Deepfake पर लगाम कसने की तैयारी में मोदी सरकार, लाएगी बिल, पर कांग्रेस कर रही विरोध
डीपफेक दो चीजों से मिलकर बना है. डीप का मतलब डीप लर्निंग. फेक इसलिए जोड़ा गया क्योंकि इसका बनाया गया कंटेंट असली नहीं, बल्कि फेक होता है. इसलिए इसे डीपफेक बोला जाता है. वीडियो में किसी एक व्यक्ति का चेहरा दूसरे पर लगा देना, ये डीपफेक टेक्नोलॉजी की वजह से पॉसिबल हो पाता है. हालांकि ये काम ट्रेडिशनल VFX से भी किया जा सकता है. लेकिन एक चीज की कमी रहती है- इमोशनल. डीपफेक इमोशन भी कैप्चर कर लेता है. इमोशन ऐसी चीज है जो AI एलगोरिथ्म ही कैप्चर कर पाता है यही इसकी खासियत है. फिर बाद में इसमें वॉइस क्लोनिंग भी जुड़ गया और फिर एआई की अपनी आवाज भी इसमें शामिल हो गई. यानी कि हुबहु असली दिखने वाला वीडिया बन जाता है.






























