एक्सप्लोरर

प्लॉट के लिए 20 साल तक भटकाया, अब बिल्डर देगा 38 लाख

20 साल तक प्लॉट का कब्जा नहीं मिलने पर उपभोक्ता आयोग ने डेवलपर को 37.76 लाख रुपये 6 प्रतिशत ब्याज के साथ लौटाने का आदेश दिया. साथ ही मानसिक परेशानी और कानूनी खर्च के लिए 1 लाख रुपये भी देने होंगे.

करीब दो दशक पहले एक व्यक्ति ने घर बनाने की उम्मीद में प्लॉट के लिए लाखों रुपये जमा किए थे. समय बीतता गया, लेकिन जिस जमीन का आवंटन किया गया था, उसका कब्जा खरीदार को नहीं मिल सका.

बार-बार संपर्क करने और कानूनी नोटिस देने के बावजूद मामला आगे नहीं बढ़ा. आखिरकार उपभोक्ता आयोग ने इस मामले में खरीदार के पक्ष में फैसला सुनाते हुए पूरी रकम ब्याज के साथ लौटाने का आदेश दिया है.

क्या है पूरा मामला?

मामला हरियाणा के सोनीपथ स्थित कुंडली में 350 वर्ग गज के आवासीय प्लॉट से जुड़ा है. शिकायतकर्ता रणबीर सिंह ने फरवरी 2006 में प्लॉट के लिए आवेदन किया था. इसके बाद 8 जुलाई साल 2006 को उन्हें आवंटन पत्र जारी किया गया. प्लॉट की मूल कीमत करीब 35.49 लाख रुपये तय की गई थी, जबकि अलग-अलग शुल्क समेत खरीदार ने कुल 37,76,700 रुपये जमा किए. इसके बावजूद उन्हें जमीन का कब्जा नहीं सौंपा गया

कब्जे के लिए लगातार करता रहा संपर्क

रणबीर सिंह के अनुसार उन्होंने कई बार डेवलपर से संपर्क कर प्लॉट का कब्जा देने की मांग की. हर बार उन्हें जल्द कब्जा मिलने का भरोसा दिया गया, लेकिन स्थिति नहीं बदली.

जनवरी 2015 में उन्होंने लिखित रूप से दोबारा प्लॉट सौंपने की मांग की. इसके बाद भी जब कोई कार्रवाई नहीं हुई तो मार्च 2015 में कानूनी नोटिस भेजकर एक महीने के भीतर कब्जा देने को कहा गया. फिर भी उन्हें प्लॉट नहीं मिला.

आयोग ने डेवलपर की दलील नहीं मानी

मामला दिल्ली राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग पहुंचा. डेवलपर ने दलील दी कि प्रोजेक्ट से जुड़े कुछ रास्तों के विकास में ऐसी परिस्थितियों के कारण देरी हुई, जो उसके नियंत्रण से बाहर थीं. आयोग ने कहा कि डेवलपर इस दावे को साबित करने के लिए पर्याप्त दस्तावेज पेश नहीं कर पाया. ऐसे में आयोग ने सेवा में कमी मानी.

डेवलपर ने यह भी कहा कि शिकायत में देरी हुई है, लेकिन आयोग ने इसे स्वीकार नहीं किया. आयोग ने माना कि कब्जा न देने की स्थिति लगातार बनी रही और 2015 के कानूनी नोटिस के बाद 2016 में दायर शिकायत समय-सीमा के भीतर थी.

वैकल्पिक प्लॉट भी नहीं लिया खरीदार ने

सुनवाई के दौरान समझौते की कोशिश भी हुई. डेवलपर ने रणबीर सिंह को दूसरे प्लॉट का विकल्प दिया, लेकिन उन्होंने इसे स्वीकार नहीं किया. आयोग ने माना कि जब मूल प्लॉट नहीं दिया गया और वैकल्पिक जमीन भी खरीदार को मंजूर नहीं थी, तो जमा रकम वापस करना उचित होगा.

6 प्रतिशत ब्याज के साथ लौटानी होगी रकम

आयोग ने डेवलपर को 37,76,700 रुपये वापस करने का निर्देश दिया है. इस रकम पर भुगतान की संबंधित तारीखों से वास्तविक वापसी तक 6 प्रतिशत सालाना ब्याज देना होगा. इसके अलावा मानसिक परेशानी और उत्पीड़न के लिए 50 हजार रुपये तथा मुकदमे के खर्च के तौर पर 50 हजार रुपये अलग से देने होंगे. कंपनी को यह भुगतान 21 मार्च 2027 तक छह बराबर मासिक किस्तों में करने का समय दिया गया है.

