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स्वतंत्रता दिवस पर सेनानी मान सिंह ने लीं अंतिम सांसें, गार्ड ऑफ ऑनर के साथ दी गई विदाई
Written By : एबीपी न्यूज | Updated at : 16 Aug 2018 09:27 AM (IST)
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आजादी के लिए अपना जीवन न्योछावर करने वाले स्वतंत्रता संग्राम सेनानी मान सिंह को मानो जैसे 15 अगस्त के दिन का इंतजार था. जैसे ही लाल किले पर झंडा फैराया गया स्वतंत्रता दिवस के इस पावन अवसर पर उन्होंने अंतिम सांस ली. स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के निधन के बाद उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर देकर उनका अंतिम संस्कार किया गया.
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स्वतंत्रता सेनानी के बड़े बेटे समशेर ने बताया कि काफी समय से पिता जी तबीयत ख़राब थी. उनका उपचार कराया जा रहा था लेकिन किसी प्रकार का सुधार नहीं हो रहा था उनके निधन की जानकारी पुलिस और जिला प्रशासन को दी गयी. इसके बाद पूरे सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया.
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गांव समेत आसपास के ग्रामीणों में उनके आजादी के किस्से मशहूर थे. जानकारी के मुताबिक अंग्रेजो के खिलाफ फूलबाग़ मैदान में धरने पर बैठे थे. लगातार धरना प्रदर्शन करने वालों की संख्या में इजाफा होता जा रहा था. धरना स्थल पर बढ़ती हुई संख्या की जानकारी जब कानपुर कोतवाली को मिली तो वहा से अंग्रेजों ने भारी संख्या में पुलिस भेजी. पुलिस ने बिना कुछ कहे लाठी और कोड़े बरसना शुरू कर दिया. लेकिन आजादी के दीवाने ''अंग्रेजों भारत छोड़ो'' के नारे लगाते रहे.
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स्वतंत्रता सेनानी मान सिंह के निधन की खबर जैसे ही ग्रामीणों को लगी पूरे जनपद में शोक की लहर दौड़ गई. आसपास के दर्जनों गांव के ग्रामीण उनके अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे. मान सिंह के शव को तिरंगे में लपेट कर गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया. इसके बाद उनकी शव यात्रा निकाली गई जिसमें हजारों ग्रामीणों ने आजादी के इस सिपाही को अंतिम सलामी दी.
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मान सिंह के तीन बेटे थे शमशेर, कृष्ण कुमार और धर्म पाल, उनके मंझले बेटे कृष्ण कुमार का निधन हो गया था. बेटे के निधन के बाद से ही उनकी तबियत खराब हो गई थी और इसके बाद वो उबर नहीं पाए. मान सिंह आजादी के आन्दोलन में कानपुर जिला कारागार में 1939 में बंद हुए और 1941 में जेल से बाहर आए थे. इसके बाद भारत छोड़ो आन्दोलन में जेल गए और इसके अलावा अलग-अलग जनपदों में दो बार जेल काट चुके थे. कानपुर मंडल के बड़े-बड़े क्रांतिकारी मान सिंह के संपर्क में थे. गणेश शंकर विद्यार्थी से भी मान सिंह को बहुत कुछ सीखने को मिला था.
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कानपुर के घाटमपुर थाना क्षेत्र के बीरसिंह पुरवा गांव में रहने वाले मान सिंह ने 105 साल की उम्र में अंतिम सांस ली.मान सिंह बीते कई महीनों से बीमार चल रहे थे. वो उम्र के इस पड़ाव पर आ गए थे कि उनके शरीर पर दवाओं ने भी असर करना छोड़ दिया था. बुधवार की सुबह स्वतंत्रता दिवस के पर्व पर उनका निधन हो गया.
Published at : 16 Aug 2018 07:39 AM (IST)
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