Ratan Tata Death News: अंतिम विदाई में आया 'रतन' का बेहद करीबी 'गोवा', जिसने सभी को भावुक कर दिया
तन टाटा के बाद उनकी विरासत को कौन आगे ले जाएगा। कारोबार को परोपकार से जोड़ने की जो मिसाल उन्होंने पेश की है, वो कितने आगे तक जाएगी?.. 86 साल के रतन टाटा ने कल मुंबई के अस्पताल में अंतिम सांस ली थी। आज पूरे देश ने उन्हें भावुक मन से अंतिम विदाई दी। हांलाकि टाटा को भारत रत्न दिया भी जाता है, तो ये एक औपचारिकता ही होगी।...क्योंंकि पूरा देश मन से मानता है कि वो भारत के रत्न ही थे।..भारत आज जिस बुलंदी पर है, उसमें रतन टाटा की छाप मिट नहीं सकती। रतन टाटा के कारोबार और परोपकार की लिस्ट इतनी लंबी है कि उसे कम शब्दों में नहीं समेटा जा सकता। क्योंकि ये सफ़र देश को एक सुई से लेकर जहाज़ तक देने का है। ..एक छोटी की रील में इसकी झलक देखिये।
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