EPF Claim: मरने के बाद EPF वाली रकम का क्या होगा, कौन कब कर सकता है क्लेम? जानें पूरा प्रोसेस
EPF Claim Process: EPF को लेकर एक बड़ा कंफ्यूजन लोगों के अंदर था, अब हाल ही में ऑर्गेनाइजेशन ने इसे क्लियर कर दिया है कि कर्मचारी की मृत्यु के बाद ईपीएफ के लिए परिवार कैसे क्लेम कर सकता है.

EPFO यानी कर्मचारी भविष्य निधि संगठन, की तरफ से हाल ही में लोगों के मन में उठ रहे एक सवाल का जवाब दिया गया है. कई लोगों के मन में सवाल था कि किसी कर्मचारी के निधन के बाद उसके EPF क पैसे का क्या होगा? वो परिवार तक कैसे पहुंचेगा? कैसे क्लेम किया जाएगा? यदि आपके मन में भी अब तक ये सवाल घूम रहे हैं तो अब चिंता करने की जरूरत नहीं है. ऑर्गेनाइजेशन की तरफ से खुद ही इस पर एक सटीक जवाब सामने आ गया है.
EPFO ने दी जानकारी
हाल ही में EPFO के आधिकारकि X (ट्विटर) हैंडल से एक पोस्ट शेयर किया गया है, इस पोस्ट में बताया गया है कि यदि कर्मचारी का निधन हो जाए तो उसके PF को कैसे परिवार क्लेम कर सकता है. इस पोस्ट में संगठन की तरफ से लिखा गया कि, 'आओ समझें इनऑपरेटिव ईपीएफ अकाउंट: अगर किसी ईपीएफ सदस्य का सर्विस के दौरान निधन हो जाता है, तो ईपीएफ अकाउंट मृत्यु की तारीख से 3 साल बाद इनऑपरेटिव हो जाता है. परिवार के सदस्यों या कानूनी वारिसों को सलाह दी जाती है कि वे ब्याज के नुकसान से बचने के लिए समय पर ईपीएफ क्लेम फाइल करें'.
Let’s Decode Inoperative EPF Accounts If a member passes away while in service, the EPF account becomes inoperative after 3 years from the date of death. Family members/legal heirs should file the claim in time to avoid loss of interest. #EPFO #EPFOWithYou #HumHainNa… pic.twitter.com/rA2PT7LkzV
— EPFO (@officialepfo) April 12, 2026
इसका मतलब है कि किसी भी कर्मचारी के निधन के बाद या रिटायर होने के बाद EPF अकाउंट में 3 साल तक ब्याज आता रहेगा. लेकिन उसके बाद ये खाता निष्क्रिय हो जाएगा. इससे कर्मचारी या उनके परिवार के सदस्यों का बड़ा भारी नुकसान हो सकता है. ऐसे में इस गलती को करने से बचें और तत्काल प्रभाव से ही EPF क्लेम कर लें.
किस फॉर्म की होगी क्लेम के समय जरूरत?
यदि आपके घर या परिवार के सदस्य भी EPF कटता था, और उनके निधन के बाद आप क्लेम करना चाहते हैं, तो आइये बताते हैं उसके लिए आपको किस फॉर्म की जरूरत होगी और किस तरह क्सेम कर पाएंगे?
- सर्विस में रहते हुए मौत हो जाए तब
अगर सर्विस में रहने के दौरान किसी EPF सदस्य की मौत हो जाती है, तो नॉमिनी, लाभार्थी या लीगल वारिस फॉर्म 20 के जरिए ईपीएफ क्लेम कर सकता है. इसके अलावा मासिक पेंशन के लिए फॉर्म 10D और EDLI बीमा के लिए फॉर्म 5IF की मदद से आवेदन कर सकते हैं. ये नियम 58 साल से पहले या बाद में मृत्यु होने पर भी लागू होता है. इस बात का ध्यान रखना होगा कि सदस्य ने साल की सेवा पूरी कर ली हो. - 10 साल सर्विस ना की है तब...
अगर किसी ईपीएफ सदस्य की सर्विस में रहते हुए मौत हो जाती है और उसने 10 साल की पात्र सेवा पूरी नहीं की है, तो फॉर्म 20 और फॉर्म F जमा करना जरूरी होता है. लेकिन पेंशन निकालने के लिए कम्पोजिशन क्लेम फॉर्म (आधार या बिना-आधार) के जरिए दावा किया जाता है. - सर्विस में ना रहते हुए
अगर किसी ईपीएफ सदस्य की 58 साल पहले या बाद में मौत हो जाती है, लेकिन सर्विस में नहीं था, तो नॉमिनी, लाभार्थी या लीगल वारिस फॉर्म 20 के जरिए पीएफ क्लेम कर सकता है और फॉर्म 10D के जरिए पेंशन के लिए आवेदन कर सकता है.
Source: IOCL


























