Xi Jinping North Korea visit 2026: किम जोंग उन पर शी जिनपिंग ने क्यों डाले डोरे? ABPLIVE
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग सोमवार को दो दिवसीय ऐतिहासिक दौरे पर प्योंगयांग पहुंचे, जो लगभग सात वर्षों में उनका उत्तर कोरिया का पहला दौरा है। 8-9 जून का यह state visit, उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन के निमंत्रण पर हो रहा है और बदलते East Asia के geopolitical dynamics के बीच इसे बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। टाइमिंग: सैन्य और कूटनीतिक घटनाक्रम यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब कुछ ही दिन पहले उत्तर कोरिया ने nuclear bomb components बनाने वाली एक नई facility का अनावरण किया था। किम जोंग उन ने अपने atomic arsenal को “exponential” स्तर तक बढ़ाने की बात कही थी। analysts का मानना है कि किम ने जानबूझकर इस nuclear production infrastructure को दिखाया, ताकि शी जिनपिंग से मुलाकात से पहले अपनी nuclear power status को मजबूत किया जा सके। यह timing इसलिए भी अहम है क्योंकि शी जिनपिंग ने हाल ही में बीजिंग में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन से मुलाकात की थी। इस पूरी sequence को रणनीतिक माना जा रहा है, जहां बीजिंग उत्तर कोरिया और रूस के बढ़ते संबंधों को लेकर सतर्क है और प्योंगयांग पर अपना प्रभाव बनाए रखना चाहता है। चीन की रणनीतिक सोच बीजिंग का मुख्य उद्देश्य साफ है—उत्तर कोरिया को मॉस्को की ओर ज्यादा झुकने से रोकना। सियोल स्थित पत्रकार ली सांग योंग के अनुसार, “चीन अपनी authority को reaffirm करना चाहता है और यह सुनिश्चित करना चाहता है कि प्योंगयांग रूस की तरफ अत्यधिक न झुके।” चीन, उत्तर कोरिया का सबसे बड़ा trading partner और एक अहम political ally है। दोनों देशों के बीच करीब 1,400 किलोमीटर लंबी सीमा है और एक formal defense treaty भी है, जो इस साल अपनी 65वीं वर्षगांठ मना रही है। इस treaty के तहत किसी भी हमले की स्थिति में mutual assistance का प्रावधान है।

























