बिहार चुनाव को देखते हुए हो रही है राजनीति. आदित्य ठाकरे के इस केस से कोई लेना देना नहीं। केवल उसे परेशान करने और महाराष्ट्र का नुक़सान करने के लिए किया जा रहा है प्रचार। हिम्मत है तो खुलकर बोले।