इस देश में सोने से भी महंगे हुए दूध-ब्रेड और अंडों के दाम, यहां इतना सस्ता मिल जाता है गोल्ड
Venezuela Gold Price: भारत में सोना खरीदना अब आम नहीं रहा तो वहीं दक्षिण अमेरिका के वेनेजुएला में 24 कैरेट सोना इतनी सस्ती दर पर बिक रहा है कि यह रोजमर्रा की चीजों जैसे दूध और ब्रेड से भी सस्ता है.

Venezuela Gold Price is Cheaper than Bread-Milk: भारत में सोने-चांदी के रेट दिन पर दिन बढ़ते जा रहे हैं. आम आदमी के लिए आज सोना खरीदना आसान नहीं रहा है. लेकिन सोचिए, अगर सोना दूध-ब्रेड जैसी रोजमर्रा की चीजों से भी सस्ता बिके तो क्या होगा? दक्षिण अमेरिका के वेनेजुएला में यही हाल है, वहां सोने की कीमत इतनी कम है कि यह आम रोजमर्रा की वस्तुओं से भी सस्ता हो गया है. यह बात सुनकर हर कोई हैरान रह जाएगा.
वेनेजुएला में 24 कैरेट सोने की कीमत 2026 की शुरुआत में बेहद कम हो गई है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, वहां 24 कैरेट सोने की कीमत भारतीय रुपये में लगभग 181 से 200 रुपये प्रति ग्राम के आसपास है. इसका मतलब है कि आप 10 ग्राम सोना 2000 रुपये से भी कम में खरीद सकते हैं. इस कीमत की तुलना में भारत में 24 कैरेट सोना लगभग 13,800 रुपये प्रति ग्राम के स्तर पर बिक रहा है. इस अंतर से वेनेजुएला की बिखरती आर्थिक स्थिति और मुद्रा की गिरावट का पता चलता है.
रोजमर्रा की चीजें सोने से भी महंगी
हालांकि सोना सस्ता है, आम लोगों के लिए रोजमर्रा की चीजें खरीदना बेहद मुश्किल है. रिपोर्ट के मुताबिक, वेनेजुएला में
- 1 लीटर दूध की कीमत लगभग 175 रुपये है.
- ब्रेड का एक पैकेट लगभग 170 रुपये में बिक रहा है.
- एक दर्जन अंडे के लिए लगभग 233 रुपये खर्च करने पड़ते हैं.
इससे यह पता चलता है कि सोने की कीमत इतनी कम होने के बावजूद, आम नागरिकों की जिंदगी आसान नहीं हुई है.
वेनेजुएला में सोना सस्ता क्यों है?
वेनेजुएला में सोने का इतना सस्ता होना अमीरी का संकेत नहीं है. इसका कारण है देश की मुद्रा बोलिवर का ऐतिहासिक स्तर तक गिर जाना. भयंकर महंगाई और आर्थिक बदहाली के चलते वहां की करेंसी लगभग बेकार हो चुकी है. वेनजुएला दुनिया के सबसे बड़े कच्चे तेल भंडारों में से एक है और यहां ओरिनोको माइनिंग आर्क इलाके में 8,000 टन सोने होने का अनुमान है, लेकिन करप्शन और खराब मैनेजमेंट ने इस समृद्ध देश को कंगाली की कगार पर ला खड़ा किया है.
गोल्ड रिजर्व से कर्ज चुकाया
रिपोर्ट्स के मुताबिक, राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने अपने कार्यकाल में कर्ज चुकाने के लिए देश का बड़ा गोल्ड रिजर्व विदेश भेजा था. 2013 से 2016 के बीच लगभग 113 मीट्रिक टन सोना स्विट्जरलैंड भेजा गया. भले ही सोना कौड़ियों के भाव में बिक रहा हो, लेकिन आम नागरिकों के लिए दो वक्त की रोटी जुटाना भी मुश्किल है. खाद्य सामग्री की कमी और घटती बाइंग कैपेसिटी ने आम लोगों की जिंदगी मुश्किल बना दी है.
Source: IOCL



