यह भी पढ़ें- टोल पर लगी है लंबी लाइन तो नहीं देना होगा टैक्स? NHAI ने बताया नियम

यह भी देखें-

About the author जेबा परवीन

जेबा परवीन पिछले करीब दो साल से ABP न्यूज़ के डिजिटल विंग में बतौर कंसल्टेंट काम कर रही हैं. इन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत इसी चैनल में एक इंटर्न के रूप में की थी. उनके बेहतरीन काम को देखते हुए चैनल ने उन्हें कंसल्टेंट की ज़िम्मेदारी सौंपी. इन्होंने लंगट सिंह कॉलेज (मुजफ्फरपुर)  से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन (BMC) किया है.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

दिल्ली में वाहन फिटनेस जांच हुई हाईटेक, बुराड़ी में शुरू हुआ ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन
दिल्ली में वाहन फिटनेस जांच हुई हाईटेक, बुराड़ी में शुरू हुआ ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन
गैस सिलेंडर पर सरकार सख्त, फर्जी कनेक्शन बंद, बायोमेट्रिक के बाद ही मिलेगी छूट
गैस सिलेंडर पर सरकार सख्त, फर्जी कनेक्शन बंद, बायोमेट्रिक के बाद ही मिलेगी छूट
छठ पर दिल्ली सरकार की बस से जाना है बिहार, कितना है किराया, कहां-कहां जाएगी?
छठ पर दिल्ली सरकार की बस से जाना है बिहार, कितना है किराया, कहां-कहां जाएगी?
डेथ सर्टिफिकेट को लेकर बड़ा बदलाव, 1 अक्टूबर से लागू होगा नया नियम
डेथ सर्टिफिकेट को लेकर बड़ा बदलाव, 1 अक्टूबर से लागू होगा नया नियम
Advertisement

वीडियोज

Gujarat News | Road Accident: टक्कर से गिरे स्कूटी सवार..मची चीख पुकार | Breaking | ABP News
Parvesh Verma Slap Row: थप्पड़ केस में बुरे फंसे प्रवेश! | AAP | BJP
SIR Controversy: वोट के रखवाले | ABP News
Parvesh Verma Slap Row: दिल्ली के थप्पड़बाज मंत्री की पूरी कहानी! | AAP | BJP | CM Rekha
SIR Controversy | Gyanesh Kumar: Vote Chori या चुनावी मैच फिक्सिंग..CEC पर सबसे सटीक विश्लेषण!
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
हल्के में ले लिया, इजरायली आर्मी की चूक! हमास की वॉर्निंग नजअंदाज करने पर मची थी तबाही
हल्के में ले लिया, इजरायली आर्मी की चूक! हमास की वॉर्निंग नजअंदाज करने पर मची थी तबाही
'मुझे शर्म आती है...', चिराग पासवान ने बिहार की सम्राट सरकार को घेरा
'मुझे शर्म आती है...', चिराग पासवान ने बिहार की सम्राट सरकार को घेरा
हिरासत से छूटने के बाद आशुतोष रांका का पहला रिएक्शन - 'असम पुलिस की...'
हिरासत से छूटने के बाद आशुतोष रांका का पहला रिएक्शन - 'असम पुलिस की...'
विराट कोहली ने बनाए 4 बड़े रिकॉर्ड, फिर भी क्यों नहीं मिला POTM अवार्ड
विराट कोहली ने बनाए 4 बड़े रिकॉर्ड, फिर भी क्यों नहीं मिला POTM अवार्ड
'दृश्यम 3' की एडवांस बुकिंग में बंपर शुरुआत, ओपनिंग डे पर टूटेगा 'स्त्री 2' का रिकॉर्ड?
'दृश्यम 3' की एडवांस बुकिंग में बंपर शुरुआत, ओपनिंग डे पर टूटेगा 'स्त्री 2' का रिकॉर्ड?
यूपी में लखनऊ समेत 43 जिलों में होगी बारिश, जानें कब बदलेगा मौसम?
यूपी में लखनऊ समेत 43 जिलों में होगी बारिश, जानें कब बदलेगा मौसम?
यह है दुनिया का सबसे ठंडा गांव, जानें यहां कैसे रहते हैं लोग?
यह है दुनिया का सबसे ठंडा गांव, जानें यहां कैसे रहते हैं लोग?
IGNOU में नॉन टीचिंग पदों पर भर्ती, जानें डिटेल्स
IGNOU में नॉन टीचिंग पदों पर भर्ती, जानें डिटेल्स
Embed widget