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Cartosat-3: एक बार फिर इतिहास रचने को तैयार ISRO, जानिए कार्टोसैट-3 क्यों है खास ?
एक बार फिर इतिहास रचने को तैयार है इसरो. इसरो नौ बजकर 28 मिनट पर इसरो पीएसएलवी सी47 रॉकेट से कार्टोसैट -3 सैटेलाइट को अंतरिक्ष में प्रक्षेपित करेगा. इस मिशन में कार्टोसैट के अलावा अमेरिका के 13 नैनो सैटेलाइट को भी अंतरिक्ष में स्थापित किया जाएगा. चंद्रयान 2 मिशन के बाद इसरो का ये सबसे बड़ा मिशन है. सोलह सौ पच्चीस किलोग्राम वजनी कार्टोसैट-थ्री बेहद ताकतवर सैटेलाइट है जिससे सरहद और सरहद के पार दुश्मन की हर हरकत पर नजर रखी जा सकेगी . इस सैटेलाइट में लगा कैमरा इतना ताकतवर है कि धरती से 509 किलोमीटर ऊफर से भी आपकी घड़ी का टाइम बता सकता है.
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