाव के बाद सियासी माहौल गरम है और अब सवाल उठ रहा है—क्या राजनीति में धर्म का इस्तेमाल सिर्फ एक रणनीति बनकर रह गया है? महाभारत के भीष्म पर्व के श्लोक “यतो धर्मस्ततो जयः” के संदर्भ में आज की राजनीति को समझने की कोशिश। चुनाव प्रचार के दौरान जय श्री राम, जय मां काली और जय बांग्ला जैसे नारों की गूंज से लेकर मंदिर-मठ के दौरों तक—क्या धर्म बना सियासत का सबसे बड़ा हथियार? एक तरफ नरेंद्र मोदी के धार्मिक स्थल दौरे, तो दूसरी ओर ममता बनर्जी की रणनीति—क्या ये सब चुनावी गणित का हिस्सा है? इस बीच दक्षिण 24 परगना के फाल्टा में हिंसा और आरोप-प्रत्यारोप ने माहौल को और तनावपूर्ण बना दिया है। क्या वोट के आधार पर लोगों को निशाना बनाया जा रहा है? क्या लोकतंत्र में डर और धमकी की जगह बनती जा रही है?


























