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Taliban के डर से 2016 में जिंदा रहने के लिए भारत आए निसार अहमद शेरजई ने सुनाई आपबीती
तालिबान के डर से 2016 में जिंदा रहने के लिए हिंदुस्तान आए निसार अहमद शेरजई से खास बातचीत. 2016 में तालिबान के डर का ऐसा माहौल था, जबकि तब उसके पास सिर्फ़ चौथाई एरिया था, अभी पूरा अफगानिस्तान तालीबान के नेटवर्क में आ गया है, अंदाजा लगाइये की अभी डर का कैसा माहौल होगा.
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रुमान हाशमी, वरिष्ठ पत्रकार
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